सुलगते सरोकार: देश में जानलेवा चाइनीज मांझे से आख़िर कब तक कटतीं रहेगी सांसों की डोर!

Burning Issue: How long will lives continue to be cut short by the deadly Chinese kite string in the country?

दीपक कुमार त्यागी

“देश में चाइनीज मांझे के साथ कुछ लोगों के द्वारा पतंगबाजी करने का शौक जानलेवा साबित हो रहा है। चाइनीज मांझे की बेहद मजबूत डोर के साथ जब कई किलोमीटर दूर से पतंग खुले आसमान में उड़ती है, तो आसमान में उड़ रहे पक्षी व धरा पर अन्य जीव-जंतुओं के साथ लोग भी चाइनीज मांझे की डोर की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं, कभी-कभी तो लोगों की जान तक भी चली जाती है, टू-व्हीलर चालक व सवार की तो एक क्षण में गर्दन तक कट जाने के कारण सांसों की डोर तक ही कट जाती है। शासन-प्रशासन के द्वारा प्रतिबंधित होने के बाद भी जानलेवा चाइनीज मांझे को बनाने वाले लोग, मांझे को बेचने वाले लोग और पतंगबाजी करने वाले लोग सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, मकर संक्रांति से बसंत पंचमी आदि के बीच में तो देश भर में पतंगबाजों का जानलेवा चाइनीज मांझे के साथ पतंग उड़ाने का शौक किसी घर के चिराग तक को बुझा देता है और इस घटना की परिस्थिति ऐसी होती है कि पुलिस प्रशासन उस दोषी व्यक्ति की पहचान करने में अक्सर पूरी तरह से ही विफल रहता है।”

चाइनीज मांझे ने एकबार फिर से गाजियाबाद में एक घर के चिराग को हमेशा-हमेशा के लिए बुझाने का दुखद कार्य कर दिया है। यह दुखद घटना उत्तर प्रदेश के पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ हाईवे एनएच 9 पर उस वक्त घटी जब नोएडा के बहरामपुर में रह रहे मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के निवासी 25 वर्षीय रवि राज दोस्त नरेश के साथ बाइक से नोएडा से गाजीपुर जा रहे थे, हाईवे पर तेज रफ्तार बाइक जब कौशांबी थाना क्षेत्र में पहुंची तो बाइक चला रहे रवि राज के गले में चाइनीज मांझा फंस गया, तेज़ धारदार चाइनीज मांझे ने चंद सेकेंड में ही रवि राज की गर्दन को गले की हड्डी तक काटकर के लटका दिया, बड़ी मुश्किल से पीछे बैठे नरेश ने बाइक को नियंत्रित करके हाईवे के किनारे लगाकर के अपनी जान बचाई और राहगीरों ने भी तत्काल मदद करते हुए रवि राज की गर्दन पर कपड़ा लपेटकर बहते हुए खून को रोकने का प्रयास करते हुए, रवि राज को निकटवर्ती वैशाली स्थिति निजी हॉस्पिटल में लेकर के गये, जहां पर डॉक्टरों ने रवि राज को मृत घोषित कर दिया। इससे पहले भी दिल्ली, गाजियाबाद, एनसीआर व देश के विभिन्न हिस्सों में चाइनीज मांझे की मौत की मज़बूत डोर की चपेट में आकर के इस तरह के कई दर्दनाक हादसे घटित हो चुके हैं, लेकिन फिर भी प्रतिबंध के बाद भी चाइनीज मांझा पतंगबाजों की आसानी से पहुंच में उपलब्ध है।

“जबकि उदाहरण के लिए गाजियाबाद के ही कुछ आकांडो की बात करें तो विगत तीन वर्षों में चाइनीज मांझे को लेकर के विभिन्न थानों में पुलिस ने मांझे की बिक्री व भंडारण करने वालों के खिलाफ लगभग 18 मामले दर्ज किये हैं, वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की हजारों रील जब्त करने का दावा किया है, हाल ही में 29 जुलाई 2026 को लोनी में दो लोगों को भारी मात्रा में चाइनीज मांझे के साथ गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें नियमानुसार थाने से ही जमानत मिल गई थी।”

कानून के नजरिए से देखें तो देश में चाइनीज मांझे पर कोई सख्त स्पष्ट रूप से कानून बना हुआ नहीं है। देश के मौजूदा कानून, न्यायालय व एनजीटी के निर्णयों के अनुसार इस कृत्य में सजा के प्रावधान है। मानव, पक्षी, जीव-जंतुओं आदि के जीवन के लिए ख़तरा बने चाइनीज मांझे के साथ पतंगबाजी करना देश में अब पूरी तरह से प्रतिबंधित है और यह कृत्य आपको जेल की सलाखों के पीछे तक भी पहुंचा सकता है। चाइनीज़ मांझे का प्रयोग पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 का उल्लंघन है, जिसके लिए 5 साल तक की कैद या 1 लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है। चाइनीज मांझे से हादसे में किसी की मौत होने पर हत्या का मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, वहीं मांझे की बिक्री और भंडारण करने वालों पर पुलिस बीएनएस की धारा 223बी, 125 के तहत कार्रवाई करती है। चाइनीज़ मांझे के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में जल्द ही सख्त नया कानून आने की उम्मीद है, इस नए कानून में पीड़ितों को मुआवजा देने का भी प्रावधान होगा। वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2017 में कांच की कोटिंग वाले सिंथेटिक धगे के निर्माण, बिक्री और सप्लाई पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन फिर चाइनीज मांझे का निर्माण, भंडार, बिक्री व पतंगबाजी में उपयोग करने वाले लोग सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं, पुलिस को उन पर लगाम लगानी होगी। वहीं पुलिस को भी चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों की तह तक जाना भी सीखना होगा और दोषियों पर कानून का सख्त शिकंजा कसना होगा, तब देश में मानव, बेजुबान पक्षी व जीव-जंतुओं की चाइनीज मांझे की चपेट में आकर के होने वाली असमय मौतों पर लगाम लग सकेगी।