स्पेन, फ्रांस, अर्जेंटीना व इंग्लैंड फुटबॉल विश्व कप में हैं खिताब के दावेदार

Spain, France, Argentina, and England are contenders for the football World Cup title

स्ट्राइकर रफिन्हा, विनिशियस व रेयन रंग में रहे तो फिर ब्राजील जीत है छठी बार खिताब

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : फुटबॉल बेशक ग्लोब की तरह ग्लोबल और दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल हैं। फुटबॉल में अपनी दुनिया भर के फुटबॉलरों के लिए अपनी पहचान बनाने का सबसे बड़ा मंच फीफा विश्व कप फुटबॉल है। फुटबॉल के निर्विवाद रूप से दुनिया के सर्वकालीन महानतम फुटबॉलर पेले हैं। अब तक हुए कुल 22 संस्करणों में ब्राजील दुनिया में सबसे ज्यादा पांच बार फीफा विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट जीतने और दो बार उपविजेता रहने वाली टीम है। पेले ब्राजील के लिए लगातार चार 1952, 1956, 1966 और 1970 के विश्व कप में कुल 14 मैच खेल कर 12 गोल किए और 1966 के संस्करण को छोड़ कर सभी चैंपियन बनाया। ब्राजील के बाद जर्मनी और इटली ने चार चार , मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने तीन, फ्रांस व उरुग्वे ने दो दो तथा इंग्लैंड और स्पेन ने एक एक बार खिताब जीता है।

फुटबॉल के दुनिया के सबसे बड़े मेले अब-अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा -तीन देशों की संयुक्त मेजबानी में 12 जून से 20 जुलाई तक होने वाले सबसे ज्यादा 48 टीमों के 23 वें फीफा विश्व कप फुटबॉल में 18 बरस के स्टार स्ट्राइकर लेमाइन यमाल से सज्जित दुनिया की नंबर 1 2010 की चैंपियन स्पेन, 27 बरस के कईलान बापे से सज्जित दूसरे नंबर पर काबिज आखिरी बार 2018 में खिताब जीतने और 2022 के उपविजेता फ्रांस, लियोनल मैसी की अगुआई वाली मौजूदा और तीन बार की चैंपियन तीसरे नंबर की अर्जेंटीना,अब से 60 बरस पहले केवल एक बार चैंपियन रही चौथे नंबर की इंग्लैंड खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में उतरेंगी। 2002 में आखिरी और पांचवीं बार खिताब जीतने वाली बुढ़ाते ज्यादातर लंबे कद के अपने फुटबॉलरों पर यकीन करने वाली छठे नंबर की कभी अपनी कलात्मक फुटबॉल के लिए ख्यात ब्राजील के पास बेशक नेमार,रफिन्हा, विनिशियस जू जैसे स्ट्राइकर हैं सभी पूरे रंग में रहे तो बेशक वह 2026 के संस्करण में कुल छठी बार खिताब जीतसकती है। वहीं41 बरस की उम्र में अपना छठा और आखिरी विश्व कप खेलने जा रहे बूढ़े शेर क्रिस्टियानो रॉनाल्डो की अगुआई वाले अपने पहले खिताब की तलाश में जुटी पांचवें नंबर की टीम पुर्तगाल खिताब जीतने की कोशिश जरूर करेगी लेकिन उसकी यह हसरत पूरी होती नहीं लगती है। चार की चैंपियन जर्मनी,मेजबान अमेरिका ,मैक्सिको और कनाडा क्वॉर्टर फाइनल में पहुंची तो बड़ी उपलब्धि होगी। न

फुटबॉल की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है इसकी दुनिया इंग्लिश लीग और स्पेन की ला लीगा जैसी महंगी लीगऔर मैनचेस्टर सिटी, आर्सनल, पीएसजी, बार्सीलोना, एथलेटिको मेड्रिड,लीवरपूल, मिलान, एसी मिलान जैसे दुनिया के बड़े और सम्पन्न फुटबॉल क्लब हैं। हर चार बरस बाद होने वाला फीफा फुटबॉल कप इन लीग और दुनिया भर के सबसे बड़े क्लबों के लिए नए फुटबॉलर तलाशने की सबसे बड़ी मंडी है। दुनिया के खासतौर पर नौजवान फुटबॉलर इसमें अपने पैरों की कलाकारी दिखा अपने अपने देश को विश्व कप चैंपियन बना अपना नाम बनाने के साथ अपने लिए बड़े दाम तलाशने की जुगत में रहता है।

