मुंबई (अनिल बेदाग) : कुछ सफर मंजिल तक पहुंचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान बनाने के लिए तय किए जाते हैं। गुजरात के वलसाड जिले के वापी से मुंबई तक का ऐसा ही सफर तय करने वाले डॉ. खोजा ने वास्तु और ज्योतिष की दुनिया में अपने अध्ययन, शोध और वर्षों के अनुभव से एक खास मुकाम हासिल किया है। आज उनकी पहचान सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, दुबई, केन्या, मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों तक पहुंच चुकी है।
दो बार गोल्ड मेडल से सम्मानित और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके डॉ. खोजा वास्तु एवं ज्योतिष के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने नाड़ी ज्योतिष, वैदिक ज्योतिष, लाल किताब, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, फेस रीडिंग और वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी जैसे विषयों का गहन अध्ययन किया है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में डॉ. खोजा कई चर्चित हस्तियों के साथ मंच साझा कर चुके हैं। इनमें अभिनेता विवेक ओबेरॉय, अभिनेत्री डेज़ी शाह, गायक उदित नारायण और कुमार सानू, अभिनेत्री ईशा गुप्ता और संगीता बिजलानी, अभिनेता एवं होस्ट अनु कपूर तथा कॉमेडियन राजीव ठाकुर जैसे नाम शामिल हैं।
उनके करियर का एक उल्लेखनीय अनुभव केन्या की राजधानी नैरोबी से जुड़ा है। डॉ. खोजा के मुताबिक, वहां एक 20 मंजिला इमारत में लगातार हो रही नकारात्मक घटनाओं और मौतों के चलते लोग बेहद भयभीत थे। हालात ऐसे थे कि इमारत का केवल करीब पांच प्रतिशत हिस्सा ही आबाद था। डॉ. खोजा ने लगभग 25 दिनों तक वहां रहकर स्थिति का अध्ययन किया और कई वास्तु सुधारों की सलाह दी। उनके अनुसार, इसके बाद धीरे-धीरे परिस्थितियों में बदलाव आया और आज वह इमारत लगभग पूरी तरह आबाद है।
डॉ. खोजा की लोकप्रियता का एक अहम अध्याय रेडियो मिर्ची का ज्योतिष कार्यक्रम भी रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें देशभर के श्रोताओं से सीधे जुड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान उन्हें रोजाना 100 से अधिक कॉल प्राप्त होती थीं, जिनमें लोग व्यक्तिगत, पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन से जुड़े सवाल लेकर पहुंचते थे।
हाल ही में मलेशिया में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी डॉ. खोजा ने हिस्सा लिया, जहां दुनिया के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे वास्तु विशेषज्ञों, ज्योतिषाचार्यों और आध्यात्मिक विद्वानों के साथ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
वापी से शुरू हुआ उनका सफर आज भारत की सीमाओं को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। वास्तु और ज्योतिष के प्रति अध्ययन, अनुभव और निरंतर सक्रियता ने डॉ. खोजा को इस क्षेत्र में एक चर्चित नाम के रूप में स्थापित किया है।





