माँ पीताम्बरा बगलामुखी का महायज्ञ कल्पवृक्ष के समान है : श्रीमहन्त यति रणसिंहानन्द गिरी महाराज

Mahayagya of Maa Pitambara Baglamukhi is like Kalpavriksha: Shri Mahant Yeti Ranasimhanand Giri Maharaj

रविवार दिल्ली नेटवर्क

मेरठ : चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर 19 मार्च 2026 से मेरठ स्थित शिव शक्ति धाम बाबा सीताराम कुटी मन्दिर में माँ पीताम्बरा बगलामुखी का दिव्य महायज्ञ प्रारम्भ होगा, जिसकी पूर्णाहुति 27 मार्च 2026 को सम्पन्न होगी। इसी दिन विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।

महामंडलेश्वर गुरुदेव यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के आशीर्वाद से उनके शिष्य एवं शिव शक्ति धाम बाबा सीताराम कुटी मन्दिर के महंत यति रणसिंहानन्द गिरी महाराज ने आज पत्रकार बन्धुओं को जानकारी देते हुए बताया कि यह महायज्ञ सनातन धर्म की रक्षा और सनातन धर्म के शत्रुओं के समूल विनाश के लिए , राष्ट्र, धर्म एवं समाज की शांति, सुरक्षा और कल्याण के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

श्रीमहन्त यति रणसिंहानन्द गिरी महाराज ने माँ बगलामुखी की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ पीताम्बरा बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक प्रमुख शक्ति स्वरूपा हैं, जो शत्रु बाधा, नकारात्मक शक्तियों और अन्याय का नाश कर भक्तों की रक्षा करती हैं। माँ बगलामुखी की साधना से वाणी, बुद्धि और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है तथा जीवन में स्थिरता, साहस और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ती नकारात्मकता, मानसिक अशांति, सामाजिक संघर्ष और आध्यात्मिक कमजोरी को दूर करने के लिए महायज्ञ अत्यंत आवश्यक है। वैदिक परंपरा में यज्ञ को वातावरण शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा के संचार तथा लोककल्याण का सर्वोत्तम माध्यम माना गया है। महायज्ञ के माध्यम से सामूहिक प्रार्थना और वैदिक मंत्रों की शक्ति से समाज में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।

महायज्ञ की विशेषताओं के बारे में बताते हुए श्रीमहन्त जी ने कहा कि इस आयोजन में वैदिक विधि-विधान से माँ बगलामुखी की विशेष पूजा, हवन, अनुष्ठान एवं मंत्र जाप किया जाएगा। नौ दिनों तक यज्ञ, दुर्गा सप्तशती पाठ, साधना एवं भक्तों के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति एवं कष्टों से मुक्ति हेतु यज्ञ में आहुति देकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर माँ बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया।