एबीआरएसएम और बीबीएयू के दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला का लखनऊ में शुभारंभ
रविवार दिल्ली नेटवर्क
लखनऊ : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) और बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला का शनिवार को शुभारंभ हुआ। देशभर से आए शिक्षकों, मीडिया समन्वयकों और शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने कार्यशाला में भाग लेकर शिक्षा, मीडिया और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर मंथन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं दूरदर्शन समाचार के पूर्व संपादक अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षक समाज का सबसे प्रभावशाली वर्ग है और वही देश के भविष्य को दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता ऐसी “विजनरी जेनरेशन (Generation V)” तैयार करने की है, जो भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाए। इसके लिए शिक्षकों को केवल कक्षा तक सीमित न रहकर उससे आगे बढ़कर सोचने और विद्यार्थियों में नई दृष्टि विकसित करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच, उद्यमिता और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी शिक्षक का दायित्व है। भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और स्काईरूट एयरोस्पेस जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और नवाचार के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीबीएयू के कुलपति प्रो. आर. के. मित्तल ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार, नैतिक मूल्य और उद्यमशीलता का भी मार्गदर्शन देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं में नवाचार, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित की जाए तो भारत निर्धारित समय से पहले ही विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है।
इससे पूर्व एबीआरएसएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और समाज के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने में मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने शिक्षा को नैतिकता से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि शिक्षक युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन ईमानदारी, चरित्र और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावना के साथ करें। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक मीडिया कौशल से सुसज्जित करना है, ताकि वे शिक्षा जगत की सकारात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचा सकें।
एबीआरएसएम की राष्ट्रीय महामंत्री प्रो. गीता भट्ट ने भी संबोधित करते हुए शिक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाने और सकारात्मक सामाजिक संवाद स्थापित करने में जिम्मेदार संचार की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में एबीआरएसएम के राष्ट्रीय संगठन सचिव महेंद्र कपूर, उप संगठन सचिव जी. लक्ष्मण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनिंदर कुमार सहित विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. गोविंद पांडेय ने किया।
कार्यशाला के पहले दिन रील निर्माण, समाचार लेखन एवं रिपोर्टिंग, प्रभावी मीडिया संचार तथा एबीआरएसएम मीडिया प्रकोष्ठ के उद्देश्य और कार्यप्रणाली पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने डिजिटल और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से शैक्षिक जागरूकता बढ़ाने तथा संगठनात्मक संवाद को सशक्त बनाने के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।





