रविवार दिल्ली नेटवर्क
गोवर्धन : प्रसिद्ध मुड़िया पर्व गुरु पूर्णिमा पर समाजसेवी व वरिष्ठ अध्यापक गोवर्धन निवासी छीतर मल शर्मा ने बताया कि मुड़िया पर्व (गुरु पूर्णिमा) ब्रजमंडल का अत्यंत प्राचीन, पावन एवं ऐतिहासिक पर्व है। यह पर्व हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, रूस, इंग्लैंड, नेपाल, बांग्लादेश तथा अन्य देशों से भी विश्व प्रसिद्ध प्राचीन श्री गोवर्धन धाम पहुँचते हैं और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप श्री गोवर्धन गिर्राज जी महाराज की सप्तकोसी परिक्रमा कर पुण्य अर्जित करते हैं।
श्री शर्मा ने बताया कि इस वर्ष मुड़िया पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु प्रातःकाल से ही मानसी गंगा, दानघाटी, मुखारविंद, राधाकुण्ड, श्यामकुण्ड, कुसुम सरोवर, पूँछरी का लौठा सहित गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धा के साथ परिक्रमा करते हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग में “राधे-राधे”, “जय श्री गिरिराज महाराज” तथा हरिनाम संकीर्तन की गूंज वातावरण को भक्तिमय बना देती है। उन्होंने बताया कि यह पर्व गुरु पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन सभी श्रद्धालु अपने गुरु का पूजन, चरण वंदन एवं आशीर्वाद प्राप्त कर आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं। सनातन संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान सम्मान दिया गया है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं।
छीतर मल शर्मा ने आगे बताया कि गौड़ीय सम्प्रदाय के भक्त इस दिन विशेष रूप से अपने गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए सिर मुंडन (मुड़िया) कराते हैं। इसी कारण इस पर्व को “मुड़िया पूर्णिमा” कहा जाता है। इसके बाद भक्त हरिनाम संकीर्तन करते हुए, नाचते-गाते, भजन-कीर्तन के साथ श्री गोवर्धन गिर्राज जी की परिक्रमा करते हैं। यह परंपरा श्री चैतन्य महाप्रभु एवं उनके अनुयायियों की भक्ति परंपरा से जुड़ी हुई मानी जाती है।
उन्होंने कहा कि गोवर्धन परिक्रमा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, त्याग और समर्पण का महापर्व है। इस दिन अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे, चिकित्सा शिविर, शीतल जल, छाछ, फल एवं विश्राम शिविर की व्यवस्था भी की जाती है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलती है।
श्री शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे परिक्रमा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें, प्रशासन के दिशि-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें, पर्यावरण की रक्षा करें तथा प्लास्टिक का उपयोग न करें। साथ ही श्रद्धा, अनुशासन और सेवा भाव के साथ इस पावन पर्व में सहभागी बनें।
अंत में उन्होंने सभी देशवासियों को मुड़िया पूर्णिमा एवं गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि श्री गोवर्धन गिर्राज जी महाराज एवं सद्गुरु की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का प्रकाश बना रहे।





