टीएमयू सीटीएलडी के सामर्थ्य बोध में 25 स्टुडेंट्स को मॉक ऑफर लेटर

Mock offer letters to 25 students at TMU CTLD's Capacity Building

रविवार दिल्ली नेटवर्क

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट- सीटीएलडी की ओर से विशेष मॉक रिक्रूटमेंट ड्राइव- सामर्थ्य बोध 4.0

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट- सीटीएलडी की ओर से विशेष मॉक रिक्रूटमेंट ड्राइव- सामर्थ्य बोध 4.0 में चयनित 25 स्टुडेंट्स को मॉक ऑफर लेटर दिए गए। इनमें 5 छात्रों को 10 एलपीए, 8 छात्रों को 6 एवम् 12 छात्रों को 4 एलपीए पैकेज पर मॉक चयन हुआ। मॉक रिक्रूटमेंट ड्राइव के प्रथम चरण में लिखित मूल्यांकन परीक्षा में एप्टीट्यूड, रीजनिंग, वर्बल एबिलिटी, आईसीटी स्किल्स एवम् तकनीकी विषयों से संबंधित प्रश्न शामिल रहे। इसमें 265 स्टुडेंट्स ने भाग लिया और 77 स्टुडेंट्स ने इसे उत्तीर्ण कर ग्रुप डिस्कशन के लिए क्वालीफाई किया। ग्रुप डिस्कशन में विचारों की स्पष्टता, नेतृत्व क्षमता और संचार कौशल का मूल्यांकन किया गया। 50 स्टुडेंट्स ने यह चरण पार किया और उन्हें तकनीकी एवम् एचआर इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया गया। अंतिम चरण में तकनीकी और एचआर पैनल ने उम्मीदवारों का गहन मूल्यांकन के बाद 25 स्टुडेंट्स को मॉक जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए गए, जिससे उनके आत्मविश्वास और प्लेसमेंट तैयारी को नई दिशा मिली। इससे पूर्व टीएमयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने बतौर मुख्य अतिथि, सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. पंकज कुमार सिंह, लिटवर्क, हैदराबाद के डायरेक्टर श्री विनय सिंह आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके सामर्थ्य बोध 4.0 का मेडिकल एलटी-3 में शंखनाद किया। विशेष मॉक रिक्रूटमेंट ड्राइव में बीटेक प्री-फाइनल ईयर और एमसीए फाइनल ईयर के स्टुडेंट्स की प्लेसमेंट रेडीनेस को परखने के लिए आयोजित की गई।

मुख्य अतिथि डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने कहा, वर्तमान समय में शिक्षण के साथ-साथ कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्टुडेंट्स के करियर निर्माण में साक्षात्कार कौशल और व्यावसायिक संवाद के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। लिटवर्क, हैदराबाद के डायरेक्टर श्री विनय सिंह ने उद्योग की अपेक्षाओं, इंटरव्यू रणनीतियों और रोजगार कौशलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा, आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्किल्स, एटीट्यूड और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास, स्पष्ट संप्रेषण और समस्या समाधान क्षमता पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हुए उद्योग जगत की वास्तविक अपेक्षाओं से अवगत कराया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने कहा, सामर्थ्य बोध जैसे आयोजन स्टुडेंट्स को इंडस्ट्री रेडी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पहल स्टुडेंट्स के आत्मविश्वास को बढ़ाने और वास्तविक प्लेसमेंट प्रक्रिया को समझने का बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. पंकज कुमार सिंह ने कहा, यह आयोजन स्टुडेंट्स के कौशल को और अधिक निखारने का अवसर देता है। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर श्री अनंत भारद्वाज, ट्रेनर्स- श्रीमती ऋतु राजन, श्री विजय कुमार, श्री गोपाल कृष्ण मिश्रा आदि मौजूद रहे।