दीपक कुमार त्यागी
- पुलिस आधुनिकीकरण एवं स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में पुलिस आयुक्त की महत्वपूर्ण पहल -विवेचना अधिकारियों को आधुनिक टैबलेट उपलब्ध कराए गए।
- पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ के इस कदम से न केवल विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित होगा, बल्कि विवेचना अधिक पारदर्शी और जवाबदेही पूर्ण होगी।
गाजियाबाद : पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के तेजतर्रार विजनरी पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने कमिश्नरेट के थानो का कायाकल्प करते हुए उनका आधुनिकीकरण किया था, थानों के बाद अब उन्होंने कमिश्नरेट गाजियाबाद की पुलिस के आधुनिकीकरण के एक बेहद कारगर और नया कदम उठाया है। उन्होंने विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण तथा स्मार्ट पुलिसिंग को सुदृढ़ बनाने हेतु एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सभी थानों के विवेचना अधिकारियों को अत्याधुनिक टैबलेट उपकरण उपलब्ध कराए हैं।
पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ के इस कदम से न केवल विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित होगा, बल्कि स्मार्ट पुलिसिंग को भी नई मजबूती मिलेगी। साथ ही, भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) जैसे नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में भी यह तकनीकी सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पुलिस आयुक्त जे रविन्द्र गौड़ के निर्देश पर कमिश्नरेट गाजियाबाद के थानों में नियुक्त कुल 932 विवेचकों को अत्याधुनिक टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। कमिश्नरेट गाजियाबाद का यह कदम पुलिसिंग में तकनीकी नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आने वाले समय में अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाएगा।
पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ के कुशल नेतृत्व में गाजियाबाद पुलिस नागरिकों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वह न केवल विवेचना की गुणवत्ता बढ़ा रही है, बल्कि पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बना रही हैं। यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेगी।





