पित्र छाया सेवा बनी दुख की घड़ी में सहारा, प्रथम वर्षगांठ पर सेवा विस्तार का संकल्प

'Pitr Chhaya Seva' became a source of support during times of distress; pledge made to expand services on the first anniversary

हेमंत मोराने

गमी वाले परिवारों को नि:शुल्क उपलब्ध कराती है टेन्ट की सामग्री

सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी गुरव समाज निशुल्क पित्र छाया सेवा ने अपने सेवा कार्यों का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। श्री हरि परमार्थ सेवा संस्था, इंदौर द्वारा जनसहयोग से संचालित यह सेवा समाज के उन परिवारों के लिए संबल बन रही है, जो गमी के समय आर्थिक एवं व्यवस्थागत कठिनाइयों का सामना करते हैं। संस्था के संचालक राजेश नंदकिशोर सवनेर ने बताया कि गुरव समाज के पित्र देवों की स्मृति में प्रारंभ की गई इस सेवा के माध्यम से इंदौर शहर में किसी भी क्षेत्र में गमी होने पर परिवारों को टेंट एवं अन्य आवश्यक सामग्री तीन दिनों तक पूर्णत: निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। समाज के अनेक परिवार इस सेवा का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। सेवा के अंतर्गत टेंट की सिलिंग एवं रस्सी, बड़ी चढ़ाई, कुर्सियां, भोजन पट्टियां, ग्रीन नेट, सिंगल गैस भट्टी, स्टैंड फैन तथा चाय सर्व करने के लिए टी केतली जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। विशेष बात यह है कि यह सामग्री समाज के धार्मिक आयोजनों के लिए भी निशुल्क प्रदान की जाती है। पित्र छाया सेवा की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर सेवा विस्तार की घोषणा करते हुए संस्था द्वारा अतिरिक्त 10 कुर्सियां एवं 10/10 आकार के 5 ग्रीन नेट क्रय किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे अधिक परिवारों तक सुविधा पहुंचाई जा सके। संस्था की सचिव अर्चना राजेश सवनेर ने बताया कि यह सेवा पूरी तरह समाज सेवकों, दानदाताओं और सहयोगी समाज बंधुओं के समर्थन से संचालित हो रही है। उन्होंने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता और सेवा भावना ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। संस्था ने समाजजनों से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर पूर्व सूचना देकर सामग्री प्राप्त करें तथा सामग्री के रखरखाव में सहयोग करें। संस्था कार्यालय नंदन नगर, इंदौर में प्रतिदिन प्रात: 6 बजे से रात्रि 12 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। पित्र छाया सेवा आज केवल एक सामाजिक योजना नहीं, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदना और पारस्परिक उत्तरदायित्व की सशक्त मिसाल बनकर उभरी है, जो दुख की घड़ी में परिवारों को सहारा देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।