यमाल पर टिकी हैं स्पेन की उम्मीदें : स्पेन को अपने ग्रुप एच में मुख्य रूप से उरुग्वे से चुनौती मिलेगी। मिलेगी और वह 18 बरस के विलक्षण स्ट्राइकर लमाइन यमाल के साथ आक्रामक मिडफील्डर 23 बरस के कप्तान पैड्री पर भरोसा कर उतरेगा। यमाल का साथ निभाने के लिए स्पेन के पास बतौर स्ट्राइकर फेरन टोरेज के साथ माइकल ओयारजबल और माइकल मेरिनो हैं। स्पेन 2010 में खिताब जीतने के बाद अपने पिछले 14 प्रयास में मात्र एक बार सेमीफाइनल में पहुंची है और उसे यदि दूसरी बार खिताब जीतने की अपनी हसरत पूरी करनी है तो फिर उसे इससे बेहतर प्रदर्शन करना होगा। यमाल ला लीगा में बार्सीलोना के लिए दमदार प्रदर्शन कर 16 गोल कर इस वि्श्व कप में खेलेंगे। बतौर मिडफील्डर पैड्रो में गोल खुद गोल करने के साथ गोल के अभियान बनाने का कौशल तो है ही वह जवाबी हमला बोल गोल कर मैच की तस्वीर बदलना भी जानते हैं।
स्ट्राइकर बापे और ओलइस में मजबूत रक्षापंक्ति को बिखेरने का दम: दुनिया की दूसरे नंबर की 2018 सहित दो बार विजेता और पिछले संस्करण की विजेता फ्रांस को इस बार चैंपियन बनना है कि उसके करिश्माई स्ट्राइकर कलियान बापे विश्व कप फाइनल में हैट्रिक और शानदार प्रदर्शन के लिए दो बार गोल्डन बूट जीत चके है। बापे ने 2018 में आठ गोल कर फ्रांस को खिताब जिताने में अहम भूमिका अदा की थी।फ्रांस की टीम पिछले सात संस्करणों में से चार के फाइनल में पहुंची है। रियल मैड्रिड से खेलने वाले बापे की खुशकिस्मती है कि उनके साथ बायर्न म्युनिख से खेलने वाले स्ट्राइकर माइकल ओलाइस र उनमें अपने पैरों की कलाकारी से दुनिया की मजबूत से मजबूत रक्षापंक्ति को बिखेरने का दम है और ये दोनों चले तो इस बार फ्रांस खिताब अपने नाम कर सकता है। फ्रांस इन दोनों के बूते अपने ग्रुप आई में सेनेगल और अर्लिंग होलन की अगुआई वाली नार्वे की चुनौती को आसानी से तोड़ सबसे पहले ग्रुप मं शीर्ष स्थान पा सकता है। फ्रांस के दिदियर डीशैंपस के रूप बेहतरीन कोच है।

अर्जेंटीना को फिर मैसी से कमाल की आस : अर्जेंटीना के सर्वकालीन महानतम स्ट्राइकर डिएगो माराडोना के वारिस अपना संभवत: आखिरी विश्व कप खेल रहे लियोनल मैसी अपने अंतराष्ट्रीय फुटबॉल करियर की शाम में अर्जेंटीना को ग्रुप जे अल्जीरिया और ऑस्ट्रिया की चुनौती को ध्वस्त कर शीर्ष स्थान दिलाने के बाद 2026 के संस्करण में विश्व कप खिताब बरकरार रखने में अहम रोल निभा सकते है। लियोनल स्कोलनी ने बतौर कोच अपने मार्गदर्शन में मैसी जैसे खिलाड़ी से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पिछले संस्करण में अर्जेंटीना को खिताब जिता अपने आलोचकों को शांत कर दिया था अर्जेंटीना के पास मैसी के साथ 26 वर्षीय एथलेटिको मैड्रिड से खेलने वाले स्ट्राइकर जूलियन अल्वारेज के साथ अलेक्सिज मैक एलिस्टर और एंजो फर्नांडीज के रूप में चतुर मिडफील्डर उसे बेहतरीन टीम बनाते हैं। अर्जेंटीना की टीम में 2022 में खिताब जीतने वाली टीम में बस नौ खिलाड़ी नहीं जबकि बाकी टीम वही है।

