विलकार्ट बदल रहा है ग्रामीण भारत की तस्वीर

Wilkart is changing the face of rural India

मुंबई(अनिल बेदाग) : भारत की आर्थिक प्रगति का अगला बड़ा अध्याय अब महानगरों नहीं, बल्कि गांवों की गलियों और किराना दुकानों में लिखा जा रहा है। इसी बदलाव का नेतृत्व कर रहा है बेंगलुरु स्थित ग्रामीण कॉमर्स प्लेटफॉर्म विलकार्ट, जिसने तकनीक, सप्लाई चेन और स्थानीय उद्यमिता को एक मंच पर लाकर ग्रामीण भारत के व्यापार मॉडल को नई दिशा दी है। वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,176 करोड़ के राजस्व के साथ कंपनी ने यह साबित कर दिया है कि भारत की वास्तविक विकास क्षमता गांवों में छिपी हुई है।

साल 2018 में सी. प्रसन्ना कुमार द्वारा स्थापित विलकार्ट आज दक्षिण भारत के 30,000 से अधिक गांवों में फैले 1 लाख से ज्यादा किराना स्टोर्स को निर्माताओं, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और ब्रांड्स से सीधे जोड़ रहा है। यह नेटवर्क न केवल ग्रामीण उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण और किफायती उत्पाद पहुंचा रहा है, बल्कि छोटे व्यापारियों के लिए खरीद प्रक्रिया को आसान और लाभदायक भी बना रहा है।

विलकार्ट की सबसे बड़ी ताकत उसका ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया टेक-आधारित सप्लाई चेन मॉडल है, जो पारंपरिक वितरण व्यवस्था की कमियों को दूर करते हुए गांवों में आधुनिक कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है। कंपनी का यह सफर केवल कारोबार बढ़ाने की कहानी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और सशक्त ग्रामीण भारत के निर्माण की एक प्रेरक मिसाल भी है।