राज्यसभा के उपसभापति ने संसद टीवी इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्घाटन किया; मूल्य आधारित पत्रकारिता का आह्वान किया

Rajya Sabha Deputy Chairman inaugurates Sansad TV Internship Programme; calls for value-based journalism

प्रमोद शर्मा

नई दिल्ली : राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने आज संसद भवन परिसर में संसद टीवी इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यसभा के महासचिव श्री पी. सी. मोदी, संसद टीवी के सीईओ श्री अमित खरे और आईआईएमसी की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रज्ञा पालीवाल गौड़ सहित 19 चयनित प्रशिक्षु और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अपने संबोधन में, श्री हरिवंश ने जोर देकर कहा कि एक पत्रकार के लिए संसदीय साक्षरता उतनी ही आवश्यक है जितनी कि पेशेवर कौशल। उन्होंने कहा कि सदन वह स्थान है जहाँ राष्ट्र का इतिहास लिखा जाता है, और इसकी सटीक रिपोर्टिंग के लिए संवैधानिक ढांचे, नियम पुस्तिकाओं और भारत को आकार देने वाली संसदीय बहसों की समृद्ध विरासत से अच्छी तरह परिचित होना अनिवार्य है।

उपसभापति ने मीडिया के तेजी से होते डिजिटलीकरण से उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगाह किया कि डिजिटल युग में गति महत्वपूर्ण है, लेकिन यह कभी भी सटीकता की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं से संसद टीवी को विश्वसनीय सूचनाओं का एक मानक बनाने का आग्रह किया।

श्री हरिवंश ने प्रशिक्षुओं को संगठन के भीतर परिवर्तन का वाहक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवा एक अनूठा दृष्टिकोण लाते हैं जो जटिल विधायी प्रक्रियाओं और आम आदमी की आकांक्षाओं के बीच की दूरी को पाट सकता है। उन्होंने उनसे ऐसी कहानी कहने के प्रारूपों के साथ नवाचार करने का आह्वान किया जो युवा पीढ़ी के साथ जुड़ सकें।

उन्होंने संसद के परिसर में काम करने वालों की नैतिक जिम्मेदारी पर भी विचार व्यक्त किए। श्री हरिवंश ने कहा कि यह इंटर्नशिप अनुशासन और समर्पण के मूल्यों को आत्मसात करने का एक अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों को याद दिलाया कि वे केवल सामग्री निर्माता नहीं हैं, बल्कि जनता के जानने के अधिकार के संरक्षक हैं।

अपने संबोधन का समापन करते हुए, श्री हरिवंश ने प्रशिक्षुओं को जीवन भर छात्र बने रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मीडिया और शासन का परिदृश्य लगातार विकसित हो रहा है, और एक सफल पेशेवर वही है जो जिज्ञासु बना रहता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संसद टीवी में उनका समय उनके पत्रकारिता के सफर में एक मील का पत्थर साबित होगा।