मुख्य सचिव ने पाइप्ड नेचुरल गैस पाइपलाइन और कनेक्शन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

The Chief Secretary reviewed the progress of work on the piped natural gas pipeline and connections

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में प्रदेश में बिछाई जा रही पाइप्ड नेचुरल गैस पाइपलाइन और कनेक्शन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों, गैस कंपनियों तथा जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सड़क खुदाई की अनुमति मिलते ही पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। विशेष रूप से हरिद्वार जनपद में कुंभ-2027 से पहले पीएनजी से संबंधित सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपदों में सम्बन्धित एजेंसियों को अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जिन क्षेत्रों में नई सड़कें अथवा अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, उनमें पीएनजी पाइपलाइन के प्रावधान को पहले से ही शामिल किया जा सके। इससे भविष्य में बार-बार सड़क खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और समय एवं संसाधनों की बचत होगी।

उन्होंने आपूर्ति विभाग को गैस कंपनियों को पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए भूमि आवंटन, किराये और लीज पर दिए जाने से सम्बन्धित एक स्पष्ट नीति शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न जनपदों में पीएनजी प्लांट एवं अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भूमि हस्तांतरण में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा और कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने रोड़ कटिंग और रोड़ डिगिंग पॉलिसी को भी प्रस्तावित नीति में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को पूर्व स्वरूप में लाने का कार्य भी निर्धारित शर्तों के अनुसार शीघ्र पूरा किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रत्येक एजेंसी विस्तृत टाइमलाइन और टाइमफ्रेम तैयार करे। उन्होंने भारत सरकार की गोवर्धन योजना के तहत उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर अपर सचिव श्रीमती रूचि मोहन रयाल, आयुक्त खाद्य एवं आपूर्ति श्री बी.एल. राणा एवं अपर आयुक्त श्री पी.एस. पांगती सहित जनपदों से जिलाधिकारी एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।