कलश यात्रा में हजारों माताओं-बहनों ने लिया भाग
दीपक कुमार त्यागी
मोदीनगर, गाजियाबाद : सिद्धपीठ श्री टिक्की वाले बाबा मंदिर, तलहेटा में आयोजित होने वाले 9 दिवसीय माँ पीताम्बरा बगलामुखी महायज्ञ के शुभारंभ से एक दिन पूर्व रविवार को भव्य एवं दिव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में तलहेटा एवं आसपास के क्षेत्रों से आईं हजारों माताओं एवं बहनों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित होने वाले इस महायज्ञ की तैयारियों के क्रम में निकाली गई कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।
कलश यात्रा के दौरान “जय माँ बगलामुखी” “हर-हर महादेव” ओर टिक्की वाले बाबा की जय के जयघोष से पूरा तलहेटा गूंज उठा।
कलश यात्रा तलहेटा के प्राचीन बड़े मंदिर से प्रारंभ होकर सिद्धपीठ श्री टिक्की वाले बाबा मंदिर पहुंची, जहां विधिवत रूप से यात्रा का समापन हुआ। यात्रा का शुभारंभ गाँव के प्रबुद्ध एवं सम्मानित जनों की उपस्थिति में यज्ञाचार्य श्रीमहंत यति रणसिंहानंद गिरी महाराज, यति रामस्वरूपानंद गिरी महाराज एवं यति धर्मानंद गिरी महाराज द्वारा पुष्पवर्षा कर किया गया।
कलश यात्रा में महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर श्रद्धा और आस्था के साथ सहभागिता की। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा की गई तथा जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
मंदिर के महंत एवं यज्ञाचार्य श्रीमहंत यति रणसिंहानंद गिरी महाराज ने बताया कि माँ पीताम्बरा बगलामुखी महायज्ञ 14 सितम्बर से 22 सितम्बर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। महायज्ञ में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक तथा सायं 7 बजे से 9 बजे तक विधि-विधानपूर्वक यज्ञ एवं आहुतियां संपन्न होंगी। उन्होंने बताया कि 22 सितम्बर को प्रातः 10 बजे महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी तथा इसके पश्चात प्रातः 11 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यति रणसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि यह महायज्ञ समस्त सनातनियों को सद्बुद्धि, विवेक एवं साहस की प्राप्ति, सनातनी परिवारों की रक्षा, सनातन धर्म के उत्थान एवं संरक्षण तथा अधर्म, अन्याय और नकारात्मक शक्तियों के शमन के संकल्प के साथ आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने समस्त सनातन समाज से महायज्ञ में सहभागी बनकर माँ पीताम्बरा बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा धर्म एवं समाज के कल्याण के इस आध्यात्मिक संकल्प में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों के साथ श्रद्धालु, संत-महात्मा, ग्रामीण, प्रबुद्धजन एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





