गोलरक्षक सविता और बिच्छू की मुस्तैदी से भारत की महिला टीम भी दूसरे चरण में

Thanks to the alertness of goalkeeper Savita and Bichu, the Indian women's team has also advanced to the second round

  • भारत ने इग्लैंड को गोलरहित बराबरी पर रोक पूल डी में दूसरा स्थान पाया
  • भारत आज नीदरलैंड की महिला टीम से

सत्येन्द्र पाल सिंह

एम्सतलवीन (नीदरलैंड) : अपनी गोलरक्षक सविता और बिच्छू देवी खरीबम के आखिरी दो क्वॉर्टर में बेहतरीन बचावों की बदौलत भारत ने इंग्लैंड के दनादन हमलों को रोक उसे पूल डी के तीसरे और आखिरी मैच में गोलरहित बराबरी पर रोक कर पांच अंकों के साथ उसे गोल अंतर में पीछे छोड़ कर 16 वें महिला हॉकी विश्व कप के दूसरे चरण में स्थान बना लिया। भारत ने चीन से अपना मैच दो दो गोल से तथा इंग्लैंड से अपना मैच गोलरहित ड्रॉ खेले और दक्षिण अफ्रीका को 6-1से हराया।
भारत की पुरुष हॉकी टीम बुधवार को पाकिस्तान पर 5-3 की जीत से पहले ही दूसरे चरण में पहुंच चुकी है।

भारत को यह मैच ड्रा करने मं कप्तान सलीमा टेटे के बतौर रशर आधा दर्जन बचाव भी अहम रहे। इंग्लैंड की टिसा हॉवर्ड को 30 वें मिनट पीला कार्ड दिखाकर बाहर भेजा गया बावजूद इसके उसने हमले जारी रखे।
भारत की महिला हॉकी टीम अब पूल ए की विजेता नीदरलैंड से यहां 24 घंटे बाद नीदरलैंड से भिड़ेगा। भारत की महिला टीम का नीदरलैंड के खिलाफ बड़ा इम्तिहान होगा।

भारत की टीम शुरू के दोक्वॉर्टर में इंग्लैंड की टीम बाद के शुरू केक्वॉर्टर में हावी रही। भारत के खिलाफ इंग्लैंड के खिलाफ 12 पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारत की दोनों गोलरक्षकों ने गजब के बचाव कर यह अपनी टीम को यह मैच ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई जबकि भारत को इससे आधे पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन उसकी पेनल्टी कॉर्नर हिटर नवनीत कौर और ड्रैग फ्लिकर दीपिका सहरावत के निशाने लक्ष्य चूक गए।

सुनीलिता टोपो, ललरेमसियामी, नवनीत कौर , बलजीत कौर, दीपिका सहरावत ने तालमेल से खेलते हुए शुरू के आठ मिनट में तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन इसमें एक को भी गोल में हीं बदल पाई। भारत की कप्तान सलीमा टेटे ने दाएं से डी में पहुंच कर दूसरे क्वॉर्टर के अधबीच जोरदार वाली जमाई लेकिन इंग्लैंड की गोलरक्षक मिरियम प्रिचर्ड ने रोक कर अपनी टीम को पिछड़ने से बचाया। भारत और इंग्लैंड को हाफ टाइम से पहले चार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन कोई भी टीम इसे गोल में नहीं बदल पाई।

