हरिहर सिंह चौहान
इंदौर : वरिष्ठ साहित्यकार सुजाता देशपांडे द्वारा संपादित एवं संकलित नवसृजित कहानी-संग्रह ‘कथा संचय’ का भव्य लोकार्पण समारोह रविवार को श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर के सभागार में साहित्यिक गरिमा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ।
समारोह में महाराष्ट्र साहित्य सभा, इंदौर के प्रमुख अतिथि श्री अश्विन खरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि श्रीमती सुजाता देशपांडे का यह नवसृजित प्रयास अत्यंत अभिनव और प्रशंसनीय है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों के रचनाकारों की चुनिंदा कहानियों का समावेश किया गया है, जिससे यह संकलन साहित्यिक विविधता और सांस्कृतिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। समिति के अध्यक्ष श्री अरविंद जवळेकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पुस्तक की विस्तृत समीक्षा डॉ. ज्ञानेश्वर तिखे ने की। इस कथा-संग्रह में देश के विभिन्न क्षेत्रों के 37 रचनाकारों की कहानियों में कवि, लेखक व समीक्षक संजय एम तराणेकर की कथा “शक्कर का डिब्बा और राजू” भी सम्मिलित की गईं हैं। जो अस्सी के दशक को ध्यान में रखकर लिखी गईं हैं। तब के बच्चों का बचपन तंगी की हालत में गुजरता था। मिठाई खाने से वंचित बच्चे शक्कर को ही मिठाई का विकल्प मान खा लिया करते थे। इस अवसर पर संग्रह मे जिन रचनाकारों की कथा प्रकाशित हुई उन्हें स्मृति चिन्ह के साथ कथा संग्रह भी प्रदान कर सम्मानित किया गया l इस पुस्तक की विशेषता यह रही की साहित्यकार सुजाता देशपांडे ने स्वयं अपने खर्चे से यह पुस्तक प्रकाशित की और रचनाकारों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया, ऐसा बिरलें ही देखने में आता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ कु. अपूर्वा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ.सुवर्णा लपालीकर ने किया। यह जानकारी स्वतंत्र लेखक हरिहर सिंह चौहान ने दी।





