हम अब कम खिलाड़ियों के खेलना सीख चुके हैं

Our team is united in crisis and is successful in overcoming it: Harmanpreet Singh

हमारी टीम में हर किसी को एक दूसरे पर भरोसा है

सत्येन्द्र पाल सिंह

मोहाली (पंजाब)

ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी और चीफ कोच क्रेग फुल्टन के मार्गदर्शन में भारत ने लगातार तीसरी और कुल छठी बार पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी खिताब जीत कर एशिया में हॉकी में अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखी। भारत ने पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जापान को लीग मैच के 4-1 के अंतर को दोहराते दर्ज जीत दर्ज। भारत को फाइनल में उम्मीद से ज्यादा संघर्ष करने पर जीतने की बाबत कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा, ‘बेशक शुरू के दो क्वॉर्टर में जापान की टीम हावी रही। जापान का हमारे खिलाफ फाइनल में शुरू में ही गोल दागना इस बात का प्रमाण था कि वह हमारे खिलाफ खास योजना बना कर उतरा था। साथ ही हमने शुरू के दो क्वॉर्टर में गोल करने के कई आसान मौके चूके बावजूद इसके हमें फाइनल में वापसी करने का पूरा भरोसा था। जापान ने शुरू में हमारे खिलाफ मैन टू मैन मार्किंग की रणनीति अपनाई। हमने जोनल मार्किंग की रणनीति अपनाई और इसमें हमारी मध्यपंक्ति को ज्यादा चतुर खेल दिखाने की जरूरत थी। ऐसे में टीम को साफ संदेश था कि खुद पर भरोसा बनाए रखना। हम जानते थे कि हम यदि अपने स्ट्रक्चर पर काबिज रहेंगे तो गोल करने में कामयाब रहेंगे।`
उन्होंने कहा,‘खासतौर पर हमारी भारतीय टीम के पंजाब से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह जीत इसलिए खास रही कि उन्होंने अपने चहेतों और अपने घर में अपने परिवारजनों के सामने यह खिताब जीता। जहां तक चोट के चलते कई सीनियर खिलाड़ियों के एशियन चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर रहने की बात तो इस बाबत मेरा मानना है कि टोक्यो ओलंपिक के बाद हम अहम मौकों (2020 के टोक्यो ओलंपिक में भारत के इंग्लैंड के खिलाफ मैच में अमित रोहिदास को लाल कार्ड दिखाए जाने के चलते बाहर कर दिया गया था। हम अब कम खिलाड़ियों के खेलना सीख चुके हैं। चोट के चलते अभिषेक नैन के सेमीफाइनल से बाहर रहने और फाइनल मे भी टुकड़ो टुकड़ों में खेलने के बावजूद हम इसलिए जीतने में कामयाब रहे क्योकि हमारी टीम में हर किसी को एक दूसरे पर भरोसा है। किसी भी संकट में हमारी पूरी टीम एकजुट होकर उससे पार पाने में सफल रहती है। जहां 2028 के लॉस एंजेल्स के लिए कई सीनियर खिलाड़ियों के रिटायर की चर्चाओं की बाबत मैं कुछ नहीं कहना चाहता।‘
अब हम कम गोल खा रहे हैं, ज्यादा गोल कर रहे हैं : फुल्टन
भारतीय हॉकी टीम के चीफ कोचक्रेग फुल्टन ने कहा, ‘ बेशक जापान की टीम फाइनल में पहले हाफ में बहुत बढ़िया खेली। हमने दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल की तरह फाइनल में जापान के खिलाफ बढ़िया वापसी की। हमें फाइनल मैच में जापान के खिलाफ वापसी का पूरा भरोसा था। हम हाफ टाइम तक जापान से महज एक गोल से पीछे थे न कि तीन गोल से। एक गोल से पिछड़ने के हमने आखिरी दो क्वॉर्टर में पूरी ताकत झोंक बाद हमने चार गोल कर फाइनल और मैच जीता। हम जानते थे कि हम बेहतर कर सकते हैं। हमारे लिए जापान के पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल जैसे मैच बेहद अहम हैं क्योंकि अब हमारा ध्यान 2028 के लॉस एंजेल्स के बाकी बचे 18 महीने के चक्र में कई नए चेहरों के साथ उतर कर यह देखेंगे कि वे कैसा प्रदर्शन करते हैं। पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में नौजवान खिलाड़ियों के लिए अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अपना खेल बेहतर करने का बढ़िया मौका साबित हुआ। हम जापान के खिलाफ फाइनल में माकूल नतीजे के बावजूद हमने इससे बहुत कुछ सीखा।जो भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएगी उसमें कई नौजवान प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा। मैंने जब से भारतीय टीम की कमान संभाली है तो हमारी भारतीय हॉकी टीम ने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण और लगातार तीसरी बार पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी खिताब जीत कर एशिया में अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखी है। अच्छी बात है कि हमारी भारतीय टीम अब कम गोल खा रही है और ज्यादा गोल कर रही है।‘
पंजाब के खिलाड़ियों और नीलकांत के लिए खिताब जीतना चाहते थे: विवेक सागर
भारत को पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी खिताब बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाने वाले सेंटर हाफ विवेक सागर प्रसाद ने कहा,‘ हमारी टीम के पंजाब से आने वाले खिलाड़ियों के लिए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी बेहद खास थी क्योंकि वे पहली बार अपने घर में अपने परिवारजनों और दोस्तों के सामने खेल रहे थे। साथ ही एशियन चैंपियस ट्रॉफी हॉकी भारत के लिए 10-12 बरस से खेल कर इस टूर्नामेंट के बाद अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने की घोषणा करने वाले सेंटर हाफ नीलकांत शर्मा और पंजाब के लिए यह टूर्नामेंट जीतना चाहते थे और हम इसमें कामयाब रहे। हमारी टीम में हर किसी ने इसीलिए पूरी शिद्दत से पूरी ताकत भारत को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जिताने में झोंक दी।