टीएमयू के प्रो. राजुल रस्तोगी दिल्ली में मेडिकल एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित

TMU Prof. Rajul Rastogi honored with Medical Education Excellence Award in Delhi

रविवार दिल्ली नेटवर्क

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के डिपार्टमेंट ऑफ रेडियोडायग्नोसिस में वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी के स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार और क्वांटम एआई के क्षेत्र में अनुसंधान प्रयासों को मिली नई पहचान

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, के डिपार्टमेंट ऑफ रेडियोडायग्नोसिस में वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी को स्वास्थ्य सेवाओं एवम् चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रतिष्ठित पीकॉक मेडिकल एजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। प्रो. रस्तोगी को यह सम्मान नई दिल्ली में मेडिकल डायलॉग्स और नेशनल मेडिकल एआई मिशन- एनएमएआईएम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नेशनल कंसल्टेशन ऑन एआई रेडीनेस फॉर हेल्थकेयर, एजुकेशन एंड रिसर्च प्रोग्राम में प्राप्त हुआ है। यह अवार्ड प्रो. रस्तोगी के स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डेब्राज इकोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड में चल रहे अनुसंधान एवम् विकास कार्यों के तहत भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत क्वांटम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- एआई मॉडल विकसित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की संभावनाओं को आगे बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा एवम् अनुसंधान में एआई के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना है।

इस नेशनल प्रोग्राम में जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग- एनएमसी के अध्यक्ष एवम् नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज- एनबीईएमएस के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद- आईसीएमआर की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. संघमित्रा आदि प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थित रही। प्रो. रस्तोगी इस सम्मान को अपने सहयोगियों के निरंतर प्रयासों, टीम भावना और शुभचिंतकों के आशीर्वाद का परिणाम बताते हुए बोले, इस प्रकार की पहचान स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार और उन्नत तकनीकों के उपयोग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। यह उपलब्धि चिकित्सा शिक्षा, रेडियोडायग्नोसिस और स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। साथ ही भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप उन्नत तकनीकी समाधान विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी नई पहचान प्रदान करती है।