लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर कार्रवाई के लिए सौंपा पत्र
दीपक कुमार त्यागी
- दुष्प्रचार प्रकरण में यूट्यूब चैनल के प्रतिनिधि की हुई गिरफ्तारी तथा वर्तमान में जांच विचाराधीन
- यूट्यूब चैनल के प्रतिनिधि व चैनल के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का नोटिस व त्वरित कार्यवाही हेतु किया लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर निवेदन
गाजियाबाद : भारतीय जनता पार्टी के गाजियाबाद लोकसभा के सांसद अतुल गर्ग ने अपने खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान पर सख्त रुख अपना लिया है, उन्होंने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर बेबुनियाद, तथ्यहीन, भ्रामक और अपमानजनक पोस्ट प्रसारित करने के लिए ओटीटी चैनल व उसके प्रतिनिधि के विरुद्ध लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से 22 जून 2026 मिलकर उन्हें एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिस के माध्यम से सांसद अतुल गर्ग ने लोकसभा अध्यक्ष से विशेषाधिकार हनन का नोटिस त्वरित कार्यवाही हेतु निवेदन किया है। सांसद अतुल गर्ग ने पत्र में अपने ऊपर लगाये गए सभी आरोपों को बेबुनियाद हैं और तथ्यों से परे बताया है। उन्होंने लिखा है कि उक्त प्रकरण के संबंध में गाजियाबाद में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जा चुकी है।तत्पश्चात संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हो चुकी है तथा वर्तमान में जांच विचाराधीन है।
सांसद अतुल गर्ग ने पत्र में लिखा है कि यह सब चैनल के स्वामी के निर्देशानुसार किया जा रहा है। यह अत्यन्त चिंताजनक है कि संबंधित माध्यमों पर मेरे विरुद्ध निरंतर अपमानजनक एवं भ्रामक सामग्री का प्रसारण जारी है। इतना ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर यह प्रसारण बिना मुझसे संपर्क किए और बिना तथ्यों के स्पष्टीकरण के ही किया जा रहा है, जिससे एक जनप्रतिनिधि के रूप में जनता में मेरी छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। इस निरंतर दुष्प्रचार से मुझे लगातार मानसिक तनाव एवं व्यक्तिगत पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है जिससे मेरा संसदीय कामकाज तथा संसदीय समितियों में मेरा योगदान भी प्रभावित हो रहा है।
इन्होंने मेरे ऊपर सांसद निधि में घोटाले से संबंधित गंभीर आरोप लगाए हैं जो कि तथ्यहीन एवं बेबुनियाद हैं। ये आरोप स्पष्ट रूप से एक सांसद के रूप में मेरे कार्यों से संबंधित है। इसके अतिरिक्त चैनल के प्रतिनिधि ने अपने कुछ साथियों के साथ सार्वजनिक रूप से मेरे संसदीय दायित्वों से संबंधित अत्यन्त अपमानजनक टिप्पणी की है जिसके परिणामस्वरूप न केवल सांसद के रूप में मेरा अपमान किया गया है अपितु संसद की गरिमा और प्रतिष्ठा का भी हनन हुआ है जोकि विशेषाधिकार हनन के साथ संसद का अपमान भी है। अतः, संसद के नियमों और प्रक्रियाओं के नियम 222 एवं 227 के आधार पर अनुरोध है कि मेरे इस नोटिस का यथोचित संज्ञान लिया जाए एवं उक्त व्यक्ति एवं उपर्युक्त सोशल मीडिया चैनल के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन एवं संसद के अपमान से संबंधित तत्काल कार्यवाही की जाये।





