अमृतसर की गलियों से भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय तक तरुण चुग का संगठनात्मक सफर

Tarun Chugh's organizational journey from the streets of Amritsar to the BJP's national headquarters

रविवार दिल्ली नेटवर्क

चंडीगढ़/नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के संगठन में तरुण चुग का सफर जमीनी कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचने की कहानी है। अमृतसर की गलियों से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय की जिम्मेदारी तक पहुंच चुका है।

चुग पिछले करीब 12 वर्षों से भाजपा में राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय महामंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें लगातार अहम राज्यों और क्षेत्रों की जिम्मेदारियां सौंपीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार के दौरान चुग की भूमिका भी लगातार बढ़ी। उन्हें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा गुजरात जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य के प्रभारी के तौर पर भी उन्होंने संगठन को मजबूत करने का काम किया।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
तरुण चुग की राजनीतिक सक्रियता अमृतसर से शुरू हुई। छात्र राजनीति, युवा मोर्चा और प्रदेश संगठन से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने पार्टी के लिए लगातार काम किया। चुनावी गतिविधियों, जनसभाओं, रोड शो और संगठनात्मक बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सक्रिय उपस्थिति बनी रही।

पार्टी संगठन में उनकी कार्यशैली की खासियत कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर रही है। यही वजह रही कि जिला और प्रदेश स्तर की जिम्मेदारियों के बाद उन्हें राष्ट्रीय संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिलीं।

जिम्मेदारियां बढ़ती गईं, संगठन में मजबूत होती गई पकड़
भाजपा के केंद्रीय संगठन में आने के बाद चुग को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। इसके बाद राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी भी मिली। पार्टी के विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के साथ उन्होंने युवा मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभाईं।

गुजरात के प्रभारी के रूप में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य में संगठन की जिम्मेदारी मिलना पार्टी के भीतर उनके प्रति नेतृत्व के भरोसे को दर्शाता है।

सपने से जिम्मेदारी तक
तरुण चुग की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जिस राष्ट्रीय भाजपा कार्यालय को वह कभी दूर से देखते हुए वहां पहुंचने का सपना देखते थे, आज उसी संगठन के राष्ट्रीय मुख्यालय की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।

अमृतसर से शुरू हुई संगठनात्मक यात्रा जिला और प्रदेश से होते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। पार्टी के भीतर लगातार जिम्मेदारियां मिलने और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहने की उनकी शैली ने उन्हें भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।