स्ट्राइकर रफिन्हा, विनिशयस , रेयन और नेमार हैं ब्राजील की ताकत : पांच बार की चैंपियन फीफा रैंकिंग में छठे नंबर पर काबिज ब्राजील इकलौती ऐसी फुटबाल टीम है जिसने अब तक हुए सभी 22 विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई कर इसमें शिरकत की है। ब्राजील को विश्व कप जीते 24 बरस हो चके । 1982 से ब्राजील ने हर वि श्व कप में अपने पूल में शीर्ष स्थान पाया है। कलात्मक फुटबॉल पर यकीन करने वाली ब्राजील ने अपने कोच इटली के कार्लोस एंसिलोटी के मार्गदर्शन में गेंद को ज्यादा कब्जे में रखने के बजाय बराबर साथी खिलाड़ी की ओर बढ़ाने की नीति अपनाई। ब्राजील की ताकत है उसके रफिन्हा, विनिशयस , रेयन और नेमार जैसे तेज तर्रार स्ट्राइकर की चौकड़ी है। ब्राजील की कोशिश अपने तेज तर्रार स्ट्राइकरों की रफ्तार का इस्तेमाल कर प्रतिद्वंद्वी के किले को भेदना है। ब्राजील की मौजूदा टीम में 15 खिलाड़ी वही हैं जिन्होंने पिछले विश्व कप में शिरकत की थी और उसकी टीम की औसत उम्र 29 बरस की औा ज्यादातर खिलाड़ी खासे लंबे हैं। ब्राजील की टीम ग्रुप सी में मोरक्को, स्कॉटलैंड और हैती के साथ और उसे इस बार भी अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

ब्राजील के पासस 19 बरस के लंबे कद के रेयन के रूप में ऐसे स्ट्राइकर हैं जो कि रफिन्हा के साथ मिलकर दुनिया की किसी भी रक्षापंक्ति को बिखेर गोल कर सकते है। इनके साथ ही गुइमारेज और पाइकुइता बतौरमिडफील्डर और मारकुइनोज डिफेंडर के रूप में उम्मीदों के मुताबिक खेले तो बेशक ब्राजील ढाई दशक के बाद फिर विश्व कप जीत सकती है।

इंग्लैंड के केन कसौटी पर होंगे : पांचवीं वरीयता प्राप्त इंग्लैंड की टीम खासे मुश्किल ग्रुप एल में खतरनाक घाना और क्रोआशिया के साथ है। इंग्लैंड ने हाल ही में कई बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल में स्थान बनाया। इंग्लैंड अपना तीसरा विश्व कप खेलने जा रहे स्ट्राइकर हैरी केन , अपना दूसरा विश्व कप खेलने जा रहे डेकलन राइस, जूड बेलिंघम और बुकायो साका पर भरोसा कर 1966 के बाद दूसरी बार विश्व कप खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। इंग्लैंड को सबसे पहले अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान पाना है कप्तान केन के साथ बतौर स्ट्राइकर एंथनी गार्डन को पैरों की कलाकारी दिखानी होगी। खासतौर पर कप्तान स्ट्राइकर केन कसौटी पर होंगे।हेनरी केन इंग्लैंड के कोच थॉमस टचेल की तुरुर का इक्का साबित हसे सकते हैं और उसके आसानी से क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीद हैक्योंकि नॉकआउट में कुछ भी मुमकिन है।

रोनाल्डो विश्व कप में यादगार प्रदर्शन को उतरेंगे: अपना छठा और आखिरी विश्व कप खेलने जा रहे 41 बरस के क्रिस्टियानो रॉनाल्डो अपने पूरे कौशल के बावजूद अब तक दुनिया की पांचवें नंबर की टीम पुर्तगाल को कभी विश्व कप नहीं जिता पाए हैं। ग्रुप के में पुर्तगाल को कोलंबिया जैसी लैटिन अमेरिकी टीम से कड़ी चुनौती मिलेगी। पुर्तगाल को अपनी खिताब जीतने की हसरत पूरी करनी है तो कप्तान रोनाल्डो के साथ प्लेमेकर मैनचेस्टर युनाइटेड के लिए खेलने वाले मिडफील्डर ब्रूनो फर्नांडीज को उम्मीदें पर खरा उतरना होगा। रॉनाल्डो इकलौते ऐसे फुटबॉलर है जिन्होंने पांच अलग अलग विश्व कप में गोल किए हैं और गोल करने के लिए पास के लिए वह ब्रूनो फर्नांडीज पर निर्भर करेंगे।

