लिंकरोड पुलिस टीम द्वारा फिरौती हेतु अपहरण का प्रयास करने वाले 04 अभियुक्त गिरफ्तार

Link Road police team arrests four accused for attempted kidnapping for ransom

दीपक कुमार त्यागी

अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, 01 रस्सी, 02 अवैध तमंचा, 03 जिन्दा कारतूस बरामद

गाजियाबाद : पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल करते हुए थाना लिंकरोड पुलिस टीम ने अपहरण का प्रयास करने वाले अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस खुलासे में धवल जायसवाल डीसीपी नगर / ट्रांस हिण्डन, अमित सक्सेना एसीपी साहिबाबाद, रविन्द्र चंद्र पंत थाना प्रभारी लिंक रोड व लिंक रोड थाने की पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

धवल जायसवाल डीसीपी नगर / ट्रांस हिण्डन ने बताया कि वादी राजेश पाण्डेय नि0- वसुन्धरा गाजियाबाद ने 21 जून 2026 को थाना लिंकरोड़ पर लिखित तहरीर दी और बताया कि 16 जून 2026 को झण्डापुर से आगे इन्दौर कम्पनी के पास मुझे 5 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हथियार दिखाते हुए जबरन अपहरण करने का प्रयास किया वहां से मैं किसी तरह से अपनी जान बचा कर भाग आया के सम्बन्ध में प्राप्त तहरीर के आधार पर धारा 61/126(1)/140/62 बीएनएस के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसके क्रम में थाना लिंक रोड पर पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसमें सीसीटीवी व लोकल इनपुट की मदद से 21 जून 2026 को 04 अभियुक्त सत्यम सिंह निवासी ग्राम खिरखौआ थाना भगवानपुर जिला वैशाली बिहार हाल पता शुक्रबाजार टिगरी गोल चक्कर गौर सिटी मॉल के पास थाना बिसरख नोएडा उम्र करीब 22 वर्ष, गौतम मिर्धा निवासी ग्राम हरोला से० 05 नोएडा मूल निवास ग्राम गंगारामपुर जिला गाजौल प० बंगाल उम्र करीब 25 वर्ष, नितिन तिवारी निवासी प्रेम विहार राकेश यादव के मकान में किराये पर खोडा कलोनी गाजियाबाद मूल निवास ग्राम कुकराजो थाना मन्धना कानपुर देहात उम्र करीब 26 वर्ष और रोहित उर्फ हिटलर निवासी ग्राम कानपुर खुर्द थाना बडौदा जनपद सोनीपत हरियाणा हाल निवास न्यू अशोक नगर राजधानी मैडिकल के पास दिल्ली उम्र करीब 29 वर्ष को घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, 01 रस्सी, 02 अवैध तमंचा, 03 जिन्दा कारतूस सहित खाटू श्याम इन्डस्ट्रीयल पार्क के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तगण के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

पूछताछ में अभियुक्त सत्यम सिंह ने बताया कि मेरे पिता अमरेश कुमार का प्रॉपर्टी का काम डी-मॉल, इंदिरापुरम में था। मैं भी कभी-कभी अपने पिता के कार्यालय जाता था। वहीं पर प्रॉपर्टी के काम से राजेश पाण्डेय भी आते-जाते रहते थे। मेरे पिता कई वर्षों से राजेश पाण्डेय के साथ प्रॉपर्टी का कार्य करते थे। राजेश पाण्डेय कंस्ट्रक्शन का भी काम करते हैं। मेरे पिता अक्सर घर पर बताया करते थे कि राजेश पाण्डेय के पास काफी पैसा है। मैं ऑनलाइन आर्टिफिशियल ज्वैलरी की खरीद-फरोख्त का छोटा-मोटा काम करता हूँ। अपने शौक पूरे करने के लिए मुझे पैसों की आवश्यकता थी। इसी कारण मैंने अपने दोस्त गौतम मिर्धा से कहा कि कोई बड़ा काम करते हैं, जिससे हमारे पास जल्दी और अधिक पैसे आ जाएँ। इस पर गौतम ने मुझे अपने दोस्त नितिन तिवारी तथा दूर के रिश्तेदार रोहित उर्फ हिटलर से मिलवाया। रोहित उर्फ हिटलर किराये पर गाड़ी चलाता है तथा उसका दोस्त चन्दन भी गाड़ी चलाने का काम करता है। इसके बाद हम पाँचों मैं, गौतम मिर्धा, नितिन तिवारी, रोहित उर्फ हिटलर तथा चन्दनने नोएडा में गौतम के घर पर बैठकर राजेश पाण्डेय के अपहरण की साजिश बनाई। राजेश पाण्डेय एक बड़े बिल्डर हैं और हमें जानकारी थी कि बिल्डर प्रायः नकद (कैश) में लेन-देन करते हैं तथा अपने साथ भी काफी नकदी लेकर चलते हैं। हमारे पास से जो तमंचे बरामद हुए हैं, उन्हें हमने ऑनलाइन के माध्यम से ₹25,000 में मंगवाया था। इसके लिए हम सभी ने ₹5,000-₹5,000 मिलाकर पैसे इकट्ठे किए थे। तमंचों की डिलीवरी नितिन और गौतम ने सेक्टर-15, नोएडा स्थित मेट्रो स्टेशन के पास एक अज्ञात व्यक्ति से इंस्टाग्राम के माध्यम से प्राप्त की थी। हमने 05 जून 2026 एवं 06जून 2026 से ही राजेश पाण्डेय के घर, कार्यालय तथा उनके आने-जाने के सभी रास्तों की रेकी शुरू कर दी थी। 16 जून 2026 को जब हम पाँचों राजेश पाण्डेय का पीछा कर रहे थे, तब कम भीड़-भाड़ वाली सड़क पर रोहित उर्फ हिटलर द्वारा चलाई जा रही किराये की स्विफ्ट कार को उनकी गाड़ी के आगे लगाकर उनकी गाड़ी रुकवा दी। इसके बाद हमने राजेश पाण्डेय को जबरन अपनी गाड़ी में खींचने का प्रयास किया, लेकिन उनके शोर मचाने पर हम उन्हें धमकी देकर वहाँ से भाग गए। इसके बाद भी हमने कई बार उनका पीछा किया, परंतु उन्हें उठा नहीं सके। हमारी योजना थी कि मौके पर ही तमंचे के बल पर उन्हें डराकर उनसे कम से कम 5 करोड़ नकद मंगवाया जाए और रुपये मिलने के बाद उन्हें कहीं छोड़कर फरार हो जाएँ। हमारी गाड़ी से जो रस्सी बरामद हुई है, उसे भी हमने अपहरण की साजिश को अंजाम देने के उद्देश्य से गाड़ी में रखा था। बरामद तमंचे भी हमने राजेश पाण्डेय को डराने तथा अपनी सुरक्षा के लिए खरीदे थे। हमसे गलती हो गई, हमें माफ कर दो।

एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, 01 रस्सी, 02 अवैध तमंचा, 03 जिन्दा कारतूस बरामद हुए हैं। वहीं गिरफ्तार अभियुक्तगण के विरुद्ध उपरोक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना लिकंरोड़ पर 01 अभियोग पंजीकृत है। अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। इन अभियुक्तों को गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम थाना प्रभारी रविन्द्र चंद्र पंत के नेतृत्व वाली थाना लिंकरोड की पुलिस टीम रही।