मुंबई (अनिल बेदाग): कारोबार में बदलाव की रणनीति जब सही दिशा पकड़ती है, तो उसके नतीजे भी शानदार दिखाई देने लगते हैं। वेलौरा इम्पैक्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में अपने प्रदर्शन से इसी बात को साबित किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले साल की समान अवधि के 4.49 करोड़ रुपये से बढ़कर 12.63 करोड़ रुपये पहुंच गया, यानी करीब तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, परिचालन से राजस्व 290.56 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष 3.33 करोड़ रुपये था।
कंपनी की इस नई विकास यात्रा के पीछे केमिकल कारोबार से कृषि उत्पादों और सूचना प्रौद्योगिकी (IT एवं ITES) क्षेत्रों की ओर किया गया रणनीतिक बदलाव अहम है। पहली छमाही के राजस्व में कृषि कारोबार का योगदान 279.42 करोड़ रुपये और IT सेवाओं का योगदान 11.14 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान EBITDA 16.91 करोड़ रुपये और प्रति शेयर आय (EPS) 22.67 रुपये दर्ज की गई।
कंपनी के प्रबंध निदेशक सुमित हरजीभाई गोल ने कहा, “केमिकल निर्माण और व्यापार से कृषि एवं सूचना प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ना हमारी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। हमने बाजार की जरूरतों के अनुरूप विशेष कारोबारी वर्टिकल तैयार किए हैं। हमारा लक्ष्य क्षमताओं को मजबूत करना, ग्राहक और साझेदार नेटवर्क बढ़ाना तथा सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करना है।”
दूसरी तिमाही में भी कंपनी ने 148.64 करोड़ रुपये का राजस्व, 8.92 करोड़ रुपये का EBITDA और 6.71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। नए कारोबार में विस्तार के साथ वेलोरा इम्पैक्ट अब विकास की नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ा रही है।




