दीपक कुमार त्यागी
- समीक्षा बैठक में गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत, बुलन्दशहर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, बदायूं,अमरोहा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रहे शामिल
- आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एडीजी पद्मजा चौहान ने किया रूट का निरीक्षण और सुरक्षा के कड़े निर्देश
गाजियाबाद : आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में यात्रा मार्ग पर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। उसी कड़ी में 22 जुलाई 2026 को पद्मजा चौहान एडीजी अग्निशमन सेवा मुख्यालय के द्वारा गाजियाबाद के वैशाली में स्थित फायर स्टेशन पर आगामी कांवड यात्रा से सम्बन्धित सभी जनपदों गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत बुलन्दशहर, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर बदायूं व अमरोहा के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में से कांवड यात्रा-2026 के सकुशल आयोजन हेतु बिन्दुवार विचार-विमर्श करते हुए एडीजी पद्मजा चौहान ने अग्नि सुरक्षा के सम्बन्ध में की जाने वाली तैयारियों के सम्बन्ध में जानकारी करते हुए सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एडीजी पद्मजा चौहान ने निर्देश दिए कि कांवड यात्रा के दौरान लगने वाले शिविरों मे अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के साथ-साथ शिविर लगाने वाले आयोजकों को अग्नि सुरक्षा के सम्बन्ध मे पूर्ण जानकारी प्रदान करने हेतु निर्देश दिये गये। उन्होंने कांवड यात्रा को अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सकुशल सम्पन्न कराने हेतु अपनाई जाने वाली सावधानियों एवं की जाने वाली सभी कार्यवाही के सम्बन्ध में सभी मुख्य अग्निशमन अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गये।
इस अवसर पर एडीजी पद्मजा चौहान ने फायर स्टेशन वैशाली पर फायर कर्मियों के व्यायाम हेतु बनाये गये व्यायामशाला का लोकार्पण किया गया। साथ ही अग्निशमन इकाई को कविनगर स्वदेशी कम्पाउण्ड इण्ड० द्वारा अग्निकाण्डों की रोकथाम हेतु उपलब्ध कराये गये एक अदद वाटर बाउजर को हरी झण्डी दिखाकर अग्निशमन विभाग को सुपुर्द किया गया। साथ ही जनपद गाजियाबाद व गौतमबुद्वनगर में बहुमंजली भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु निरन्तर बहुमंजली भवनों मे फायर आडिट की कार्यवाही कराते हुए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु उचित दिशा-निर्देश दिये गये। एवं वर्तमान मे होटल, गेस्ट हाउस, एवं कोचिंग सेन्टरों मे अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने एवं ऐसे भवन जिनमे मानको के अनुसार अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नही है, के सम्बन्ध मे भी निरन्तर फायर आडिट की कार्यवाही कराये जाने एवं अग्निकाण्डों पर प्रभावी नियन्त्रण करने हेतु उचित दिशा निर्देश दिये।





