वन डे विश्व कप को शुरू होने में एक बरस बाकी, और मुझे अपना लक्ष्य मालूम
खुद से यही वादा किया कि मैं सकारात्मक क्रिकेट ही खेलूंगा
सत्येन्द्र पाल सिंह
विराट कोहली ने कप्तान शुभमन गिल के साथ बेहतरीन शतक जमा भारत को वेस्ट इंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में रविवार रात पहला वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच आठ विकेट से जिता कर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त दिला दी। विराट कोहली ने शतक जड़ने के साथ वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सचिन तेंडुलकर के बाद 15हजार से ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज गए। विराट कोहली ने इस शतक के साथ अपने उन आलोचकों का मुंह बंद कर दिया जो कि उनके 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले आईसीसी वन डे क्रिकेट विश्व कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किए जाने को सवाल खड़े करते रहे हैं। विराट कोहली 2026 में वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 523 रन बनाने के साथ रन बनाने में तीसरे नंबर पर है।
विराट ने कोहली ने कहा,‘ मेरा ध्यान कभी भी कीर्तिमान बनाने पर नहीं रहा। मेरा फोकस हमेशा हालात के मुताबिक टीम के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने पर रहा है। मैं बेशक भारत के लिए इतने लंबे तक खेलने का मौका मिलने के लिए आभारी हूं और खुद को खुशकिस्मत मानता हूं। मैं बस एकाग्र होकर शांत भाव क्रिकेट खेल रहा हूं। बहुत लोग लोग यहां पहुंचना चाहते हैं। हम खुशकिस्मत हैं कि हम यहां हैं। अपने क्रिकेट करियर के इस पड़ाव पर मुझे एक चुनौती मिली कि मैं अपनी क्रिकेट का स्तर और उंचा उठाउं। मैं अपने क्रिकेट करियर के इस पड़ाव पर अपने ‘नए अवतार’ को दिखाने को प्रतिबद्ध हूं। मैं भारत के लिए खेलने के हर पल का आनंद लेता हूं। मैं निरतर कड़ी मेहनत करता हूं। मैं चेहरे पर मुस्कान रख दूसरों के चेहरों पर भी मुस्कान लाने की कोशिश करता हूं। मैं बस यही कहूंगा कि जब आप मैदान पर उतरें तो बाहर की बाबत न सोचकर अपनी पूरी ताकत अपना सर्वश्रेष्ठ करने में झोंक दे। किसी बहाने की गुंजाइश नहीं है। अभी वन डे विश्व कप को शुरू होने में एक बरस बाकी है और मुझे अपना लक्ष्य मालूम है। मुझे जरूरत अपनी क्रिकेट के अलग अलग पहलुओं पर मेहनत करने की थी। एक बाउंड्री से दूसरी बाउंड्री तक दौड़ना। जोश दिखाते हुए जरूरी चीजें करना। मैं क्रिकेट में हर दिन का लुत्फ उठाना चाहता हूं। जहां तक रविवार को हमारे नौजवान कप्तान शुभमन गिल के शतक जड़ने वाले की बात है तो उनके साथ भागीदारी करना मुश्किल नहीं होता है। बस हम दोनों मैदान पर आपस में कुछ चर्चा कर सकते हैं। शुभमन गिल को बहुत ज्यादा कहने की जरूरत नहीं है। मौजूदा भारतीय टीम की प्रतिभा और काबलियत के साथ न्याय करें।‘
