विश्व सिंधी हिंदू फाउंडेशन ऑफ एसोसिएशंस का मुंबई में प्रथम महाधिवेशन एवं यूथ सम्मेलन

First General Conference and Youth Conference of Vishwa Sindhi Hindu Foundation of Associations in Mumbai

युवा एआई के साथ कल्चरल इंटेलिजेंस और व्यक्तित्व विकास की अवधारणा को अपनाएं – विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी

मुंबई/जयपुर : राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बुधवार को मुंबई में आयोजित सिंधी हिंदू फाउंडेशन ऑफ एसोसिएशंस के प्रथम महाधिवेशन एवं यूथ सम्मेलन को संबोधित करते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के वर्तमान युग में कल्चरल इंटेलिजेंस और व्यक्तित्व विकास की अवधारणा को अपनाएँ । उन्होंने कहा कि ज्ञान और कौशल के साथ संस्कार का त्रिवेणी संयोग विकसित भारत 2047 का मजबूत आधार बनेगा।

देवनानी ने कहा कि मुंबई में ‘वर्ल्ड यूथ सेमिनार 2026’ की तैयारियों के दौरान युवा सशक्तिकरण, तकनीकी प्रगति और भारतीय संस्कृति के संतुलन पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने सिंधी समाज की एकता पर विशेष जोर दिया एवं कहा कि सिंधी समाज सदैव एकजुट रहा है और इसी एकता में उसकी सबसे बड़ी शक्ति निहित है।

विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने कहा कि आधुनिक युग में केवल तकनीकी कौशल पर्याप्त नहीं हैं। युवाओं को तकनीक में तो आधुनिक लेकिन आत्मा से भारतीय बनना होगा। उन्होंने कहा कि आज के युग में प्रोफेशनल ट्रेनिंग, नवाचार, स्वरोजगार और डिजिटल स्किल्स पर फोकस होना बेहद ज़रूरी है लेकिन इसके साथ ही युवाओं को व्यक्तित्व विकास (सोल डेवलपमेंट), चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों , आध्यात्मिक विकास और सकारात्मक सोच पर भी बल देना ज़रूरी है ।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाम कल्चरल इंटेलिजेंस

देवनानी ने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई )मशीनों को स्मार्ट बना सकता है, लेकिन सांस्कृतिक बुद्धिमत्ता, संवेदना, नैतिकता और भारतीय दर्शन ही मानवता को नई दिशा देने में सक्षम है । उन्होंने युवाओं से कहा कि “मशीनें काम कर लेंगी, लेकिन दिल और आत्मा का विकास मानव को एक विशिष्ट व्यक्तित्व वाला बनाएगा।उन्होंने कहा कि युवाओं को भारत के कालजयी ग्रंथों रामायण और गीता के साथ ही अपनी सनातन परंपराओं का अध्ययन भी करना चाहिए, क्योंकि इनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जीवन मूल्य दोनों समाहित हैं।

विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने युवाओं से अपील की कि वे जातिवाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर “राष्ट्र प्रथम” की भावना को अपनाएं।साथ ही वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर चलें और सहनशील एवं शिक्षित बनें तथा मूल्य-आधारित राजनीति में भाग लें। दूसरों को गिराकर आगे न बढ़ें तथा सकारात्मक और निर्मल राजनीति का रास्ता चुनें और नेटवर्किंग, नॉलेज शेयरिंग एवं वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहें।उन्होंने युवाओं की नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और पॉलिटिक्स में सकारात्मक भूमिका और पार्टिशन की मानसिकता से मुक्ति पर विशेष चर्चा की।

स्पीकर देवनानी ने सिंधी युवाओं को विशेष संदेश देते हुए कहा कि सिंधी युवा भारत की अखंडता और एकता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आज का युवा देश की प्रगति, अखंडता और सामाजिक सद्भाव का आधार स्तंभ है। वे अपने ज्ञान, कौशल, समर्पण और राष्ट्रप्रेम से राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (आयुष्मान भारत, स्टार्टअप इंडिया, शिक्षा, रोजगार एवं किसान कल्याण) की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा ये योजनाएं सिंधी समुदाय सहित पूरे देश को सशक्त बना रही हैं। सिंधी समाज के युवा, बुजुर्ग और गणमान्य व्यक्तियों को उन्होंने ‘जिये सिंध, वदे हिंद, का नारा दिया जिससे पूरा माहौल गूंजायमान हो गया।

देवनानी ने इस अवसर पर सिन्धी समाज के गणमान्य व्यक्तियों को शॉल, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए गए।

समारोह में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, विश्व सिंधी हिंदू फाउंडेशन ऑफ एसोसिएशंस के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. गुरमुख जगवानी , डॉ. पीतांबर धलवानी (नेशनल ट्रेजरर), सतेन्द्र कुमार भावनानी (जॉइंट ट्रेजरर), भारत दुदानी (सीए ), किशोर कुमार पारवानी (सेक्रेटरी), डॉ. राजू वी. मनवानी (नेशनल जनरल सेक्रेटरी), हीरालाल लोखचंदानी (जॉइंट सेक्रेटरी), कुमार लीलानी, वीरेंद्र कुकरेजा, दिलीप लखानी, राजू खेतवानी, डॉ. पहुझा, निर्मला वाधवानी, महेश मालकानी एवं एस. कुमार सहित बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ, तोरानी, पलक मुच्छल, मिथुन, रेमो डिसूजा और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान स्पीकर वासुदेव देवनानी का अभिनेता से रोचक संवाद भी हुआ। जैकी श्रॉफ ने उन्हें बताया कि , “मैं देश में हरियाली बिछा रहा हूँ।” इस प्रेरणादायक संवाद पर उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियाँ बजाईं।