लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन में रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों को किया संबोधित

Lok Sabha Speaker Om Birla addressed representatives of Ramlila committees at the Parliament House

दीपक कुमार त्यागी

नई दिल्ली : श्री रामलीला महासंघ के नेतृत्व में दिल्ली की रामलीलाओं का एक प्रतिनिधि मंडल संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिला। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहां की दिल्ली में राम लीलाएं प्राचीन काल से चली आ रही हैं दिल्ली में सभी एजेंसियां फ्री ग्राउंड देती हैं, दिल्ली विकास प्राधिकरण भी अपने ग्राउंड रामलीलाओं के लिए निशुल्क दे तथा रामलीलाओं को फ्री बिजली प्रदान की जाए।

इस अवसर पर ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष का रामलीला महासंघ की और से अर्जुन कुमार एवं सुभाष गोयल ने गदा एवं रामायण की प्रति भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर आए हुए सभी प्रतिनिधियों को लोकसभा, राज्यसभा का अवलोकन करवाया गया।

आज संसद भवन में देश की विभिन्न रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर आयोजित की गई। बैठक में चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मीटिंग में श्री रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार तथा महामंत्री सुभाष गोयल भी शामिल हुए।

अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि रामलीला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही रामलीला की परंपरा ने भारतीय समाज को मर्यादा, कर्तव्य, त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया है तथा इसका संरक्षण और निरंतरता सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

ओम बिरला ने कहा कि देशभर की रामलीला समितियाँ भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। इन समितियों ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक आयोजनों को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए नवाचार, तकनीक और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रामलीला सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर यह आयोजन भारतीय जीवन दर्शन की व्यापकता और समावेशी भावना को सुदृढ़ करता है।

बैठक में उपस्थित रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए तथा रामलीला के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, “रामलीला भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत उत्सव है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कारों और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतिबिंब है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा रामलीला समितियों को संसद भवन में आमंत्रित कर संवाद स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रामलीला समितियाँ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर की संरक्षक हैं और इनके माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह गौरवशाली परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक सशक्त रूप में पहुंचे।”

प्रवीन खंडेलवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि ओम बिरला के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में देशभर की रामलीला समितियों को नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त होगी तथा भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।