चिराग त्यागी हत्याकांड – जल्द से जल्द न्याय की मांग को लेकर के बसंतपुर सैथली गांव की महापंचायत में जुटी भारी भीड़

Chirag Tyagi Murder Case – A massive crowd gathered at the Mahapanchayat in Basantpur Saithli village to demand immediate justice

दीपक कुमार त्यागी

गाजियाबाद : देश में जाति व धर्मों को साधने के चलते राजनीति कुछ भी करवा सकती है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण होनहार इंटरनेशनल पैरा ओलंपिक खिलाड़ी चिराग त्यागी की जघन्य हत्या के बाद उत्पन्न स्थिति है, लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों को न्याय ना मिलने का दर्द बार-बार कचोट रहा है। वैसे भी हम सभी के लिए विचारणीय सवाल यह है कि जिस चिराग त्यागी के परिजनों को अपने घर का होनहार इकलौता चिराग बुझ जाने का ग़म घर में बैठ करके मनाना चाहिए था, उन पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा हुआ है कि वह अपने घर के इकलौते चिराग को न्याय दिलाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। हालांकि उनके परिजनों की मांग है कि उनके घर के चिराग को बुझाने वाले लोगों के ख़िलाफ़ भी खोड़ा के सूर्या प्रताप चौहान के हत्यारों की तरह ही सख्त कार्रवाई की जाये और उसी तरह से ही परिवार को सरकार के द्वारा सुरक्षा व आर्थिक सहयोग दिया जाये। लेकिन अफसोस एक ही जनपद में जघन्य हत्या के मामले में सिस्टम के द्वारा टीआरपी के खेल के चलते दोहरे मापदंड अपनाएं जा रहे हैं। जिससे परिजनों, ग्रामवासियों, क्षेत्रवासियों व आम जनमानस तक में भी आक्रोश व्याप्त है।

जिस आक्रोश के चलते ही मां भारती के एक होनहार सपूत चिराग त्यागी को न्याय दिलाने के लिए 14 जून 2026 को चिराग त्यागी के गांव बसंतपुर सैथली में एक महापंचायत का आयोजन हुआ। जिस विशाल महापंचायत में उपस्थित वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार से पैरा ओलंपिक खिलाड़ी चिराग त्यागी के हत्यारों व हत्याकांड में शामिल अन्य सभी लोगों के ख़िलाफ़ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए, हत्यारों के एनकाउंटर व फांसी की मांग करते हुए, परिजनों को आजीवन सुरक्षा, हथियार का लाइसेंस देने, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उचित आर्थिक सहायता देने, चिराग की प्रेरणादायक यादों को संजोने के लिए स्टेडियम व सड़क का नाम चिराग त्यागी के नाम पर करने की मांग की है।

महापंचायत में शामिल अधिकांश वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते सिस्टम पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों को कोई तो संरक्षण दे रहा है जिसके चलते चिराग त्यागी हत्याकांड के मामले में दोहरे मापदंड अपनाएं जा रहे हैं, जबकि हत्याकांड के इस मामले में भी खोड़ा के सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड की तरह ही तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, क्योंकि होनहार इंटरनेशनल पैरा ओलंपिक खिलाड़ी चिराग त्यागी केवल अपने घर का ही इकलौता चिराग नहीं था वह देश की अनमोल धरोहर भी था, लेकिन फिर भी उसके पोस्टमार्टम से लेकर के, प्रारंभिक जांच तक में बरती गयी लापरवाही व परिजनों के साथ अधिकारियों के बेरुखी पूर्ण रवैए को सभी ने देखा है। वक्ताओं ने हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग उठाते हुए, कुछ वक्ताओं ने आरोपियों के एनकाउंटर करने की मांग की वहीं कुछ वक्ताओं ने हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग करते हुए दिवंगत चिराग त्यागी को जल्द न्याय दिलाने की मांग की।

महापंचायत में शामिल लोगों का भी स्पष्ट रूप से कहना है कि देश के होनहार इंटरनेशनल पैरा ओलंपिक खिलाड़ी चिराग त्यागी की जघन्य हत्या के बाद सिस्टम के द्वारा जिस तरह हत्याकांड के मामले में दोहरे मापदंड अपनाएं गये हैं उसे पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है, क्योंकि चिराग त्यागी तो खेल जगत में क्षेत्र और देश का नाम रोशन करने का कार्य कर रहा था, उसकी हत्या के बाद सिस्टम की लापरवाही व दोहरे मापदंड का हत्यारों को लाभ मिला है। इसलिए महापंचायत में उपस्थित लोग चिराग त्यागी हत्याकांड के मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने की मांग करते हैं।

यहां आपको बता दें कि 30 मई 2026 को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट सिटी जोन के थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थित साई उपवन में होनहार इंटरनेशनल पैरा ओलंपिक खिलाड़ी चिराग त्यागी का गोली लगा हुआ शव मिला था, वह अपने घर का इकलौता चिराग था।चिराग त्यागी हाल ही में बेंगलुरु में 400 मीटर में गोल्ड मेडल जीता था और वह अपनी मेहनत के दम पर निरंतर सफलता के नित-नए आयाम स्थापित करते हुए देश व परिवार का नाम रोशन कर रहा था। चिराग त्यागी ने जापान में होने वाली प्रतियोगिता के लिए भी हाल ही में क्वालीफाई किया था। चिराग हत्याकांड की प्रारंभिक जांच में उसके घनिष्ठ मित्र पैरा खिलाड़ी यश खटीक को हत्यारोपी पाया गया था, जिसको पुलिस ने गिरफ्तार करके तुरंत ही जेल भेज दिया था। जिससे लोगों को कहीं ना कहीं यह लगने लगा कि आखिर क्यों देश की अनमोल धरोहर चिराग त्यागी हत्याकांड के मामले में दोहरे मापदंड अपनाएं जा रहे हैं, आखिर क्यों देश की धरोहर चिराग त्यागी के परिवार को न्याय के लिए सड़कों पर उतर कर गुहार लगानी पड़ रही है, स्थिति सिस्टम में बैठे ताकतवर लोगों के साथ-साथ आम जनमानस के लिए विचारणीय है।

महापंचायत में उपस्थित वक्ताओं व लोगों ने चेतावनी दी कि यदि चिराग हत्याकांड में उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो चिराग त्यागी को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा और सिस्टम के द्वारा अपनाए गए दोहरे मापदंडों का पुरजोर विरोध किया जायेगा। हालांकि महापंचायत को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए और किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन महापंचायत के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने से शासन प्रशासन ने फिलहाल तो राहत की सांस ली।

महापंचायत में हजारों की भारी संख्या में ग्रामवासी, क्षेत्रवासी व दूरदराज़ से आये लोग उपस्थित रहे।