शिवशक्ति धाम डासना में बुर्का और इस्लाम त्याग कर सनातनी हुई कांवड़ लाने वाली शेरनियां

'Lionesses' who brought the Kanwar—having renounced the burqa and Islam—embrace the Sanatani faith at Shivshakti Dham, Dasna

  • सम्पूर्ण विश्व में चालीस प्रतिशत मुसलमान इस्लाम छोड़ चुके हैं – महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी
  • महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज और जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार ने किया भव्य स्वागत
  • हवन यज्ञ और रुद्राभिषेक करके सनातन में आई तीनों भोली

रविवार दिल्ली नेटवर्क

गाजियाबाद : बुर्का पहन कर हरिद्वार से कांवड़ लाने वाली तीनों मुस्लिम भोलियों पर जगदम्बा महाकाली डासना वाली और देवाधिदेव भगवान महादेव शिव की कृपा हुई और उन्होंने शिवशक्ति धाम डासना में बुर्के और इस्लाम का हमेशा के लिए त्याग कर दिया। हवन यज्ञ और रुद्राभिषेक के द्वारा ये तीनों भोली सनातन धर्म में प्रविष्ट हुई और उन्होंने संपूर्ण जीवन इस्लामिक जिहाद और गंदगी से संघर्ष करने का प्रण लिया।

शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार के साथ उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें सही मार्ग अपनाने के लिए आशीर्वाद दिया।

स्वागत करने वालों में महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी, यति अभयानंद गिरी, यति महादेवानंद गिरी, अनिल यादव, शशि चौहान, मोहित बजरंगी, हरिओम सिंह, रामभारत यादव, अमन त्यागी तथा अन्य भक्तगण उपस्थित थे।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि मां और महादेव की कृपा से यह बहुत पुनीत और पवित्र कार्य आज सम्पन्न हुआ है। इन महाकाली की बेटियों ने उस माफिया को चुनौती दी है जिसने पिछले चौदह सौ वर्षों में ना जाने कितने साम्राज्य धूल धूसरित कर दिए। अब तो राजनैतिक समर्थन के कारण यह माफिया हर उस आवाज को मिटाने का प्रयास कर रहा है, जो उनके गिरोह के नियमों को सही नहीं मानता। उनके इस अत्याचार और अन्याय के सामने सम्पूर्ण विश्व एकदम दयनीय समर्पण की स्थिति में दिखाई दे रहा है। अब आशा की किरण केवल उन दिलेरो से है जो इस माफिया को छोड़कर इसकी सच्चाई दुनिया को बता रहे हैं। इनकी संख्या कोई कम नहीं है। दो सौ करोड़ सदस्यों वाले इस माफिया के लगभग 40 प्रतिशत लोग इस माफिया को छोड़ चुके हैं परन्तु इस माफिया के डर के कारण वो सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार नहीं करते परंतु अब बहुत से दिलेर इस मार्ग पर चल दिए हैं और अब खुल कर इस माफिया का सच सारी दुनिया को बता रहे हैं। आज इन तीन शेरनियों ने इस कार्य को नेक्स्ट लेबल तक पहुंचा दिया है। इसके लिए ये तीनों और इनके सभी साथी बधाई के पात्र हैं। तमन्ना मलिक से आज अपना नाम गायत्री त्यागी रख लिया है।