चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियाई खेलों में कसौटी पर, महिला टीम स्वर्ण की मजबूत दावेदार

Champion Indian men's hockey team faces a test at the Asian Games; women's team is a strong contender for gold

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : दुनिया के बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में मौजूदा चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम एफआईएच विश्व कप 2026 में आठवें स्थान पर रहने के झटके से उबरने के बाद आईची -नगोया (जापान) में रविवार से शुरू हो रहे एशियाई खेलों में कसौटी पर होगी। भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों का लक्ष्य बेशक एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत 2028 के लॉस एंजेल्स के ओलंपिक के लिए सीधे क्वॉलिफाई करना है और दोनों इसमें सक्षम भी दिखाई देती हैं। चैंपियन भारत की पुरुष हॉकी टीम के सामने एशियाई खेलों का अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने की चुनौती है जबकि सलीमा टेटे की अगुआई वाली भारतीय महिला हॉकी के हौसले महिला हॉकी विश्व कप में उपविजेता रही नीदरलैंड से अपना इकलौता मैच हारने और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को बराबरी पर रोक बहुत करीब से सेमीफाइनल से चूकने और दक्षिण अफ्रीका और जर्मनी पर जीत के साथ 52 बरस में अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ पांचवां स्थान पाने से बेशक इस बार एशियाई खेलों में बुलंद हैं। भारत की महिला हॉकी ‘चीन की दीवार’ को तोड़ने के संकल्प के साथ एशियाई खेलों में चैंपियन चीन के साथ स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार के रूप में उतरेगी। भारतीय महिला हॉकी टीम के एशियाई खेलों को लेकर बस एक आशंका यही हो सकती है कहीं उसने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एमस्तलवीन (नीदरलैंड) में ही तो नहीं कर लिया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला हॉकी मुकाबले काकामिगहारा में होंगे। 2026 के महिला हॉकी विश्व कप में एशियाई टीमों में भारतीय महिला टीम सबसे उपर पांचवें, चीन की टीम आठवें और जापानीटीम 12 वें स्थान पर रही। भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम विश्व कप के अपने प्रदर्शन से सबक ले वहां रही खामियों को दूर कर केवल और केवल स्वर्ण पदक पर कब्जा करने के सपने को सच करने के संकल्प के साथ उतरेगी। 2023 के हांगजू एशियाई खेलों की चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम के इस बार जापान में भी यदि अपना स्वर्ण बरकरार रखती है तो नया इतिहास रच देगी।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम को जापान व द.कोरिया से चौकस रहना होगा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2025 में राजगीर(बिहार) में एशिया कप जीता था। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2023 में हांगजू सहित अब तक चार बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता है। भारत की पुरुष हॉकी टीम जापान में होने वाले एशियाई खेलों में अपने अभियान का आगाज पूल ए में आगाज 20 सितंबर रविवार को इंडोनेशिया के खिलाफ मैच से करने के बाद 22 सितंबर को श्रीलंका। 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया, 26 सितंबर को मेजबान जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश से भिड़ना है। भारत का पूल इस लिहाज से पाकि्स्तान के पूल बी से कहीं ज्यादा मुश्किल है। पुरुष वर्ग में पूल बी पाकिस्तान, मलयेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान, और थाईलैंड की टीमें हैं और यह अपेक्षाकृत आसान है। भारत मेजबान जापान और दक्षिण कोरिया की 2026 पुरुष हॉकी विश्व कप में शिरकत करने वाली एशियाई टीमों में सबसे उपर आठवें, पाकिस्तान 11 वें, जापान 14 वें और मलयेशिया 16 वें आखिरी स्थान पर रहा। इस लिहाज से भारत बेशक अपने पूल ए में पुरुष वर्ग में शीर्ष पर रह कर सेमीफाइनल में स्थान पाने का दावेदार जरूर है लेकिन वह जरा सी भी ढील गवारा नहीं कर सकता है। जापान अपने घर में खेलेगा और उसके दर्शक उसके साथ होंगे और ऐसे में भारत को उससे और दक्षिण कोरिया से पूरी तरह चौकस रहना होगा।

