- 2028 ओलंपिक के लिए चार से छह खिलाड़ी बदले जाएंगे
- हर खिलाड़ी जानता है कि वह कब तक खेलना जारी रख सकता है
- जो खिलाड़ी भी समय रहते चले जाते हैं तो उनकी इज्जत बनी रह जाती है
- टीम में बदलाव में उम्र नहीं बल्कि खिलाड़ी का कौशल और फिटनेस पैमाना
- नए कोर ग्रुप के लिए मैराथन या फर्राटा दौड़ के लिए बल्कि हॉकी खिलाड़ी चुनने है
- एचआईएल जनवरी में होगी, एचआईएच का दो ओलंपिक में कांसा जिताने में अहम योगदान
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : हॉकी इंडिया की राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष डॉ.रामप्रकाश सिंह यानी आरपी सिंह ने कहा कि जापान में 2026 के एशियाई खेलों में पुरुष और महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब उनका ध्यान 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक के लिए मजबूत टीम तैयार करने पर है। रामप्रकाश सिंह ने कहा, ‘हमारा पहला लक्ष्य था कि भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमें एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते और अब यह पूरा हो गया है। अब हमारा फोकस 2028 के लिए ओलंपिक के लिए मजबूत टीम तैयार करने पर है। हमें अब से दो बरस बाद यानी 2028 के ओलंपिक के भारत की मजबूत पुरुष हॉकी टीम तैयार करनी है और इसके लिए चार से छह सीनियर खिलाड़ी बदले जाएंगे क्योंकि वे संभवत: तब तक पूरी तरह फिट नहीं रह पाएंगे। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए यह बदलाव का दौर है। 2028 तक जहां तक सीनियर खिलाड़ियों को बदलने की बात है तो मैं यह कहूंगा कि हर खिलाड़ी अपना खेल और अपनी फिटनेस समझता है। हर खिलाड़ी जानता है कि वह कब तक खेलना जारी रख सकता है। हम 2028 तक उन्हीं खिलाड़ियों को चुनेंगे जो कि तब तक फिट रहेंगे। हम 2028 के ओलंपिक के लिए प्रदर्शन के आधार पर नए और पुराने खिलाड़ियों का नया कोर ग्रुप बनाएंगे। जब खिलाड़ी 10-12 बरस तक भारत के लिए साथ साथ खेलते हैं और इसके बाद जब उन्हें बाहर किया जाता तो उन्हें उनके साथ खेलने वाले खिलाड़ियों के साथ उन्हें बाहर करने वाले चयनकर्ताओं के लिए भी मुश्किल होता है। यह कड़वा सच है कि हर खिलाड़ी एक दिन अपनी हॉकी टांगनी होती है। हर खेल में एक खिलाड़ी जाता है तभी दूसरा और तीसरा खिलाड़ी आता है। जो खिलाड़ी भी समय रहते चले जाते हैं तो उनकी इज्जत बनी रह जाती है। हमने 2024 के पेरिस ओलंपिक के बाद जर्मनी के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद भी हमने टीम में बदलाव की सोची थी। जहां तक 2028 के ओलंपिक के लिए टीम में बदलाव की बात है तो इसमें उम्र नहीं बल्कि खिलाड़ी का कौशल और फिटनेस पैमाना होगा। हम नए कोर ग्रुप के लिए मैराथन या फर्राटा दौड़ के लिए बल्कि हॉकी खिलाड़ी चुनने है। हम कोर ग्रुप के लिए खिलाड़ियों को चुनने में आज नए जमाने की आक्रामण और रक्षण दोनों में माहिर खिलाड़ियों को ज्यादा तवज्जो देंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि आज नए जमाने की हॉकी में गोलरक्षक को छोड़ कर टीम में हर खिलाड़ी अटैकर है और हर खिलाड़ी डिफेंडर। आज हर खिलाड़ी को मालूम है वह कब तक खेल सकता है। हमारी भारत की 2028 के लिए मजबूत टीम तैयार करने के लिए चीफ कोच से चर्चा भी हुई है। हमारी पुरुष और महिला हॉकी टीमों के 2026 के एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतने से एक बात तो साफ हो गई कि हम एशिया में सर्वश्रेष्ठ और एशिया की बड़ी हॉकी ताकत है। अब हमारा जोर भविष्य और ओलंपिक के लिए तैयार करने के मद्देनजर उसके लिए दुनिया और यूरोप की नीदरलैंड, जर्मनी ,स्पेन और बेल्जियम तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मजबूत टीम तैयार करने पर है। पहले एशियाई खेल हमारा वर्तमान था। अब हमारा ध्यान 2028 के ओलंपिक पर है।
उन्होंने कहा,‘ हमारी कोशिश अब ज्यादा विदेशी टीम को अपनी भारतीय टीम के खिलाफ अपने घर और विदेश में टेस्ट सीरीज में मौका देने की है। साथ ही हमारे लिए हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) बेहद अहम है। हमारे नए कोर ग्रुप में 10 से 21 अक्टूबर तक हुई सीनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप और काफी समय से सीनियर राष्ट्रीय हॉकी शिविर में रहने वाले खिलाड़ियों को शामिल कापे की रहेगी। हमारी भारत ए टीम अब इसी महीने न्यूजीलैंड में उसके खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने जाएगी और इसमें आप नए कोर में नए खिलाड़ियों को खेलता देखेंगे। हम कोर ग्रुप में शामिल नए खिलाड़ियों को शामिल कर उसे भारत की डेवलपमेंट टीम के साथ मौका देंगे। साथ ही हम कोर ग्रुप के खिलाड़ियों के खेल की चार महीने में समीक्षा करेंगे और यह देखेंगे कि वह भारत के लिए कितना खरा उतरा और उसके खेल में क्या सुधार करने की है। एचआईएल का भारत को पिछले लगातार दो ओलंपिक में कांसा जिताने में खास अहम योगदान है। मेरी जानकारी के मुताबिक एचआईएल जनवरी में होनी चाहिए है। इसमें अंतर्राष्ट्रीय विदेशी खिलाड़ियों के साथ और उनके खिलाफ खेलने से हमारे खिलाड़ियों का अपना खेल बेहतर करने में बहुत मदद मिली। जहां तक हमारे हॉकी खिलाड़ियों की विदेशी हॉकी लीग में खेलने की बात है तो हमारे कई खिलाड़ी ऑस्ट्रेलियाई और जर्मनी हॉकी लीग में खेले। हमारे भारतीय टीम के खिलाड़ी विदेशी हॉकी लीग में इसलिए नहीं खेल पाते हैं क्योंकि वे भारतीय हॉकी टीम के लिए खेलने में शिविर में जयादा व्यस्त रहते हैं।’
राम प्रकाश सिंह ने कहा, ‘हॉकी इंडिया के चुनाव 5 दिसंबर को होंगे और इसी दिन भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के भी चुनाव होंगे। हॉकी इंडिया के चुनाव की तैयारियां ूरी हो चुकी हैं। चुनाव आयुक्त भी तय हो चुके हैं। हर राज्य हॉकी संघ से पुरुष और महिला प्रतिनिधि के रूप मे हर राज्य हॉकी संघ का नुमाइंदा हॉकी इंडिया के चुनावों के लिए मत देगा,,





