महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के आह्वान पर विश्व प्रसिद्ध शिवशक्ति धाम डासना में हुई हिंदुओं की विशाल पंचायत

A massive gathering of Hindus took place at the world-renowned Shivshakti Dham in Dasna, following a call by Mahamandaleshwar Yati Narsinghanand Giri Maharaj

रविवार दिल्ली नेटवर्क

  • भारी संख्या में उपस्थित सनातनियों की विशाल पंचायत में हुआ हिंदुओं के हितों के लिए हुआ विस्तार से मंथन
  • हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा के लिए महा पंचायत में जिहादियों के पूर्ण बहिष्कार का लिया गया निर्णय
  • पंचायत में हिंदुओं ने विशेषरूप से नारीशक्ति और युवाओं ने जातिवाद को पीछे धकेल कर भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई

गाजियाबाद : विश्व प्रसिद्ध शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद में 21 जून 2026 को शिवशक्ति धाम पीठ के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के विश्व प्रसिद्ध ओजस्वी महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के आह्वान पर हिंदुओं की एक महा पंचायत हुई, जिसमें हिंदुओं के हितों की बात पूरे जोर-शोर से हुई। महा पंचायत में पूरे भारत में इस्लामिक जिहादियों के हाथों कीड़े-मकौड़ों की तरह निर्दोष हिंदुओं को मारे जाने के विरुद्ध ठोस रणनीति बनाने पर गहन मंथन किया गया। वहीं महा पंचायत में हिंदुओं ने विशेषरूप से नारीशक्ति और युवाओं ने जातिवाद को पीछे धकेल कर के भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए अच्छा संकेत है। हिंदुओं की इस महा पंचायत में 9 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए, जो सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया के हर हिंदू को भेजे जाएंगे और पत्र के माध्यम से देशभर में सभी मुख्य हिंदू धर्मगुरुओं को भेजे जायेंगे।

महा पंचायत में मुख्य रूप से पारित प्रस्तावों में निर्दोष हिंदुओं तथा अन्य धार्मिक विश्वास वाले मानवों का नरसंहार करने के लिए जिम्मेदार इस्लामिक जिहादियों को सनातन धर्म और मानवता का सबसे बड़ा शत्रु घोषित करने प्रस्ताव पारित हुआ, इनके सामाजिक, आर्थिक बहिष्कार को हिंदुओं का धार्मिक कर्तव्य बताया गया, वहीं इन लोगों के पूर्ण बहिष्कार नहीं करने वालों को हिंदू धर्म का गद्दार बताया गया, पंचायत में कहा गया ये लोग चाहे किसी भी पद व किसी भी रूप में हो, वो जिहाद कर रहे हैं अर्थात वो हर तरह से गैरमुस्लिमों को खत्म करने का सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं, वो अपनी पूरी शक्ति जिहाद में लगा रहे हैं। ऐसे भी इनसे किसी भी तरह का व्यवहार करना अपने सर्वनाश को बुलावा देना है। ऐसा करने वाला प्रत्येक व्यक्ति गद्दार है। प्रस्तावों में कहा गया कि वर्ष 1947 में धर्म के आधार पर देश का बंटवारा हुआ था, जिसमें मुसलमानों को दो देश पाकिस्तान और बांग्लादेश मिले, लेकिन हिंदुओं के हिस्से में आए भारत को हिंदुओं के गद्दार नेताओं ने इस्लाम के जिहादियों का सबसे बड़ा शिकारगाह बना दिया, अब हिंदुओं को बड़ी भारी कीमत चुका कर अपने गद्दार नेताओं के कुकर्मों को झेलना पड़ेगा। पंचायत में कहा गया कि हमें ऐसा देश बनाना चाहिए जहां एक भी जिहादी न हो। डासना कि इस विशाल हिंदू महा पंचायत में यह भी तय किया गया कि जो हमारे इन नौ प्रस्तावों को मानेगा, केवल वो ही हमारा है। जो हमारी बात नहीं मानता, वो हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता। आज की हिंदू पंचायत में सनातन धर्म के अनुयायियों के साथ-साथ सनातन धर्म के मार्गदर्शक संत समाज ने भी बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पंचायत में मुख्य वक्ता के रूप में शिवशक्ति धाम पीठ के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के विश्व प्रसिद्ध महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज लोगों के आकर्षण के विशेष केंद्र रहे।