- भारत ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को दी करारी शिकस्त
- भारतीय महिला टीम फाइनल में श्रीलंका से भिड़ेंगी
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : 22 बरस की ओपनर ओपनर शैफाली वर्मा के पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट शतक की बदौलत मौजूदा चैंपियन भारत ने बांग्लादेश को कोरोगी स्पोटर्स पार्क, निशिन (जापान) में एशियाई खेलों के दूसरे महिला टी 20 क्रिकेट सेमीफाइनल में रविवार को 114 रन से करारी शिकस्त दी। मिजाज से आक्रामक बैटर शैफाली ने अपने स्तर से कही धीमी बल्लेबाजी कर अपना अविजित शतक पूरा किया, लेकिन बावजूद इसके उनकी इस पारी में क्रिकेट प्रेमियों को नौ छक्के देखने को मिले। शैफाली वर्मा (104 छक्के) ने स्मृति मंधाना(100 छक्के) के भारत के लिए टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शैफाली (9 छक्के) ने साथ ही अपनी कप्तान हरमनप्रीत कौर(8 छक्के) को पीछे कर एक टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाली बैटर बन गई। भारत ने हाल ही में दुबई में भी महिला टी 20 एशिया कप क्रिकेट में भी बांग्लादेश को 40 रन से शिकस्त दी थी। अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने से एक कदम दूर भारतीय महिला क्रिकेट टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में बुधवार को श्रीलंका से भिड़ेगी। भारत ने दुबई में एक हफ्ते पहले श्रीलंका को महिला टी 20 एशिया कप क्रिकेट फाइनल में 72 रन से हराया था।
शैफाली वर्मा के तेज शतक की बदौलत भारत ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए रविवार को निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर बनाया। शैफाली वर्मा 49 गेंद खेल कर नौ छक्कों और तीन चौकों की मदद से 100 रन और भारती फूलमाली पांच गेंद खेल कर एक छक्के की मदद से नौ रन बनाकर अविजित रहीं। शैफाली वर्मा ने श्रोना अख्तर की गेंद को हल्के से कवर में खेल कर एक रन दौड़ कर अपना अविजित शतक पूरा किया। शैफाली वर्मा जैसे ही शतक पूरा कर मैदान से बाहर आई तो उनकी सलामी जोड़ीदार मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित पूरी भारत महिला क्रिकेट टीम ने तालियों से उनका जोरदार स्वागत किया। विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करने के लिए ख्यात शैफाली वर्मा ने अहम सेमीफाइनल में जोश के साथ जरूरी होश दिखा कर दबाव में बेहतरीन बल्लेबाजी कर शतक जड़ा।
अनुभवी ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा (3/7), बाएं हाथ की स्पिनर श्रीचारिणी (2/7) ,श्रेयंका पाटील(1/22) की स्पिन त्रिमूर्ति और नौजवान तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा (3/25) और क्रांति गौड़ (1/20) ने गेंदबाजी इकाई के रूप में बेहतरीन गेंदबाजी कर बांग्लादेश को 15.4 ओवर में मात्र 81 रन पर ढेर कर भारत को बेहद आसान जीत दिला फाइनल में स्थान दिला दिया। बांग्लादेश के लिए ओपनर दिलहारा अख्तर ने पांचवी बैटर के रूप में आउट होने से पहले 23 गेंद खेल एक छक्के और तीन चौकों की मदद से सबसे ज्यादा 27 रन बनाए जबकि शर्मिन अख्तर (10 रन, 20 गेंद) और सुल्ताना खातून (अविजित12 रन, 8 गेंद, 2 चौके) दहाई की अंक में पहुंचने वाली दो अन्य बैटर रहीं। इन तीनों को छोड़ कर बांग्लादेश की बाकी बैटर तो बस क्रीज पर आती गई और जाती रहीं।
