स्व के.सी. मालू के अधूरे सपनों को पूरा करना ही होगी सच्ची श्रद्धांजलि : गोपाल शर्मा

Fulfilling the unfulfilled dreams of the late K.C. Malu would be the true tribute: Gopal Sharma

रविवार दिल्ली नेटवर्क

जयपुर : राजस्थान सरकार के सर्वोच्च सिविल अवार्ड राजस्थान रत्न से सम्मानित, ‘वीणा’ समूह के संस्थापक अध्यक्ष तथा राजस्थानी लोक कला, संस्कृति और संगीत के महान पुरोधा स्वर्गीय के.सी. मालू के निधन पर जनप्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दोहराया। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा, पूर्व परिवहन मंत्री एवं डीडवाना विधायक यूनूस खान, सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल तथा विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं भारत सरकार के पूर्व पर्यटन सचिव डॉ. ललित के. पंवार (आईएएस, सेवानिवृत्त) ने मालू परिवार से मिलकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय के.सी. मालू का निधन केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लोक कलाकारों, लोक संगीत और राजस्थानी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में संगीत विश्वविद्यालय, विश्वस्तरीय परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी, राजस्थानी संस्कृति को समर्पित टीवी चैनल और वैश्विक सांस्कृतिक आयोजनों की परिकल्पना को साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

पूर्व मंत्री एवं डीडवाना विधायक यूनूस खान ने कहा कि के.सी. मालू जैसे व्यक्तित्व सदियों में जन्म लेते हैं। उन्होंने हजारों कलाकारों को मंच, सम्मान और नई पहचान दिलाई। मालू जी का जीवन यह संदेश देता है कि संस्कृति और समाज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उनका जाना व्यक्तिगत रूप से भी उनके लिए अपूरणीय क्षति है।

सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने कहा कि स्वर्गीय के.सी. मालू सुजानगढ़ की पहचान थे। उन्होंने अपने जन्मस्थान का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। राजस्थानी लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान सदैव स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मालू जी का सपना सुजानगढ़ में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करना था, जिसे पूरा करने में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उनके द्वारा शुरू किए गए सांस्कृतिक और सामाजिक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

पूर्व केन्द्रीय पर्यटन सचिव डॉ. ललित के. पंवार ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि के.सी. मालू ने ‘वीणा’ के माध्यम से राजस्थानी लोक संगीत को विश्वभर में नई पहचान दिलाई और वे वास्तव में “राजस्थान के लोक संगीत के गुलशन कुमार” थे। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 35 वर्षों से उनके और मालू जी के आत्मीय एवं पारिवारिक संबंध रहे। वर्ष 1991 में पर्यटन निदेशक रहते हुए जब उन्होंने राजस्थान पर्यटन की प्रसिद्ध टैगलाइन “पधारो म्हारे देश” तैयार की, तब मालू जी स्वयं उन्हें बधाई देने पहुंचे थे। बाद में पर्यटन विभाग, जवाहर कला केंद्र, आरटीडीसी तथा ‘वीणा’ समूह ने मिलकर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए।

डॉ. पंवार ने कहा कि राजस्थान और भारत सरकार को स्वर्गीय के.सी. मालू के अद्वितीय योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें मरणोपरांत पद्म सम्मान से अलंकृत करना चाहिए। यह सम्मान राजस्थान की लोक संस्कृति और उसके संवाहकों के प्रति राष्ट्र की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर हेमजीत मालू ने बताया कि उनके पिता स्व के सी मालू का सपना अपने पैतृक नगर सुजानगढ़ में लगभग ₹250 करोड़ की लागत से 250 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना करना भी था, ताकि क्षेत्र के लोगों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि परिवार संगीत विश्वविद्यालय, परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी सहित उनके सभी अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संकल्पित है।

श्रद्धांजलि देने पहुंचे सभी गणमान्य व्यक्तियों ने एक स्वर में कहा कि स्वर्गीय के.सी. मालू का व्यक्तित्व, उनकी सांस्कृतिक दृष्टि और कलाकारों के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा तथा उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।

श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में हरसहाय मीणा (आईएएस ) अतिरिक्त मुख्य सचिव तमिलनाडु शासन, चैन्नई, देवाराम सैनी (आईएएस), टी.पी. मीणा (आईआरएस), संदीप खंडेलवाल (आरएएस), प्रबंध निदेशक, राजफेड तथा अधिशासी अभियंता ललित मीणा (रिवर फ्रंट, कोटा) प्रमुख रहे।

उद्योग एवं व्यापार जगत से दिल्ली के उद्योगपति गोविन्द बाफना, सूरत के उद्यमी सुरेश बजाज, रायपुर के व्यवसायी ओमप्रकाश बगड़िया तथा शकुन ग्रुप के अखिल माहेश्वरी ने अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कला, साहित्य, संगीत एवं फिल्म जगत से रतन नगर से वरिष्ठ रंगकर्मी मुरारीलाल महर्षि , वरिष्ठ साहित्यकार भरत ओला, वरिष्ठ कला समीक्षक एम.डी. सोनी, संगीत निर्देशक अरविन्दर सिंह, संगीत निर्देशक बिराज कुमार महंता, पार्श्व गायक सतीष देहरा, मुंबई के सुप्रसिद्ध गीतकार सुधाकर शर्मा तथा फिल्म वितरक नंदू जालानी ने स्वर्गीय श्री के.सी. मालू के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि व्यक्त की।

इसके अतिरिक्त कला, संस्कृति, साहित्य, संगीत, उद्योग, व्यापार, राजनीति, खेल एवं समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक विशिष्ट जनों ने स्वर्गीय राजस्थान रत्न श्री के.सी. मालू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बहुआयामी व्यक्तित्व एवं समाज, कला और संस्कृति के प्रति आजीवन योगदान को अविस्मरणीय बताया।