​ब्रज लोक रस पुस्तक का हुआ लोकार्पण, ब्रज की लोक गाथाओं से रूबरू कराएगी पुस्तक

'Braj Lok Ras' book launched; the book will introduce readers to the folk tales of Braj

रविवार दिल्ली नेटवर्क

मथुरा : ब्रज संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सावन के आखिरी सोमवार को ठाकुर श्री राधा रमण महाराज जी मंदिर, गढी हयातपुर, मथुरा परिसर में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में मन्दिर प्रबन्ध समिति के सचिव समाजसेवी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता ओ.पी. उपाध्याय के कर-कमलों द्वारा पुस्तक ‘ब्रज लोक रस’ का लोकार्पण किया गया।

​इस पुस्तक के लेखक चौधरी ओमप्रकाश डागुर हैं, जो बृज में लोक गायक, संगीताचार्य के रूप में जाने जाते हैं। इन्हें सन 2024 में बृज गौरव रत्न से सम्मानित किया गया, एवं 2025 में लोक कला मर्मज्ञ से सम्मानित किया जा चुका है। उक्त दक्षताओं के लिए मथुरा की सांसद हेमा मालिनी , पदमश्री अनूप जलोटा, अनेकों विधायकों एवं उत्तर प्रदेश बृज तीर्थ विकास परिषद द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। डागुर जी ने गहन शोध और समर्पण के साथ ब्रज की समृद्ध लोक गाथाओं को इस पुस्तक में संकलित किया है। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता ओमप्रकाश सारस्वत पूर्व कानूनगो साहब द्वारा की गयी, समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि डाॅ ओमप्रकाश सारस्वत पूर्व शिक्षा अधिकारी ने कहा कि “यह पुस्तक ब्रज की अनमोल धरोहर, इसकी लोक गाथाओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करने का एक सराहनीय प्रयास है। बृज का हर कण एक लोक कथा समेटे हुए है।

पुस्तक के लेखक चौधरी ओमप्रकाश डागुर ने पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बृज लोक रस में मैंने इन गाथाओं को उनके मूल स्वरूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, ताकि पाठक बृज की असली रसधारा का आनंद ले सकें।

​कार्यक्रम का सफल संचालन लेखक डॉ. कुलदीप सारस्वत, कुलसचिव शुभम यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और विद्वान उपस्थित रहे, जिनमें रामबाबू व्यास, मोहित उपाध्याय, राहुल सारस्वत एडवोकेट, प्रधान प्रतिनिधि ठाकुर विष्णु परमार जी आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को पुस्तक की प्रतियां भेंट की गईं और लेखक चौधरी ओमप्रकाश डागुर को इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंदिर के सेवायत पुजारी महेशानंद महाराज जी का अत्यंत सहयोग रहा।