राजस्थान फाउंडेशन, दिल्ली चैप्टर एवं राजस्थानी मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय “तीज महोत्सव

A two-day "Teej Mahotsav" organized under the joint aegis of the Rajasthan Foundation (Delhi Chapter) and the Rajasthani Mitra Mandal

नई दिल्ली का बीकानेर हाउस राजस्थान के रंगों में रंगा

नीति गोपेन्द्र भट्ट

नई दिल्ली: नई दिल्ली के बीकानेर हाउस, आयोजित दस दिवसीय “तीज महोत्सव” में राजस्थान फाउंडेशन, दिल्ली चैप्टर एवं राजस्थानी मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय “तीज महोत्सव” का आयोजन किया गया।

राजस्थान फाउंडेशन, दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष सी.ए. (डॉ.) रामावतार किला के नेतृत्व में आयोजित इस तीज महोत्सव में राजस्थान की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और तीज पर्व के उल्लास को देश की राजधानी नई दिल्ली में जीवंत करते हुए दोनों दिनों तक बीकानेर हाउस राजस्थानी लोक-संगीत, नृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और उत्सवी रंगों से सराबोर रहा।

दो दिवसीय महोत्सव में नई दिल्ली एवं एनसीआर में बसे प्रवासी राजस्थानी एक साझा मंच पर आये जिससे , समाज के बीच आपसी जुड़ाव विशेष रूप से नई पीढ़ी को राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिला। आयोजन को सफल बनाने में राजस्थानी मित्र मंडल की महत्वपूर्ण सहभागिता रही।

महोत्सव के प्रथम दिवस, दिल्ली में राजस्थान सरकार के मुख्य आवासीय आयुक्त रोहित कुमार (आईएएस) की गरिमामयी उपस्थिति रही। रोहित कुमार और डॉ.रामावतार किला ने उपस्थित लोगों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकजुटता तथा अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया और राजस्थानी समाज को आपसी संपर्क एवं सहभागिता बढ़ाने तथा अपनी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

इस मौके पर राजस्थानी अकादमी के अध्यक्ष गौरव गुप्ता , राजस्थान संस्था संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के.के. नरेडा प्रवासी राज अग्रवाल, विमल खंडेलवाल, तथा सी.ए. विनोद किला भी उपस्थित थे ।

इस अवसर पर राजस्थान की लोक-संस्कृति और तीज पर्व पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का क्रम प्रारंभ हुआ। तीज एवं लोकप्रिय राजस्थानी गीतों पर एकल एवं युगल प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राजस्थान की मिट्टी, संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ा। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सुशीला किला एवं अनिता किला जी की भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी गायन प्रस्तुति रही। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया तथा दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

महोत्सव के दूसरे दिन राजस्थान संस्था संघ के अध्यक्ष नवरतन अग्रवाल बीकानेरवाला , एसीपी देवेंद्र सैनी, डॉ गौरव गुप्ता , अनमोल अग्रवाल, हरमीत लाल सिंह, अभिषेक जैन, श्याम सुंदर अग्रवाल तथा श्री अनुज अग्रवाल की विशेष उपस्थिति रही।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में तेजस धाकड़ की ने अपनी गायन प्रस्तुति से प्रभाव छोड़ा । इसके पश्चात सुशीला किला ने एकल गायन प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में विशेष रंग भरा। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा और पूरे वातावरण में उत्साह एवं आत्मीयता का संचार हुआ।इसके बाद मुद्रा स्टूडियो के नन्हे बच्चों ने आकर्षक एवं मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम के अगले चरण में राजस्थान फाउंडेशन, दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष सी.ए. (डॉ.) रामावतार किला द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। उन्होंने बच्चों, कलाकारों एवं प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए राजस्थान की कला, संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में नई पीढ़ी की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

किला ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर और पहचान है। ऐसे आयोजन दिल्ली एवं आसपास बसे राजस्थानियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी तक राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने राजस्थानी समाज के बीच आपसी संपर्क, सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया।

दोनों दिनों के दौरान लोकसंगीत, गायन, नृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बीकानेर हाउस राजस्थान के रंगों में रंगा नजर आया। बच्चों, युवाओं, वरिष्ठजनों एवं परिवारों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने महोत्सव को जीवंत और यादगार बनाया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों, आयोजकों, कलाकारों एवं प्रतिभागियों के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया। इसी के साथ दो दिवसीय तीज महोत्सव का उल्लासपूर्ण एवं सफल समापन हुआ।

राजस्थान फाउंडेशन, दिल्ली चैप्टर एवं राजस्थानी मित्र मंडल के संयुक्त प्रयासों से आयोजित यह दो दिवसीय “तीज महोत्सव” राजस्थान की लोक-संस्कृति, संगीत, परंपरा, सामाजिक एकता और पारिवारिक सहभागिता का सुंदर संगम बना तथा बीकानेर हाउस में राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत करने में सफल रहा ।