भारत-घाना संयुक्त व्यापार समिति का चौथा सत्र अकरा में सम्‍पन्‍न

Fourth session of India-Ghana Joint Trade Committee concludes in Accra

  • भारत और घाना छह महीने में घाना इंटरबैंक भुगतान और निपटान प्रणाणियों में यूपीआई चालू करने पर सहमत
  • दोनों पक्षों ने डिजिटल सुधार के उपाय और स्थानीय मुद्रा निपटान प्रणाली पर समझौता ज्ञापन की संभावना तलाशी; अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत अवसरों पर भी चर्चा
  • प्रमुख क्षेत्रों के रूप में डिजिटल अर्थव्यवस्था, कपड़ा, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा को पहचाना गया

रविवार दिल्ली नेटवर्क

भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में अपर सचिव, श्री अमरदीप सिंह भाटिया के नेतृत्व में भारत से सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने घाना गणराज्य में भारत के उच्चायुक्त, श्री मनीष गुप्ता और वाणिज्य विभाग में आर्थिक सलाहकार सुश्री प्रिया पी. नायर के साथ 2 से 3 मई, 2024 तक अकरा में अपने घाना समकक्षों के साथ एक संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की बैठक की। जेटीसी की सह-अध्यक्षता घाना गणराज्य के व्यापार और उद्योग उप मंत्री, माननीय माइकल ओकेरे-बाफ़ी; और वाणिज्य विभाग में अपर सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया ने की।

एक विस्‍तृत बातचीत में, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों में हाल के विकास की विस्तृत समीक्षा की और आगे के विस्तार के लिए अप्रयुक्त विशाल क्षमता को स्वीकार किया। दोनों पक्ष 6 महीने की अवधि के भीतर घाना के घाना इंटरबैंक भुगतान और निपटान प्रणाली (जीएचआईपीएसएस) पर राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के संचालन की दिशा में तेजी से काम करने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने डिजिटल सुधार उपायों पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) की संभावनाओं के संबंध में चर्चा की; स्थानीय मुद्रा निपटान प्रणाली और अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार समझौते (एएफसीएफटीए) द्वारा पेश किए गए अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार के साथ-साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी निवेश को बढ़ाने के लिए अनेक प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की। इनमें फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली क्षेत्र, डिजिटल अर्थव्यवस्था और डिजिटल बुनियादी ढांचे, महत्वपूर्ण खनिज, कपड़ा और परिधान आदि में सहयोग शामिल है।

भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, एक्ज़िम बैंक और भारतीय फार्माकोपिया आयोग के अधिकारी शामिल थे। भारत और घाना दोनों के अधिकारी जेटीसी की कार्यवाही में सक्रिय रूप से लगे रहे।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के नेतृत्व में एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बिजली, फिनटेक, दूरसंचार, विद्युत मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ आया। व्यवसाय के प्रतिनिधियों सहित प्रतिनिधिमंडल ने एएफसीएफटीए के महासचिव और उनके अधिकारियों की टीम से भी मुलाकात की, जिसमें एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने, मानकों की स्थापना, निवेश, भारत में व्यापार कार्यक्रमों में भागीदारी और भारत और एएफसीएफटीए के बीच महत्‍वपूर्ण विषयों पर चर्चा बढ़ाने सहित सहयोग के क्षेत्र शामिल थे। चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए नोडल अधिकारियों के नामों का भी आदान-प्रदान किया गया।

घाना अफ़्रीका क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है। 2022-23 में भारत और घाना के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2.87 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। भारत घाना में एक अग्रणी निवेशक के रूप में खड़ा है और तीसरा सबसे बड़ा निवेशक बनकर उभरा है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जिनमें फार्मास्यूटिकल्स, निर्माण, विनिर्माण, व्यापार सेवाएँ, कृषि, पर्यटन और बहुत कुछ शामिल हैं।

भारत-घाना जेटीसी के चौथे सत्र के विचार-विमर्श सौहार्दपूर्ण और दूरदर्शी थे, जो दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण और विशेष संबंधों का संकेत था। लंबित मुद्दों के समाधान, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने में अधिक सहयोग के प्रति उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली।