हिन्दू समाज को अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए मां बगलामुखी की शरण लेनी चाहिए : महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज

Hindu society should seek refuge in Goddess Baglamukhi to protect its existence – Mahamandaleshwar Yati Narsinghanand Giri Maharaj

दीपक कुमार त्यागी

  • भादौ की अमावस्या से शिवशक्ति धाम डासना में शुरू हुआ 101 दिवसीय मां बगलामुखी और महादेव का महायज्ञ
  • महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार और महाकाली वाहिनी के सहयोग से करवा रही है यह महानुष्ठान

गाजियाबाद : विश्व प्रसिद्ध प्राचीन शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद में मां बगलामुखी और महादेव का 101 दिवसीय महायज्ञ का 11सितम्बर 2026 आरम्भ हुआ। यह महायज्ञ शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के मार्गदर्शन में उनके उनकी शिष्या महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी ने आयोजित किया है जिसमें प्रमुख भूमिका जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार और महाकाली वाहिनी की है।महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज सम्पूर्ण भारत में घूम घूम कर सनातन धर्म की रक्षा, हिन्दू समाज की रक्षा और सनातन धर्म के शत्रुओं के समूल विनाश के लिए मां बगलामुखी और महादेव का महायज्ञ आयोजित करते हैं और वर्ष में एक बड़ा महा अनुष्ठान प्राचीन शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद में करते हैं।

महायज्ञ का शुभारंभ पुरोहित आचार्य कृष्णा भारद्वाज तथा अन्य विद्वान पंडितों के द्वारा विधिवत मां बगलामुखी और महादेव की पूजा अर्चना से किया गया।

महायज्ञ स्थल पर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने सभी उपस्थित भक्तगणों को बताया कि आज सनातन धर्म, हिन्दू समाज और भारत राष्ट्र एक दम अनाथ हो गया है। विगत चौदह सौ वर्षों से काली शैतानी शक्तियों ने सनातन धर्म को मिटाने को अपना घोषित लक्ष्य बना रखा है। उन्होंने विश्व के अनेक स्थानों से सनातन धर्म और हिन्दू समाज का नामोनिशान मिटा दिया है। अब यह विभाजित भारत सनातन धर्म और हिन्दू समाज की अंतिम शरण स्थली है। अब उनकी गिद्ध दृष्टि हमारी इस अंतिम शरणस्थली पर है। अगर यह भी हमसे छीन ली गई तो सनातन धर्म और हिन्दू समाज जड़ से समाप्त हो जाएगा। सनातन धर्म के समाप्त होने का अर्थ संपूर्ण विश्व से मानवता का सर्वनाश है।

उन्होंने आगे बताया कि सनातन धर्म और हिन्दू समाज के विनाश का दोष इन काली शैतानी शक्तियों को नहीं दिया जा सकता क्योंकि वो तो अपना कार्य कर रही हैं।इसका दोषी हमारा धार्मिक, राजनैतिक, सामाजिक और बौद्धिक नेतृत्व है। परन्तु अब एक दूसरे का दोषारोपण करने का समय नहीं है। अब तो हममें से प्रत्येक को अपने धर्म, अपने परिवार और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए जुट जाना चाहिए ताकि काली शैतानी शक्तियों को जड़ से समाप्त कर दिया जाए।इसके लिए आध्यात्मिक शक्ति और दैवीय सामर्थ्य की आवश्यकता है जो केवल हमें अपने देवाधिदेव भगवान महादेव शिव और जगद्जननी मां जगदम्बा से ही प्राप्त हो सकती हैं। देवाधिदेव भगवान महादेव शिव की शक्ति और जगद्जननी मां जगदम्बा का मां बगलामुखी स्वरूप साधक को शक्ति, विजय और सद्बुद्धि प्रदान करता है। आज सनातन धर्म और हिन्दू समाज को इनकी ही आवश्यकता है। हम इसीलिए सम्पूर्ण हिन्दू समाज को मां बगलामुखी और महादेव की साधना और महायज्ञ के लिए प्रेरित करने का गिलहरी प्रयास कर रहे हैं।

इसके लिए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार और महाकाली वाहिनी को साधुवाद और आशीर्वाद दिया।

उन्होंने श्री महाकाली पीठ हनुमत धाम मुरादनगर की पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी और अन्य सभी दानदाताओं सहित सभी सहयोगियों को भी धन्यवाद और आशीर्वाद ज्ञापित किया। आज महायज्ञ में यति अभयानंद गिरी, मोहित बजरंगी के साथ महाकाली वाहिनी की डॉक्टर संध्या कौशिक, डॉक्टर ममता त्यागी, मधु त्यागी, ज्योति त्यागी, तनु शर्मा, मनोरमा, रचना, गीता आदि उपस्थित रहे।