सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : 2020 के टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता भारत की मीराबाई चानू ने नगोया में एशियाई खेलों में महिला भारोत्तोलन स्पर्द्धा के 49 किलोग्राम वर्ग में बुधवार को कुल 198 कि.ग्रा. ( स्नैच में 87 कि.ग्रा. तथा क्लीन व जर्क में 111 कि.ग्रा.) वजन उठा कर रजत पदक जीता। मौजूदा एशियाई खेलों व विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया की री सोंग-गम ने कुल 215 कि.ग्रा. वजन (स्नैच में 94 कि.ग्रा. व क्लीन व जर्क में 121 87 कि.ग्रा.) ने इस वजन वर्ग में नया विश्व रिकॉर्ड बना कर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। इंडोनेशिया की लुलुक डियाना त्रि विजयाना ने कुल 191 कि.ग्रा.( स्नैच में 88 कि.ग्रा. और क्लीन व जर्क में 103 कि.ग्रा.) ने कांसा जीता।
भारत का एशियाई खेलो में 28 बरसों में भारोत्तोलन में यह पहला पदक है। भारत के लिए एशियाई खेलों में इससे पहले कर्णम मालेश्वरी ने बैंकॉक एशियाई खेलों में 1998 में भारोत्तोलन में 63 कि.ग्रा.वजन वर्ग में रजत पदक जीता था। भारत की मीराबाई चानू 2023 में हांगजू एशियाई खेलों में क्लीन व जर्क में अपने आखिरी प्रयास में चोटिल होने के चलते चौथे स्थान पर रहकर पदक जीतने से चूक गई थी।
भारत की भारत की मीराबाई चानू ने बुधवार को एशियाई खेलों में महिला भारोत्तोलन स्पर्द्धा 49 किलोग्राम वजन वर्ग में स्नैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना किसी दिक्कत के 83कि.ग्रा.,85 कि.ग्रा.और 87 कि.ग्रा. वजन उठाया। मीराबाई क्लीन व जर्क में रि सोंग-गम और लुलुक डायना से पिछड़ी। मीराबाई ने क्लीन व जर्क में 107 कि.ग्रा.वजन उठा कर आगाज करने के बाद इससे बेहतर करते हुए 111 कि.ग्रा.वजन उठाया लेकिन तीसरी बार और वजन उठाने की कोशिश ही नहीं की।
ओलंपिक, विश्व व एशियन चैंपियनशिप व राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता मीराबाई चानू केवल एशियाई खेलों में इससे पहले पदक ही नहीं जीत पाई थी। मीराबाई चानू की बुधवार को नगोया में एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने के साथ एक अधूरी साध पूरी हो गई।
मीराबाई चानू ने बुधवार को रजत पदक जीतने के बाद कहा, ‘बेशक दबाव था लेकिन यह दबाव ऐसा भी नहीं था कि मैं एशियाई खेलों में पदक नहीं पाती। मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं पदक जीत सकती हूं। मेरे उस्तादों , सपोर्ट स्टाफ और लोगों को मुझसे उम्मीदें थी। मैंने यह सुनिश्चित किया कि मैं देश के लिए पदक जीतूं।‘
2026 के नगोया एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में भारत का चार सदस्यीय चल शिरकत कर रहा है । भारत की एक अन्य भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव 53 कि.ग्रा.वजन वर्ग में कुल 195 कि.ग्रा.(87कि.ग्रा.+108 कि.ग्रा.)में पदक जीतने में नाकाम रही। सीरम निरुपमा देवी (महिला 61 कि.ग्रा.)और हरजिंदर कौर (महिला 69 कि.ग्रा.) अब आगे एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में भारत की नुमाइंदगी करेंगी।





