मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और संकल्प के नाम

12 years of Modi government in the name of service, good governance and determination

संदीप त्यागी

“नरेन्द्र मोदी सरकार के बारह वर्षों का यह कालखंड सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को समर्पित रहा है।”

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में वर्ष 2014 से प्रारम्भ हुई यात्रा ने देश के विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया है। पिछले 12 वर्षों में भारत ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा।

इन वर्षों में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए। आधुनिक एक्सप्रेस-वे, वंदे भारत ट्रेनें, नए हवाई अड्डे, डिजिटल कनेक्टिविटी और ग्रामीण सड़कों के विस्तार ने विकास की गति को तेज किया। भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

डिजिटल क्रांति के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने का प्रयास किया गया। जन धन खाते, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), UPI भुगतान प्रणाली और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं ने करोड़ों नागरिकों के जीवन को सरल बनाया है।

सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में गरीबों के लिए आवास, शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं के सशक्तिकरण, किसानों के हितों और युवाओं के रोजगार एवं कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है। आज भारत विश्व मंच पर एक प्रभावशाली और निर्णायक राष्ट्र के रूप में देखा जाता है। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका पहले की अपेक्षा अधिक सशक्त हुई है।

वर्ष 2026 तक की यह 12 वर्षीय यात्रा केवल सरकार के कार्यकाल का विवरण नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है। चुनौतियाँ अभी भी हैं, लेकिन उपलब्धियों और प्रयासों के आधार पर भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।