सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : भारत के लिए 2018 में सीनियर अंतर्राष्ट्रीय हॉकी करियर का आगाज करने वाले 26 बरस के नौजवान आक्रामक सेंटर हाफ ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी मैच में खेलने उतरने के साथ देश के लिए 200 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाले खिलाडी बन गए। भारत के लिए 1975 के हॉकी विश्व कप फाइनल में विजयदाई गोल करने वाले दद्दा ध्यानचंद के सबसे काबिल बेटे अशोक कुमार सिंह के शागिर्द भारत की 2020 में जापान व 2024 में पेरिस ओलंपिक में कांसा जीतने वाली टीम के साथ 2023 में हांगजू एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और 2018 में जकार्ता में एशियाई खेलों में रजत तथा 2022 में राष्ट्रमंडल खेलों और 2018 में ब्रेडा में आखिरी चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीतने वाली टीम के अहम सेंटर हाफ रहे। 2021 में अर्जुन अवार्ड से नवाजे जा चुके विवेक सागर प्रसाद को उनके 200 वें अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने पर केसरिया जर्सी भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने बृहस्पतिवार को दी।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने कहा, ‘ विवेक सागर प्रसाद को भारत के लिए 200 वां अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने पर बधाई देने के साथ मैं यह कहूंगा कि यह उनकी निरंतरता, प्रतिबद्धता और भारतीय हॉकी के लिए जुनून का प्रमाण है। मैं उन्हें भविष्य में हॉकी में उनके और सुनहरे की कामना करता हूं।’
वहीं हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने कहा,‘विवेक सागरा का भारत के लिए सीनियर हॉकी में 200 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच खेलना भारतीय हॉकी व हॉकी इंडिया के लिए गौरव का क्षण है। यह विवेक की हॉकी यात्रा अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में उनकी मेहनत, अनुशासन का नतीजा है।





