चीनी की स्टॉक होल्डिंग पर सरकार सख्त, एक महीने में दामों में भारी तेजी

Government gets tough on sugar stockholding; prices surge sharply in a month

रविवार दिल्ली नेटवर्क

नई दिल्ली : देश में चीनी के दामों में पिछले एक महीने के दौरान भारी तेजी देखने को मिली है। घरेलू बाजार में चीनी की कीमत करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है और आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की आशंका है।

बाजार में तेजी के बीच स्टॉक होल्डिंग भी बड़ा मुद्दा बन गई है। सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा घटाकर 15 दिन कर दी है। इससे पहले डीलरों के लिए भी स्टॉक सीमा तय की जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य जमाखोरी पर रोक लगाकर बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है।

व्यापारियों के अनुसार, आने वाले गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने वाली है। इसी वजह से बाजार में आगे भी कीमतों में तेजी की आशंका बनी हुई है। कुछ थोक खरीदार भविष्य में कमी की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त माल रखने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, चीनी की मौजूदा तेजी को केवल एथनॉल उत्पादन से जोड़ना सही नहीं होगा। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एथनॉल के लिए चीनी का डायवर्जन पिछले वर्षों की तुलना में घटा है। सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन भी शुरुआती अनुमान से कम रहने की संभावना है, जबकि खराब मौसम और बढ़ती घरेलू मांग ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है।

सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति भी दी है। इसके अलावा स्टॉक होल्डिंग पर निगरानी बढ़ाई गई है। चीनी के दाम एक महीने पहले 45 रू प्रति किलो थे वह 65 रू किलो के आस पास पहुँच गए है।

बाजार में सवाल यही है कि स्टॉक होल्डिंग पर सख्ती और आयात के बावजूद आने वाले त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतें किस स्तर तक जाती हैं।