अब तक के फीफा विश्व कप फुटबॉल चैंपियन

देश कुल खिताब साल उपविजेता
ब्राजील 5 (1958, 1962, 1970, 1994, 2002) 2 (1950, 1998)
जर्मनी 4 (1954, 1974, 1990, 2014) 4(1966, 1982,1986, 2002)
इटली 4 (1934, 1938, 1982, 2006) 2 (1970 1994)
अर्जेंटीना 3 (1978, 1986, 2022) 3 (1930, 1990, 2014)
फ्रांस 2 (1998, 2018) 2 (2006, 2022)
उरुग्वे 2 (1930, 1950)
इंग्लैंड 1 (1966)
स्पेन 1 (2010)

23 वां फीफा विश्व कप फुटबाल 12 जून से 20 जुलाई, 2026 तक चलेगा।
कुल टीमें : 48, कुल मैच 104, 39 दिन। कुल खिलाड़ी : 1248 ।
2026 मे 20 बरस से कम के 22 खिलाड़ी और 40 वर्ष और इससे ज्यादा उम्र के 7 खिलाड़ी शिरकत करेंगे।

यूरोप की16, अफ्रीका की 10, एशिया की 9,नार्थ सेंट्रल अमेरिका व कैरबियन की 6, ओशिनिया की 1 टीम शिरकत करेगी।
पहली बार शिरकत करने जा रहे 4 देश: कैप वर्डे, कुराकाओ, जॉर्डन व उजबेकिस्ता॥
तीन मेजबान :अमेरिका (11 शहरों, 78 मैच), , मैक्सिको(3 शहरों, 13 मच), कनाडा (2 शहरों, 13 मैच ) में कुल 16 शहरों में होंगे मैच ।
ग्रुप मैच : 12 जून से 4 जुलाई। 8 प्री क्वॉर्टर फाइनल : 4 से 8 जुलाई। 4 क्वॉर्टर फाइनल : 10से 12 जुलाई। दो सेमीफाइनल :15 और 16 जुलाई। फाइनल : 20 जुलाई।
सभी टीमें अपने अपने ग्रुप की टीमों से एक एक बार भिड़ेंगी। 12 ग्रुप में से दो दो शीर्ष टीमें और तीसरे स्थान पर रहने वाली श्रेष्ठ आठ टीमें अंतिम 32 में पहुंचेगी।
विश्व कप फुटबॉल में 1930 व 1950 में 13 -13, 1934 मे 16, 1938 में 15, 1954से 1978 तक 16-16, 1982से 94 तक 24-24 टीमे, 1998 से 2022 तक 32 और 2026 में अब सबसे ज्यादा 48 टीमें शिरकत करेंगी।

कुल ग्रुप 12 : (* फीफा रैंकिंग)
ग्रुप ए : मैक्सिको(15), दक्षिण कोरिया (25), चैकिया (41), दक्षिण अफ्रीका (60)।
ग्रुप बी: स्विटजरलैंड (19), कनाडा(30), कतर (55), बोस्निया (65)।
ग्रुप सी : ब्राजील (6), मोरक्को(8), स्कॉटलैंड (43), हैती (83)।
ग्रुप डी : अमेरिका (16), तुर्किए (22), ऑस्ट्रेलिया (27), पराग्वे (40)।
ग्रुप ई: जर्मनी (10), इक्वेडोर (23), आइवरी कोस्ट (34), कुराकाओ (82)।
ग्रुप एफ : नीदरलैंड (7), जापान(18), स्वीडन (36), टयूनीशिया (44)।
ग्रुप जी : बेल्जियम (9), इरान (21), मिस्र (29), न्यूजीलैंड (85)।
ग्रुप एच : स्पेन(2), उरुग्वे (17), सउदी अरब (61), कैप वर्डे (69)।
ग्रुप आई : फ्रांस (1), सेनेगल (14), नार्वे (31), इराक (57)।
ग्रुप जे : अर्जेंटीना (3), अल्जीरिया (28), ऑस्ट्रेलिया (24), जॉर्डन (63)।
ग्रुप के : पुर्तगाल (5), कोलंबिया (13), कांगो (46), उज्बेकिस्तान (50)।
ग्रुप एल : इंग्लैंड (4),क्रोआशिया (11), पनामा (33), घाना।