इससे पहले भारत की विस्फोटक ओपनर शैफाली वर्मा ने बांग्लादेश की बाएं हाथ की स्पिनर नाहिदा अख्तर की गेंद को उनके सिर के उपर से उड़ा 24 गेंद खेल कर पांच छक्कों और दो चौकों की मदद से टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का 100 वां छक्का जड़ कर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। यह शैफाली का बांग्लादेश के खिलाफ लगातार दूसरा अर्द्ध शतक है। शैफाली वर्मा ने अपनी सलामी जोड़ीदार स्मृति मंधाना (37 रन, 16 गेंद, दो छक्के, पांच चौके) के साथ पहले विकेट के लिए 72 और कप्तान हरमनप्रीत कौर (40 रन,33 गेंद, 6 चौके) के साथ तीसरे विकेट के लिए 94 रन की भागीदारी कर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा की सलामी जोड़ी ने 4.4 ओवर में बिना क्षति भारत के स्कोर को 50 रन पर पहुंचाया। तब स्मृति मंधाना 27 और शैफाली वर्मा 23 रन बनाकर क्रीज पर थी। स्मृति ने लेग स्पिनर राबया खान के पहले और पारी के पांचवें ओवर में एक छक्के और दो चौकों की मदद से 16 रन बनाए। स्मृति मंधाना (37 रन) पहले पॉवरप्ले के छठे व आखिरी व बाएं हाथ की स्पिनर नाहिदा अख्तर के पहले ओवर की आखिरी गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने की कोशिश में डीप मिडविकेट पर शोभन मिस्त्री को डीप मिडविकेट पर कैच थमा दिया। स्मृति मंधाना के रूप में भारत ने पहला विकेट 72 रन पर खोया तब शैफाली वर्मा 17 गेंद खेल कर तीन छक्कों व दो चौकों की मदद से 34 रन बना कर क्रीज पर थी। स्मृति मंधाना( 178 मैच, दो शतक,36 अर्द्धशतक , 4788 रन) आउट होने पहले न्यूजीलैंड की सूजी बेटस (186 मैच,एक शतक,28 अर्द्धशतक 4758 रन) को पीछे छोड़ कर टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बन गई। स्मृति मंधाना के आउट होने पर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की उतरी बाएं हाथ की बैटर जी कमलिनी ( 3रन, 10 गेंद) ने बांग्लादेश की बाएं हाथ की स्पिनर संजिदा अख्तर मेघला की गेंद को स्लॉग स्वीप करने की कोशिश में डीप मिडविकेट पर कैच थमा दिया और भारत ने दूसरा विकेट पारी के नौवें ओवर में 85 रन पर गंवा दिया। भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर (40 रन) पारी के 18 वें ओवर में बांग्लादेश की बाएं हाथ की स्पिनर राबया खान की फ्लाइटेड गेंद को उड़ाने की कोशिश में हवा में मात खा गई और विकेटकीपर निगार सुल्ताना ने उन्हें स्टंप कर दिया और भारत ने तीसरा विकेट 179 रन पर खो दिया। ऋचा घोष (2 रन, 4 गेंद) पारी के अंतिम पूर्व ओवर में तेज गेंदबाज मारूफा अख्तर की गेंद को उड़ाने की कोशिश में लॉन्ग ऑन पर श्रोना अख्तर को कैच दे बैठी और भारत ने चौथा विकेट 184 पर खो दिया।
श्रीलंका ने सेमीफाइनल में दी पाक को दी शिकस्त
कप्तान चामरी अट्टापट्टू की 50 गेंद पर छह छक्कों और सात चौकों की मदद से अविजित 81 रन की तूफानी पारी और उनकी हसिनी परेरा (42 रन, 26 गेंद, तीन छक्के, तीन चौके) के साथ दूसरे विकेट की 95 रन की तूफानी भागीदारी की बदौलत श्रीलंका (17.5 ओवर में दो विकेट पर 178 रन) ने पाकिस्तान (20 ओवर में चार विकेट पर 177 रन) को पहले सेमीफाइनल में आठ विकेट से करारी शिकस्त दी। शावल जुल्फिकार (54 रन, 50 गेंद, दो छक्के, तीन चौके) और आयश जफर (71 रन, 40 गेंद, दो छक्के, 9 चौके) के अर्द्धशतक और तीसरे विकेट की 115 रन की भागीदारी भी पाकिस्तान के काम न आई।