अभिषेक, सुखजीत और दिलप्रीत को करने होंगे ज्यादा मैदानी गोल
2026 के विश्व कप में कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह बेशक भारत के लिए सबसे ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर पर आठ गोल किए वहां सबसे ज्यादा गोल दागने में दूसरेस्थान पर रहे जबकि भारत के स्ट्राइकर अभिषेक नैन (3), सुखजीत सिंह(2) , दिलप्रीत सिंह(1) मिलकर छह गोल गोल ही कर पाए। भारत की पुरुष हॉकी टीम को एशियाई खेलों मे हांगजू की सुनहरी कामयाबी जापान में दोहरानी है तो फिर अभिषेक, सुखजीत और दिलप्रीत की त्रिमूर्ति को खुद ज्यादा मैदानी गोल करने के साथ ज्यादा से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर भी बनाने होंगे ही अनुभवी मंदीप सिंह और शिलानंद लाकरा को बतौर स्ट्राइकर गोल करने होंगे। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि विश्व कप की टीम में बेवजह कोच फुल्टन की प्रयोगशाला का शिकार बने आदित्य अर्जुन ललगे की जगह एशियाई खेलों के लिए अनुभवी और कुशल आक्रामक सेंटर हाफ राज कुमार पाल हैं। भारत के चीफ कोच फुल्टन दरअसल विश्व कप में जिस तरह खासतौर पर बेवजह के प्रयोग किए उससे साफ दिखा की यह उनकी प्राथमिकता था ही नहीं। फुल्टन शायद यही चाहते ही कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम विश्व कप में नहीं एशियाई खेलों में अपने ’शिखर‘ पर हो क्योंकि इनमें ही 2028 के लॉस एंजेल्स के लिए सीधे क्वॉलिफाई करने का टिकट दांव पर है। भारत के बूढ़े शेर मिडफील्डर मनप्रीत सिंह,स्ट्राइकर मंदीप सिंह और फुलबैक अमित रोहिदास अपने खेल के दम पर नहीं अपने नाम के कारण ही इस वक्त एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में हैं। भारत को एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण बरकरार रखना है तो इन तीनों के साथ खासतौर पर भारत की रक्षापक्ति में जर्मनप्रीत, जुगराज सिंह और सुमित के साथ दोनों गोलरक्षक सूरज करकेरा व मोहित एचएस को बहुत मुस्तैदी से भारत के किले की चौकसी करनी होगी।

‘एशियाई खेलों में कोशिश हर मैच में सर्वश्रेष्ठ देने की‘
‘ 2023 के एशियाई खेल से ठीक पहले हम एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में इनमें शिरकत करने वाली सभी एशियाई टीमों के खिलाफ खेले थे। दरअसल इस बार हमारे पास पुरुष हॉकी विश्व कप और एशियाई खेलों के बीच बहुत वक्त ही नहीं था। बावजूद इसके एशियाई खेलों में शानदार को बेताब हैं। हम इस बार हम एशियाई खेलों से पहले एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में खेले। हमारा पूरा ध्यान अपने खुद के खेल पर होगा। जापान एशियाई खेलों में हमारा पहला लक्ष्य अपने पूल में शीर्ष पर रहने की कोशिश करना है। हमें हर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पूरी शिद्दत से खेल कर अपना सर्वश्रेष्ठ दिखाना होगा। हम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्का आंकने की भूल नहीं कर सकते। हमारी पूरे एशियाई खेलों में कोशिश हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की रहेगी जहां तक 2026 के विश्व कप में ढीले प्रदर्शन की है तो हमने उसका विश्लेषण करने के बाद यह जाना कि एशियाई खेलों में हमें किन चीजों पर ज्यादा ध्यान देने और क्या सुधारने की जरूरत है। हॉकी विश्व कप 2026 में आठवें स्थान पर रहने के बाद हमारी तमन्ना उससे सबक ले बेशक एशियाई खेलों में बतौर टीम प्रदर्शन करने की है। ‘ क्रेग फुल्टन, भारतीय पुरुष हॉकी टीम के चीफ कोच
एशियाई खेलों के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम : गोलरक्षक :मोहित एचएस, सूरज करकेरा। रक्षापंक्ति : हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जर्मनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय राणा, सुमित , यशदीप सिवाच। मध्य पंक्ति :राजिंदर सिंह, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकांत शर्मा, विवेक सागर प्रसाद।अग्रिम पंक्ति : अभिषेक नैन, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकरा, मंदीप सिंह।

