नवनीत और दीपिका को मैदानी गोल करने के साथ पेनल्टी कॉर्नर भुनाने होंगे
सत्येन्द्र पाल सिंह
एम्सतलवीन (नीदरलैंड) : सलीमा टेटे की अगुआई में भारत गजब के तालमेल के साथ खेलते हुए दक्षिण अफ्रीका पर यहां वेगनर स्टेडियम में 6-1 की धमाकेदार जीत के साथ चीन की तरह दो मैचों से चार अंकों के साथ 16 वें एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में पूल डी में शीर्ष पर पहुंच गया है। भारत की दक्षिण अफ्रीका पर जीत में सुनीलिता टोपो, नवनीत कौर, सुशीला चानू पुखरंबम, दीपिका सहरावत, ललरेमसियामी और साक्षी राणा सहित छह अलग अलग खिलाड़ियों को मंगलवार को उसकी छह अलग अलग खिलाड़ियों ने मंगलवार को केसरिया जर्सी पहन कर एक एक गोल किया। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास है कि 200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय मैचों से ज्यादा मैच खेल चुकी आधा दर्जन खिलाड़ियों के साथ उसकी 11 खिलाड़ी पहली बार महिला हॉकी विश्व कप जैसे सबसे बड़े मंच पर पहली बार खेल रही है।
भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच शुएर्ड मराइन अपनी टीम की दक्षिण अफ्रीका पर बड़ी जीत से खुश हैं लेकिन टीम को इंग्लैंड के खिलाफ चौकस रहने को कहा है। भारतीय महिला हॉकी टीम को इंग्लैंड पर बृहस्पतिवार को यहां पूल डी आखिरी और बेहद अहम मैच में जीत के लिए वेगनर स्टेडियम में बेहतर तालमेल से खेलने के साथ अपने किले की मजबूत चौकसी करने की जरूरत है। भारत के इंग्लैंड के खिलाफ अहम मैच जीतना जरूरी है क्योंकि इसमें जरा सी गलती से टीम अर्श से फर्श पर आ सकती है। भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए मंगलवार को अर्जुन पुरस्कार से नवाजी गई मिजोरम की बेहतरीन स्ट्राइकर ललरेमसियामी, अनुभवी नवनीत कौर, ऑलराउंडर दीपिका सहरावत, अनुभवी मिडफील्डर नेहा गोयल व खुद कप्तान सलीमा टेटे , सदाबहार फुलबैक सुशीला चानू पुखरंबम और गोलरक्षक सविता पूनिया ने जिस तरह का बढ़िया तालमेल दिखाया वैसा ही इंग्लैंड के खिलाफ जीत के लिए दोहराना होना। भारत के लिए सुखद यह है कि अग्रिम पंक्ति में अनुभवी नवनीत कौर, ललरेमसियामी, दीपिका सहरावत के साथ बलजीत कौर,सुनीलिता टोपो व ऋतुजा डडासो पिसल भी सही तालमेल से खेल रही है। भारत की खुशकिस्मती है कि उसकी दोनों स्टार स्ट्राइकर नवनीत कौर और दीपिका सहरावत मैदानी गोल करने में सक्षम हैं ही पेनल्टी कॉर्नर में अपने अलग अलग अंदाज में गोल करने का कौशल खूब जानती हैं। इंग्लैंड के खिलाफ भी नवनीत और दीपिका सहरावत को मैदानी गोल करने के साथ पेनल्टी कॉर्नर बनाने और भुनाने होंगे।
यह भी एक कड़वी हकीकत है कि जीत में टीम की सब गलतियां छुप जाती हैं। भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने अपनी टीम को स्ट्रक्चर से खेल कर प्रोसेस का पालन करने को कहा है। भारत को इंग्लैंड के जवाबी हमलों से चौकस रहने की जरूरत होगी। इंग्लैंड ने चीन के खिलाफ 0-4 से पिछड़ने के बाद पलटवार कर जिस तरह आखिर के पांच मिनट में पलटवार कर दो गोल उतारे उससे भारत के लिए सबक यह है कि उसके खिलाफ आखिर तक भी जरा सी भी ढील भारी पड़ सकती है। भारत की मध्यपंक्ति में कप्तान सलीमा टेटे, निकी प्रधान और नेहा गोयल के साथ साक्षी राणा और सुशीला चानू, इशिका चौधरी को इंग्लैंड के हमलों को अपनी 25 गज की रेखा से बाहर ही रोकना होगा। भारत को खासतौर पर उसकी अब तक शुरू के दो मैचों में दो दो गोल कर चुकी स्ट्राइकर सोफी हैमिल्टन और टिसा हॉवर्ड की वूमैन टू वूमैन मार्किंग करनी होगी क्योंकि ये दोनों रक्षापंक्ति को छका एक बार आगे निकलीं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा। भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन का यह कहना एकदम सही है कि चीन की इंग्लैंड पर 4-2 की जीत का स्कोर मैच कितना संघर्षपूर्ण रहा इसकी सही तस्वीर बयां नहीं करता है।
हम इंग्लैंड के खिलाफ बेहतर ढंग से तैयार : शुएर्ड मराइन
भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन कहते हैं, ‘ मैं अपनी टीम की दक्षिण अफ्रीका पर छह गोल से जीत से खुश हूं। मेरा नजरिया आलोचनात्मक रहता है। आप इस सोच से और बेहतर करने की सोच सकते हैं। मेरा मंत्र यही है कि प्रोसेस जितना बढ़िया होगा, नतीजे उतने बेहतर होंगे। हमें अगले दौर में पहुंचने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ मैच में जीत बेहद जरूरी है।अब हम इंग्लैंड के खिलाफ बेहतर ढंग से तैयार हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मैच में जीत के लिए हमारी टीम की हर लड़की को अपना पूरा सौ फीसदी देना होगा। भारतीय हॉकी खिलाड़ियों को बेशक ड्रिब्लिंग और डॉज मार कर प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को छकाना यानी हॉकी की कलाकारी पसंद है। आज के नए जमाने की हॉकी में आपको गेंद को बराबर एक दूसरे को पास करा आगे बढ़ाने की जरूरत है। हमें इंग्लैंड के खिलाफ जीत और दूसरे चरण में पहुंचने के लिए बेहतर पासिंग करनी होगी। दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी मंगलवार को कई बार भारत की रक्षापंक्ति को जगह डी में घुसी। हमें इंग्लैंड के खिलाफ अपने किले की मजबूत चौकसी करनी होगी। अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में आज कामयाबी के लिए जरूरी है, पासिंग, पासिंग यानी आपके पास गेंद आए तो आप उसके साथ कदमताल कर बराबर आगे पहुंचा कर प्रतिद्वंद्वी के किले में सेंध लगाए। हम विश्व कप से पहले नीदरलैंड और जर्मनी जैसी अलग अलग शैलियों से खेलने वाली टीमों के खिलाफ खेल कर बहुत कुछ सीखा। जर्मनी की टीम बहुत ही धैर्य से खेलती है और उसके खिलाफ टीम को उसी तरह का धैर्य दिखाना होगा। हम इस साल इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच खेले और 0-2 से हार झेलनी पड़ी थी। जहां तक इशिका चौधरी की बात है तो यह गंभीर नहीं लगती। मैं उम्मीद करती हूं कि वह इंग्लैंड के खिलाफ मैच के लिए फिट होंगी।
बृहस्पतिवार : भारत वि. इंग्लैंड (शाम साढ़े छह बजे से, भारतीय समयानुसार)।





