रविवार दिल्ली नेटवर्क
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में फ्रॉम स्पॉटलाइट टू सेल्फ डिस्कवरीः ए जर्नी ऑफ ट्रांसफॉर्मेंशन
एंड पर्पज़ पर लीडरशिप टॉक सीरीज़ के 22वें सत्र में कनाडाई अभिनेत्री, मिस इंडिया कनाडा-
1999, प्रसिद्ध टेलीविजन व्यक्तित्व, वीडियो जॉकी-वीजे एवम् मोटिवेशनल स्पीकर श्रीमती रूबी
भाटिया ने की शिरकत
देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकीं अभिनेत्री, मिस इंडिया कनाडा-1999, प्रसिद्ध
टेलीविजन व्यक्तित्व, वीडियो जॉकी-वीजे एवं मोटिवेशनल स्पीकर श्रीमती रूबी भाटिया ने तीर्थंकर
महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के स्टुडेंट्स को मोटिवेट करते हुए कहा, स्पॉटलाइट से आत्म-खोज
तक की यात्रा ही वास्तविक परिवर्तन है। श्रीमती भाटिया बोलीं, प्रसिद्धि की चमक से आगे
बढ़कर आत्म-खोज, जीवन में परिवर्तन और अपने उद्देश्य को पहचानने की दिशा में सोचना भी
जरूरी है। अपने बहुआयामी जीवन और पेशेवर अनुभवों को साझा करते हुए बताया, व्यक्तिगत
एवम् व्यावसायिक जीवन में परिवर्तन केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि स्वयं को
समझने और जीवन के उद्देश्य को पहचानने की प्रक्रिया भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रीमती
भाटिया तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में फ्रॉम स्पॉटलाइट टू सेल्फ डिस्कवरीः ए जर्नी
ऑफ ट्रांसफॉर्मेंशन एंड पर्पज़ पर लीडरशिप टॉक सीरीज़ के 22वें सत्र में बतौर मुख्य वक्ता बोल
रही थीं। मोटिवेशनल स्पीकर श्रीमती रूबी भाटिया ने एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन के
अलावा कुलपति प्रो. वीके जैन और डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन से भी शिष्टाचार भेंट की।
श्रीमती भाटिया ने कार्यक्रम को कला, मीडिया, टेलीविजन, व्यक्तिगत परिवर्तन और प्रेरक संवाद से
जोड़ते हुए स्टुडेंट्स से नेतृत्व, आत्मविश्वास, परिवर्तन और उद्देश्य सरीखे विषयों को आत्मसात
करने की वकालत की। दीप प्रज्जवलन के संग कार्यक्रम का शंखनाद हुआ, जबकि अंत में हुए
इंटरैक्टिव सेशन में स्टुडेंट्स को वक्ता के अनुभवों और विचारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिला।
मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। श्रीमती भाटिया ने स्पॉटलाइट
अर्थात सार्वजनिक पहचान और प्रसिद्धि से सेल्फ-डिस्कवरी अर्थात स्वयं की पहचान एवम्
उद्देश्य की ओर यात्रा की अवधारणा पर जोर दिया। स्पॉटलाइट टू सेल्फ डिस्कवरी का विचार
स्टुडेंट्स के लिए इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है, सार्वजनिक पहचान, करियर और उपलब्धियों के साथ-
साथ व्यक्ति के लिए अपने भीतर की पहचान और जीवन के उद्देश्य को समझना भी आवश्यक
है।





