मेवाड़ (राजस्थान) के सरस्वती-पुत्रों का उत्तर प्रदेश की पावन धरा मथुरा में भव्य अभिनंदन

Grand reception of the 'Sons of Saraswati' from Mewar (Rajasthan) in Mathura, the sacred land of Uttar Pradesh

शशांक त्यागी

बलदेव, मथुरा : सारस्वत ब्राह्मण महासभा, रीड़ा (बलदेव) एवं ब्रज मंडलीय सारस्वत समिति, मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में उदयपुर एवं चित्तौड़ (मेवाड़) से पधारे सारस्वत मनीषियों का भव्य सम्मान एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।

समारोह की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य नत्थीला सारस्वत ने की। मुख्य अतिथि के रूप में महर्षि सारस्वत, अध्यक्ष, सारस्वत विकास समिति, उदयपुर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में महेंद्र सारस्वत, अध्यक्ष, ब्राह्मण महासभा, चित्तौड़ (राजस्थान) ने सहभागिता की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मोक्षानंद गिरी महाराज (मेरठ) तथा ओमप्रकाश सारस्वत, पूर्व राजस्व अधिकारी, सिहोरा ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदा एवं माँ सरस्वती की वंदना से हुआ। इसके उपरांत भारतीय परंपरा के अनुसार सभी माननीय अतिथियों का तिलक, पुष्पमालाओं, पगड़ी, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।

रीना सारस्वत (कोषाध्यक्ष, बलदेव) ने सभी अतिथियों का तिलक कर उनका अभिनंदन किया। अध्यक्ष सुरेशचंद्र सारस्वत ‘फौजी’ ने अतिथियों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। के.के. सारस्वत ने अंगवस्त्र भेंट किए तथा बृज बिहारी सारस्वत ने पुष्पहार पहनाकर सभी अतिथियों का स्वागत किया। समाजसेवी गुड्डू पंडित ने राधा-कृष्ण की मनोहारी छवि भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया। पूर्व राजस्व अधिकारी ओमप्रकाश सारस्वत ने कन्हैया एवं दाऊ बाबा का महाप्रसाद डलिया के रूप में सभी अतिथियों को सादर भेंट किया। स्वागत भाषण पूर्व एनसीसी अधिकारी एवं व्याख्याता ओमप्रकाश सारस्वत ने प्रस्तुत किया।

इस मंगलमय अवसर पर हस्तिनापुर (मेरठ) में निर्माणाधीन महाकाली मंदिर हेतु मोक्षानंद गिरी महाराज को श्रद्धापूर्वक आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया। समाजसेवी गुड्डू पंडित ने ₹11,000 की राशि भेंट की, जबकि सुरेश सारस्वत ‘फौजी’, ओमप्रकाश सारस्वत (हनुमान नगर, मथुरा), पूर्व राजस्व अधिकारी ओमप्रकाश सारस्वत (मथुरा), ओमप्रकाश सारस्वत (चंद्रपुरी, मथुरा), बलदेव सारस्वत (तारापुर), के.के. सारस्वत सहित अन्य समाजबंधुओं ने भी ₹1,100-₹1,100 का सहयोग हर्षपूर्वक प्रदान किया।

मुख्य अतिथि महर्षि सारस्वत ने अपने उद्बोधन में कहा कि बलदेव स्थित सारस्वत सभा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित एवं सशक्त बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संगठन में अपार शक्ति होती है। यदि समस्त सारस्वत समाज संगठित होकर कार्य करेगा तो प्रत्येक सकारात्मक संकल्प अवश्य साकार होगा। उन्होंने समाज की उन्नति, शिक्षा, संगठन एवं सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि उदयपुर का सारस्वत समाज, बलदेव के सारस्वत समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगा। उन्होंने अपने सम्मान के लिए सभी आयोजकों एवं समाजबंधुओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

महेंद्र सारस्वत, अध्यक्ष, ब्राह्मण महासभा, चित्तौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि सारस्वत महासभा, बलदेव को पुरातत्व विभाग से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

पूर्व राजस्व अधिकारी श्री ओमप्रकाश सारस्वत ने कहा कि समाजहित में प्राप्त प्रत्येक मूल्यवान सुझाव को पूरी ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ क्रियान्वित करने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मेवाड़ से पधारे सारस्वत बंधुओं ने मथुरा के वरिष्ठ अधिवक्त ओ.पी. उपाध्याय एवं बृजेश सारस्वत के साथ समाज के सर्वांगीण विकास पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसी अवसर पर ओ.पी. उपाध्याय ने महर्षि सारस्वत का एक विशेष साक्षात्कार भी लिया, जिसका प्रकाशन उदयपुर से किया जाएगा।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे नत्थीला सारस्वत ने समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का संगठित होकर सामना करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर बृज बिहारी सारस्वत, सत्यप्रकाश सारस्वत, कृष्ण कुमार सारस्वत सहित अनेक गणमान्य सारस्वत बंधु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्व व्याख्याता ओमप्रकाश सारस्वत ने किया, जबकि अंत में अध्यक्ष सुरेशचंद्र सारस्वत ‘फौजी’ ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति साधुवाद, धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।