भारत को मैच के शुरू में तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन शुरू के दो पर नवनीत कौर के शॉट को इंग्लैंड की गोलरक्षक मिरियम प्रिचर्ड ने रोका और तीसरे पर दीपिका सहरावत के ड्रैग फ्लिकर पर गेंद गोल के करीब से बाहर निकल गई। इंग्लैंड को आठवें मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस भारत की गोलरक्षक सविता ने रोका। इंग्लैंड की सोफी हैमिल्टन अगले मिनट में बाएं से तेजी से भारत की डी में पहुंची लेकिन हड़बड़ी गलत निशाना जमा मौका चूक गई। नवनीत कौर से दाएं गेंद को कब्जे में लेकर कप्तान सलीमा टेटे को दिया लेकिन बलजीत कौर ने डी में कमजोर शॉट जमा गोल करने का मौका गंवा दिया। सलीमा टेटे को गलत ढंग से रोकने पर भारत को मैच का चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला और इसे पर दीपिका के फ्लिक को इंग्लैंड की गोलरक्षक मिरियम प्रिचर्ड ने रोक कर अपनी टीम पर आया खतरा टाला। डार्सी बर्न ने मैच के 27 वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को भारत की गोलरक्षक बिच्छू देवी ने रोका। इंग्लैंड को अगले मिनट एक और पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन इसे भारत की रशर ने रोका। इंग्लैंड की टिसा हावर्ड को रफ खेल के लिए हाफ टाइम से ठीक पहले पीला कार्ड दिखाकर अंपायर ने मैदान से बाहर भेजा। हाफ टाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई।

भारत को तीसरे क्वॉर्टर के शुरू में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन दूसरे पर नवनीत कौर के शॉट को अंडर कटिंग कर अमान्य कर दिया। इंग्लैंड को लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारत की गोलरक्षक सविता ने चारों अच्छे पूर्वानुमान लगाते हुए रोक और इसमें भी कोई गोल नहीं हुआ। इंग्लैंड की टीम तीसरे क्वॉर्टर में हावी रही। चौथे क्वॉर्टर में इंग्लैंड ने 11 वें और 12 वें पेनल्टी कॉर्नर को बिच्छू देवी खरीबम ने रोक कर बेकार किया। इंग्लैंड ने अपनी पूरी ताकत गोल करने पर लगा दी और आखिरी पांच मिनट में गोलरक्षक को भी बाहर निकाल लिया लेकिन भारत की मजबूत किलेबंदी के सामने वह गोल करने में नाकाम रहा और मैच ड्रॉ हो गया।

मैं अपनी टीम की रक्षापंक्ति से खुश हूं : मराइन
भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने कहा, ‘मैं अपनी टीम के दूसरे चरण में पहुंचने से बहुत खुश हूं। हमने मैच में अच्छा आगाज किया। नवनीत कौर और दीपिका के पेनल्टी कॉर्नर पर निशाने लक्ष्य चूके। मैं अपनी रक्षापंक्ति की मस्तैदी से खुश हूं हमें अब शुक्रवार को नीदरलैंड से भिड़ना है। मैंने अपनी खिलाड़ियों से बस यही कहा कि खासतौर पर डी में शॉट लेते और पेनल्टी कॉर्नर पर थोड़ा धैर्य दिखाकर निशाने लगाए। सबसे दिलचस्प बात यह है कि नीदरलैंड के कोच मेरे बढ़िया दोस्त बिजनेस पार्टनर हैं। यह हम कल ऑरेंज यानी केसरिया जर्सी में खेलेंगे और दर्शक हमारी भारतीय टीम के समर्थन के लिए मैदान पर जुटेंगे जबकि नीदरलैंड की टीम नीली जर्सी में खेलगी। हमारा दूसरे चरण में पहुंचने का सफर उतार चढ़ाव भरा रहा। मेरी टीम की खिलाड़ियों को बस यही सलाह है कि जब गोल की स्थिति में हों तो हड़बड़ी न दिखा धैर्य से पूरा फोकस कर शॉट ले। हमारी 11 लड़कियों का यह पहला विश्व कप है और इस लिहाज से हमारा दूसरे चरण में पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है।‘

चीन ने द अफ्रीका को हरा शीर्ष स्थान पाया
मीरोंग जू के दो और जिया की जोंग, अनहुई यू तथा यी चेन के एक एक गोल की बदौलत चीन की महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका को यहां 5-1से हरा कर पूल डी में दो जीत और एक ड्रॉ से साथ साथ अंक ले शीर्षस्थान पाया। पराजित दक्षिण अफ्रीका के लिए इकलौता गोल पेरिस गेल इसाक ने पहले दूसरे क्वॉर्टर में पेनल्टी कॉर्नर पर दागा।