जी एन भट्ट
फरीदाबाद : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण ऐतिहासिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब सार्वजनिक सेवाओं और नेतृत्व के क्षेत्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक होगी।
फरीदाबाद में राष्ट्रीय महिला आयोग की ‘लिंग-उत्तरदायी शासन’ कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए बिरला ने कहा कि अब महिलाओं को केवल सहायता देने के बजाय उन्हें नीतियां, कार्यक्रम और कानून बनाने में सक्रिय भागीदारी के लिए सक्षम बनाना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता।
कार्यशाला में 20 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की करीब 200 महिला विधायक शामिल हुईं।





