इंजीनियरिंग शिक्षा का उद्देश्य जिम्मेदार पेशेवर बनानाः प्रो. टीजी सीताराम

The objective of engineering education is to create responsible professionals: Prof. TG Sitharam

रविवार दिल्ली नेटवर्क

  • तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में लीडरशिप टॉक सीरीज के 23वें सत्र का शंखनाद
  • टीएमयू के ईडी श्री अक्षत जैन से प्रो. टीजी सीताराम और प्रो. सतीश जैन ने की भेंट
  • इंजीनियरिंग पर्पज़ः बिल्डिंग माइंड्स, इंस्टीट्यूशंस एंड ए विकसित भारत रही थीम
  • प्रो. सतीश जैन बोले, इंजीनियरिंग ज्ञान, नवाचार और विशेषज्ञता का सशक्त माध्यम
  • इंटरैक्टिव सेशन में हुए तकनीकी विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़े सवाल-जवाब

एआईसीटीई के पूर्व चेयरमैन एवम् आईआईटी खड़गपुर के एडवाइजर प्रो. टीजी
सीताराम ने कहा, इंजीनियरिंग शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल तकनीकी कौशल
सिखाना नहीं, बल्कि सक्षम, जिम्मेदार और उद्देश्यपूर्ण नागरिक तैयार करना है।
उन्होंने मजबूत शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण पर बल देते हुए कहा, ऐसे संस्थान
सीखने, नवाचार और नेतृत्व को बढ़ावा देने वाला माहौल बनाते हैं। यहां से निकलने
वाले युवा केवल तकनीकी विशेषज्ञ नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेह पेशेवर
बनकर उभरते हैं। प्रो. सीताराम तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के
ऑडिटोरियम में इंजीनियरिंग पर्पज़ः बिल्डिंग माइंड्स, इंस्टीट्यूशंस एंड ए विकसित
भारत पर आयोजित लीडरशिप टॉक सीरीज के 23वें सत्र में बतौर मुख्य अतिथि
बोल रहे थे। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के संग टॉक सीरीज
का शंखनाद हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रो. टीजी सीताराम, आईआईटी मंडी
एवम् आईआईटी रुड़की के पूर्व डीन प्रो. सतीश जैन बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर,
टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, डीन अकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, असिस्टेंट
डायरेक्टर-एकेडमिक्स डॉ. नेहा आनंद आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही।
अतिथियों का बुके और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अंत में हुए
इंटरैक्टिव सेशन में स्टुडेंट्स ने तकनीकी विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़े सवाल-

जवाब भी किए। टॉक सीरीज के बाद टीएमयू के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत
जैन से प्रो. टीजी सीताराम और प्रो. सतीश जैन ने शिष्टाचार भेंट की।
बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर आईआईटी मंडी एवम् आईआईटी रुड़की के पूर्व डीन प्रो.
सतीश जैन ने नॉलेज टू नेशन-बिल्डिंगः इंजीनियरिंग इंडियाज जर्नी टुवर्ड्स
विकसित भारत 2047 पर बोलते हुए कहा, इंजीनियरिंग का क्षेत्र केवल तकनीकी
समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, नवाचार और
विशेषज्ञता को सामाजिक और राष्ट्रीय आवश्यकताओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम
है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल डिग्री बांटना
नहीं है, बल्कि छात्रों को इस योग्य बनाना है, वे अर्जित ज्ञान का उपयोग देश की
वास्तविक विकास संबंधी चुनौतियों के समाधान में कर सकें। सीसीएसआईटी के
वाइस प्रिंसिपल प्रो. अशोक कुमार ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। टॉक सीरीज में
इंजीनियरिंग कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. वरुण कुमार सिंह,
प्रदीप वर्मा आदि के संग-संग स्टुडेंट्स मौजूद रहे। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।