हॉकी इंडिया ने ओलंपियन गुरबख्श सिंह गरेवाल के निधन पर शोक जताया

Hockey India condoles the demise of Olympian Gurbaksh Singh Grewal

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : 1968 के मैक्सिको ओलंपिक में कांसा जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के तेज तर्रार स्ट्राइकर रहे गुरबख्श सिंह गरेवाल नहीं रहे। वह 84 बरस के थे। उनका शुक्रवार को जिरकपुर, चंडीगढ़ में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया ।हॉकी इंडिया ने ओलंपियन गुरबख्श सिंह गरेवाल के निधन पर शोक जताया है।उनका जन्म 1 अप्रैल, 1942 को लायलपुर(अब फैसलाबाद पाकिस्तान) में हुआ था। गुरबख्श सिंह गरेवाल और उनके भाई बलबीर सिंह गरेवाल एक ही ओलंपिक में भारत के साथ साथ खेले। गुरबख्श सिंहग्रेवाल हॉकी में अपना करियर तलाशने के मकसद 20 वर्ष की आयु में मुंबई चले गए और पश्चिम रेलवे की हॉकी में नुमाइंदगी कर मैदान और उसके बाहर खास जगह मुकाम बनाया।

हॉकी से रिटायर होने के बाद बरसों तक हॉकी में कोच के रूप में अपना योगदान देने के साथ मुंबई की कई हॉकी टीमों का मार्गदर्शन किया। वह मुंबई हाकी संघ के मानद सचिव रहे और वहा हॉकी के विकास में प्रशासनिक तौर पर अहम भूमिका अदा की। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने गुरबख्श सिंह गरेवाल के निधन पर शोक जताते हुए कहा, ‘भारतीय हॉकी गुरबख्श सिंह गरेवाल भारत की मैक्सिको ओलंपिक में कांसा जीतने वाली टीम के अहम सदस्य थे और खेल के सच्चे सेवक थे। उनका योगदान प्रशंसनीय रहा। उनका हॉकी के प्रति जुनून और आनी वाली पीढ़ियों के पोषण के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रहेगा। हॉकी इंडिया की ओर से, मैं इस दुख की घड़ी में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना जताता हूं।’