रविवार दिल्ली नेटवर्क
हिंदी लघुकथा जगत की प्रतिष्ठित साहित्यिक प्रतियोगिताओं में शुमार अखिल भारतीय कथादेश लघुकथा प्रतियोगिता-18 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। यह प्रतियोगिता कथादेश पत्रिका तथा लघुकथा डॉट कॉम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। देशभर से प्राप्त बड़ी संख्या में प्रविष्टियों में से चयनित रचनाओं ने समकालीन हिंदी लघुकथा की सशक्त उपस्थिति और उसकी निरंतर विकसित होती रचनात्मक ऊर्जा को रेखांकित किया है।
प्रतियोगिता में अक्षत यादव की लघुकथा को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया है। द्वितीय पुरस्कार महावीर राजी की रचना को तथा तृतीय पुरस्कार रचना श्रीवास्तव की लघुकथा को प्रदान किया गया है। निर्णायकों ने इन रचनाओं को कथ्य, शिल्प, भाषा और समकालीन सरोकारों की दृष्टि से उत्कृष्ट माना है।
इस प्रतियोगिता में रविवार दिल्ली से जुड़े रचनाकारों की उपस्थिति भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। रविवार दिल्ली की नियमित लेखिका पूजा अग्निहोत्री की लघुकथा को प्रतियोगिता में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनकी रचनात्मक प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि समकालीन लघुकथा लेखन में उनकी सशक्त भागीदारी को भी रेखांकित करती है।
इसके अतिरिक्त, रविवार दिल्ली से जुड़े लेखक संदीप तोमर की लघुकथा का भी अखिल भारतीय कथादेश लघुकथा प्रतियोगिता-18 में चयन हुआ है। देशभर से प्राप्त सैकड़ों प्रविष्टियों के बीच उनकी रचना का चयन होना एक महत्वपूर्ण साहित्यिक उपलब्धि माना जा रहा है। संदीप तोमर लंबे समय से कविता, कहानी, उपन्यास, व्यंग्य और लघुकथा जैसी विभिन्न विधाओं में सक्रिय हैं तथा उनकी रचनाएँ अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं।
उल्लेखनीय है कि संदीप तोमर को इससे पूर्व वर्ष 2025 में प्रतिष्ठित राजेंद्र यादव हंस लघुकथा सम्मान 2025 से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान हिंदी लघुकथा के क्षेत्र में उनके योगदान और रचनात्मक प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है। कथादेश प्रतियोगिता में उनकी नवीन उपलब्धि ने उनके साहित्यिक सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।
रविवार दिल्ली परिवार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सम्मानित एवं चयनित सभी रचनाकारों—अक्षत यादव, महावीर राजी, रचना श्रीवास्तव, पूजा अग्निहोत्री तथा संदीप तोमर—को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करता है। साथ ही यह विश्वास व्यक्त करता है कि उनकी रचनात्मक ऊर्जा हिंदी साहित्य, विशेषकर लघुकथा विधा, को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।
समकालीन हिंदी साहित्य में लघुकथा की बढ़ती लोकप्रियता और पाठकीय स्वीकार्यता के बीच ऐसे आयोजन नए और स्थापित दोनों प्रकार के रचनाकारों को मंच प्रदान करते हैं। अखिल भारतीय कथादेश लघुकथा प्रतियोगिता-18 के परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि हिंदी लघुकथा आज भी अपने समय के प्रश्नों, संवेदनाओं और सामाजिक यथार्थ को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने की क्षमता रखती है।