विराट कहते हैं,‘ मैंने बस खुद से यही वादा किया कि मैं सकारात्मक क्रिकेट ही खेलूंगा, क्योंकि मैं यह खेल सकता हूं। मैं इसी तरह खेलना जारी रखूंगा लेकिन आप जानते हैं कि लापरवाह कतई नहीं होना चाहिए। ऐसा इसलिए बतौर एक अनुभवी पेशेवर खिलाड़ी मुझमें यह योग्यता होना चाहिए मैं बिना लापरवाह शॉट खेल अपनी टीम को जिता सकूं। आपको जेहनी तौर पर खुल कर खेलने के लिए जरूरी है कि आप शारीरिक रूप से फिट हों। मैं शारीरिक रूप से फिट रहने पर ही वैसे सोच पाता हूं। इससे मुझे मैदान पर जाकर ठीक वैसे ही खेलने का सबसे बेहतर मौका मिलता है जैसा मैंने बृहस्पतिवार रात किया। क्रिकेट बहुत हद तक जेहनी खेल हैं। मैंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खेलने पर भी कभी भी बहुत ज्यादा अभ्यास नहीं किया। मेरे लिए इसीलिए जेहनी पर तरोताजा रहना जरूरी है। मेरे लिए आज में रहना और मैदान पर खुल कर खेलना जरूरी है। मतलब यह कि मैं एक खास अंदाज में खेलूं और इस तरीके से खेलने का अभ्यस्त हो जाउं। हमें बस एक कदम पलट कर यह देखने की जरूरत है कि हम कहां से आए हैं। दुनिया की भागदौड़, शोहरत और अपने मुरीदों के प्यार में हम यही बात अक्सर भूल जाते हैं। यह भूलना बहुत आसान है कि आप कहां से आए हैं। मुझे लगता है कि जब आप पलटकर आप बचपन में शुरू क्रिकेट की अपनी इस यात्रा को देखते हें तो दिल में बस आभार जताने का मन हो जाता है।‘
मैं अपनी इसी लय के साथ गेंदबाजी करना चाहता हूं : कु़लदीप यादव
वेस्ट इंडीज के खिलाफ पहले वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैच 40 रन देकर चार विकेट ले मैन ऑफ द’ मैच रहे भारत के बाएं हाथ के लेग स्पिनर कुलदीप यादव लय में गेंदबाजी करने से यकीन करते हैं। कुलदीप यादव ने कहा, ‘जब आप सहज होकर गेंदबाजी कर गेंदबाजी का लुत्फ उठाते हैं और तब आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। इस तरह आत्मविश्वास वापस पाने के लिए आपको वेस्ट इंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में पहले वन डे अंतर्राष्ट्रीय जैसे बढ़िया स्पैल की जरूरत होती है। निजी तौर पर मैं लय में रह कर गेंदबाजी करने में यकीन करता हूं।मैं बृहस्पतिवार को सहज होकर लय में होकर मनमुताबिक गेंदबाजी कर रहा था। मैंने अपनी गेंद की रफ्तार में बराबर बदलाव किया । मैंने बल्लेबाज के जेहन को पढ़ की उसके मुताबिक अपनी गेंदबाजी में बदलाव कर यह अनुमान लगा कर गेंदबाजी की वह मेरी गेंद को कहां उड़ा सकता है। मैंने खुद को बढ़िया लय में पाया। जब आप बतौर गेंदबाज खुद को लय में महसूस करते हैं तो फिर सब कुछ बढ़िया दिखाई देता है।अभी भी गेंदबाजी में और सुधार की गुंजाइश है।मैं अपनी इसी लय के साथ गेंदबाजी करना चाहता हूं और यही सबसे अहम भी है। किसी भी फॉर्मेट में गेंदबाजी करते हुए सबसे अहम है पूरी लय में गेंदबाजी करना।वन डे विश्व कप को शुरू होने में एक बरस बाकी है और मुझे अपना लक्ष्य मालूम है। लय में रहने पर मैं बहुत विविधतापूर्ण गेंदबाजी कर बल्लेबाज को उलझा देता हूं।’
कुलदीप यादव ने चार विकेट चटका मैच में वापसी कराई : शुभमन गिल