महिला हॉकी टीम को चीन के पलटवार से चौकस रहने की जरूरत
वहीं सलीमा टेटे की अगुआई वाली 2023 की कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम के महिला हॉकी विश्व कप 2026 में पांचवें स्थान पर रहने के बाद आईची- नगोया(जापान) में इस बार चीन के साथ खिताब की सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। चीन को महिला हॉकी विश्व कप में दो दो की बराबरी रोकने के बाद जापान में एशियाई खेलों में उसके पलटवार से भारत को चौकस रहने की जरूरत होगी। अपनी ऑस्ट्रेलियाई कोच एलिसा अन्नान के मार्गदर्शन में चीन की टीम 2023 में एशियाई खेलों में जीता अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने के लिए बदली रणनीति से उतरेगी। भारत को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है तो फिर स्ट्राइकर नवजोत कौर, ललरेमसियामी, दीपिका सहरावत ,इशिका, बलजीत कौर को अग्रिम पंक्ति में धार, नेहा, , निकी प्रधान , सुनीलिता टोपो, साक्षी राणा को मध्यपंक्ति में चतुराई तथा रक्षापंक्ति में शिल्पी डबास ,सुशीला चानू, इशिका चौधरी और दोनों गोलरक्षक सविता और बिच्छू देवी खरीबम को पूरी मुस्तैदी दिखानी होगी। सच तो यह है कि भारत की गोलरक्षक सविता और बिच्छू खरीबम उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

भारत की महिला हॉकी टीम पूल बी में मेजबान जापान,थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया व उज्बेकिस्तान की टीमें है जबकि पूल ए में चैंपियन चीन, दक्षिण कोरिया मलयेशिया, कजाकिस्तान, चीनी ताइपे और बांग्लादेश की टीम हैं। भारत की महिला हॉकी टीम एशियाई खेलों में पूल बी में 20 सितंबर को उज्बेकिस्तान, 21 सितंबर को इंडोनेशिया ,23 सितंबर को थाईलैंड, 23 सितंबर को जापान से तथा 27 सितंबर को सिंगापुर से भिड़ेगी।

‘कामयाबी के लिए निरंतर कोशिश करनी होती है‘

हमने महिला हॉकी विश्व कप 2026में कुछ शानदार और ऐतिहासिक किया पर लेकिन हमें अपना ध्यान जापान में एशियाई खेलों पर लगाना है। हमें अब विश्व कप को पीछे छोड़ पूरी ताकत एशियाई खेलों में झोंकनी है। कामयाबी स्थायी नहीं हे और आपको इसके लिए बार बार निरंतर और कोशिश करनी होती है। -शुएर्ड मराइन ,भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच

एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम : गोलरक्षक : सविता व बिच्छू देवी खरीबम। रक्षापंक्ति : सुशीला चानू पुखरंबरम, शिल्पी डबास, ज्योति, इशिका चौधरी,ललथांतलुआंगी। मध्यपंक्ति : सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, निकी प्रधान, साक्षी राणा, सुनीलिता टोपो, दीपिका सोरेंग। अग्रिम पंक्ति : ललरेमसियामी, नवनीत कौर, दीपिका सहरावत, इशिका,, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग।

एशियाई खेलों में रविवार के हॉकी मैच
महिला: भारत वि उज्बेकिस्तान, सुबह साढ़े सात बजे।
पुरुष : भारत वि इंडोनेशिया, सुबह साढ़े 11 बजे।(भारतीय समयानुसार)।