शशांक त्यागी
नगला गढ़ (मांट) : उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में लगभग एक वर्ष से भी कम का समय होने के चलते अब राजनीतिक दलों में पार्टी संगठन को चुस्त-दुरुस्त करते हुए मतदाता पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए धरातल पर मेहनत चल रही है। उसी कड़ी में एनडीए के घटक दल राष्ट्रीय लोकदल भी लगा हुआ है, वैसे पार्टी के मुखिया जयंत चौधरी ने अपनी मेहनत के दम पर किसानों व नौजवानों के बीच विशिष्ट पहचान बनाने का कार्य बखूबी किया है, देश के राजनीतिक गलियारों में जयंत चौधरी किसानों व नौजवानों की सशक्त आवाज़ बन चुके हैं। इसकी एक बानगी 17 जून 2026 को मांट विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नगला गढ़ में आयोजित विशाल जनसभा में देखने को मिली। मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर जयंती समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर देश की सर्वश्रेष्ठ शासकों में से एक थीं। उन्होंने न्यायपूर्ण शासन, जनकल्याण, महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा के क्षेत्र में ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि महिलाओं को समाज में सम्मान और नेतृत्व का उचित स्थान मिलना चाहिए।
जयंत चौधरी ने कहा कि मथुरा से उनका विशेष लगाव रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए जो भी संभव होगा, वह पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का लाभ आने वाले समय में मथुरा सहित पूरे ब्रज क्षेत्र को मिलेगा, जिससे रोजगार, पर्यटन और व्यापार को नई गति प्राप्त होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों के विकास के लिए आधुनिक तकनीक और नई कृषि जानकारी अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आज राष्ट्रीय लोकदल के मंच से किसानों तक नई तकनीकी जानकारी पहुंचाने की शुरुआत की गई है, जिसे आगे और व्यापक स्तर पर बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री, किसान मसीहा एवं स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह जी की नीतियों के कारण आज किसान केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं के केंद्र में है। सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याएं सुनें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
चौधरी जयंत सिंह ने वर्ष 2009 में मथुरा कलेक्ट्रेट पर धनगर समाज के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय धनगर समाज पर हुए अत्याचार के विरुद्ध बड़े स्तर पर आंदोलन हुआ था, जिसमें स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह स्वयं शामिल हुए थे। उस संघर्ष के परिणामस्वरूप धनगर समाज को न्याय और कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त हुईं।
जयंत चौधरी ने कहा कि जनता के आशीर्वाद और विश्वास के कारण ही उन्हें देश की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान केवल आंदोलन नहीं होता, बल्कि संवाद और सकारात्मक बातचीत के माध्यम से भी रास्ते निकाले जा सकते हैं।
जयंत चौधरी ने संबोधन में कहा कि छाता शुगर मिल को पुनः संचालित करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पुराने गन्ना कानून में संशोधन का एक प्रस्ताव लाया गया था, जिससे उत्तर प्रदेश के गुड़ एवं खांडसारी उद्योग को भारी नुकसान होता और अनेक इकाइयों के बंद होने का खतरा पैदा हो जाता। लेकिन किसानों, उद्योग से जुड़े लोगों एवं विभिन्न संगठनों के सुझावों को स्वीकार करते हुए सरकार ने वह प्रस्ताव वापस ले लिया। उन्होंने महिलाओं को समाज और राजनीति में अधिक से अधिक भागीदारी देने पर बल देते हुए कहा कि उन्हें सम्मान और अवसर मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने ब्रज क्षेत्र की सामाजिक समरसता का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रज की पहचान प्रेम, भाईचारे और सौहार्द की संस्कृति है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना होगा।
जयंत चौधरी ने कहा कि राजनीति में स्वच्छ छवि, ईमानदार और समाजहित में कार्य करने वाले लोगों को आगे लाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) जितना मजबूत होगा, उतनी ही मजबूती से चौधरी चरण सिंह की विचारधारा आगे बढ़ेगी और राष्ट्रीय लोकदल भी निरंतर मजबूत होगा। इस अवसर पर जनसभा में जयंत चौधरी के राजनीतिक सलाहकार बीरपाल मलिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जनसभा उपस्थित सभी लोगों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।