वेस्ट इंडीज के खिलाफ विराट कोहली की तरह शतक जड़ भारत को जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले कप्तान शुभभन गिल ने कहा, ‘सच कहूं जब मैं आउट होकर लौटा तो तब मुझे लगा कि मुझे भारत को जिता कर मैदान से लौटना चाहता था। बावजूद इसके मेरी यह पारी संतोषजनक रही। जब वेस्ट इंडीज की के जॉन कैंपबेल व शतक जड़ने वाले जस्टिन ग्रीव्ज की सलामी जोड़ी ने शतकीय भागीदारी कर ली तो तब हम मैच में बैकफुट थे। बाएं हाथ के लेग स्पिनर जैसा गेंदबाज यदि बीच के ओवरों में बढ़िया गेंदबाजी करता है तो तब वह विकेट चटकाने वाले गेंदबाज हैं। तब कुलदीप यादव ने वेस्ट इंडीज के चार विकेट चटका कर हमारी मैच में वापसी कराई। जहां तक विराट (कोहली) भाई के छक्के जड़ने की बात है तो मैं बस यही कहूंगा कि वह शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। विराट भाई और खुल कर अपनी बल्लेबाजी करने के साथ इसका लुत्फ भी उठा रहे हैं और उनमें हमेशा बाउंड्री जड़ने का दम है। विराट भाई जैसे भारत को बहुत मैच जिताने वाला बल्लेबाज को अपने उसके अपने अंदाज में बल्लेबाजी करने देना चाहते हैं और जब दिन उनका हो तो फिर वह अपने ही दम आपको मैच जिता सकते हैं। बेशक हम अपनी एकादश में आठ बल्लेबाज चाहते हैं और कोई ऐसा बल्लेबाज जो कम से कम 20 30 रन बना दे। हम अलग अलग संयोजन को आजमाने को बेताब है।’
जब जानते हैं कि मैदान पर क्या करना है तो टीम में स्पष्टता रहती है: प्रसिद्ध
60 रन देकर वेस्ट इंडीज के कैसी कार्टी(13) और रॉस्टन चेज (24) के विकेट चटकाने वाले भारत के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने वन डे अंतर्राष्टीय क्रिकेट में अपनी हाल ही कामयाबी का श्रेय ड्रेसिंग रूम में स्पष्टता और संवाद को दिया। प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा,‘ हर मैच एक तरह की चुनौती पेश करता है। हम हर सत्र में कुछ बेहतर करने की कोशिश करते हैं। जब आप यह जानते हुए कि मैदान में आपको क्या कुछ करना तो टीम में स्पष्टता रहती है। मुझे भी यह मालूम होता कि मैदान पर उतरने पर मुझे क्या करना है और आपस में बढ़िया बातचीत भी होती। ये सभी बात मुझे अच्छी गेंदबाजी करने में मदद करती हैं। मैं और गुरनूर बराड़ अब गुजरात टाइटंस के लिए आईपीएल दो बरस साथ साथ खेल चुके हैं। हम दोनों के बीच बढ़िया तालमेल बन चुका है। आप अब उनकी बाबत जानते हैं। हम एक दूसरे की क्षमता से वाकिफ हैं। हम मैच के दौरान भी आपस में संवाद करते हैं। एक दूसरे से निजी तौर पर वाकिफ होने से एक दूसरे की ताकत और कमजोरियों का भी पता चल जाता है। इससे दबाव से निपटने में भी मदद मिलती है। विराट कोहली ने अविश्वसनीय पारी खेली। हम मैदान से बाहर बैठे यह सोच रहे थे कि हम बतौर गेंदबाज मैदान पर विराट कोहली को गेंदबाजी करते तो कैसे गेंदबाजी करते। विराट गेंद पर बढ़िया ढंग से प्रहार कर रहे थे। हम सभी विराट(कोहली) भाई को बल्लेबाजी करते देख कर बड़े हुए हैं। रविवार को विराट ने जैसी बल्लेबाजी की वह अदभुत थी।हम सभी उनकी बल्लेबाजी को देखकर रोमांचित है।‘





