लारेंस बिश्नोई को बंदूकें देने वाला गिरफ्तार

इंद्र वशिष्ठ

कुख्यात लारेंस बिश्नोई गिरोह को बंदूकें सप्लाई करने वाले हथियारों के एक सौदागर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार कर लिया है. एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि मोहम्मद शाहबाज़ अंसारी उर्फ शहजाद (निवासी शेख़ साहिबान नगर,खुर्जा,बुलंदशहर) को गिरफ्तार किया गया है.

मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल बंदूकें-
एनआईए को तफ्तीश के दौरान पता चला कि शाहबाज़ ने लारेंस बिश्नोई को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति की थी और यह भी पता चला है कि पंजाब में प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उन्हीं हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।
इससे पहले 18 अक्टूबर को एनआईए ने शहबाज़ अंसारी उर्फ ​​शहजाद के घर की तलाशी ली थी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जैसे अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के कागजात, डिजिटल उपकरण और पिस्तौल आदि जब्त किए थे। एनआईए ने आपराधिक सिंडिकेट/गिरोह के सदस्यों द्वारा रची गई आपराधिक साजिश मामले में यह 9 वां आरोपी गिरफ्तार किया है.

आतंकवाद के लिए भर्ती-
एनआईए के अनुसार यह मामला भारत और विदेशों में स्थित आपराधिक सिंडिकेट/गिरोहों के सदस्यों द्वारा धन जुटाने, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती करने के लिए रची गई साजिश से संबंधित है. जिसमें देश के लोगों के मन में आतंक पैदा करने के इरादे से प्रमुख लोगों की हत्याओं सहित जघन्य अपराधों को अंजाम दिया जाता है। इस सिलसिले में शुरू में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा (एफआईआर नंबर 238/04.08.2022) मामला दर्ज किया गया था. 26.08.2022 को एनआईए द्वारा फिर से मामला दर्ज किया गया.

डर,आतंक पैदा किया –
एनआईए को जांच में पता चला है कि लारेंस बिश्नोई के नेतृत्व में एक आतंकवादी, गैंगस्टर और ड्रग तस्कर सिंडिकेट कई लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग) और व्यवसायियों सहित डॉक्टरों आदि पेशेवरों से जबरन वसूली में शामिल था. इस सिंडिकेट ने बड़े पैमाने पर जनता के बीच डर और आतंक पैदा कर दिया था. इस तरह की सभी आपराधिक गतिविधियां स्थानीय घटनाएं नहीं थीं, बल्कि देश के भीतर और बाहर दोनों जगह सक्रिय आतंकवादियों, गैंगस्टरों, मादक पदार्थों के तस्करों की गहरी साजिश का हिस्सा थी.

जेल से चला रहा गिरोह-
एनआईए ने जांच में यह पाया कि अधिकांश साजिशें लारेंस बिश्नोई द्वारा जेल के अंदर से रची गई थीं और उन्हें भारत और विदेशों में स्थित गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क द्वारा अंजाम दिया गया था. बिश्नोई एक दशक से अधिक समय से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में लक्षित और सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देने की साजिश सहित कई मामलों में शामिल है.