के. सी. त्यागी बने ‘राष्ट्रीय लोकदल’ संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी बने सदस्य

K.C. Tyagi has become the Chairman of the 'Rashtriya Lok Dal' Parliamentary Board, while Union Minister and Rashtriya Lok Dal President Jayant Chaudhary has become a member

दीपक कुमार त्यागी

  • के. सी त्यागी के लंबे राजनीतिक व संसदीय अनुभव का राष्ट्रीय लोकदल को मिलेगा लाभ
  • अपनी बेबाक शैली से देश भर में किसानों नौजवानों को एकजुट करके राष्ट्रीय लोकदल से जोड़ने में लगे हुए हैं दिग्गज राजनेता के. सी. त्यागी

दिल्ली : राष्ट्रीय लोक दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में संसदीय बोर्ड के गठन का प्रस्ताव पूर्व में पारित किया गया था। जिस पारित प्रस्ताव के अनुरूप अब 30 जून 2026 को राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने 20 सदस्यों वाले संसदीय बोर्ड का गठन की घोषणा की है। देश की राजनीति में बेहद अहम विशिष्ट स्थान रखने वाले दिग्गज राजनेता पूर्व सांसद के.सी. त्यागी को राष्ट्रीय लोकदल के संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सबसे बड़ी बात यह है कि संसदीय बोर्ड के 15 सदस्यों में स्वयं जयंत चौधरी राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकदल व केंद्रीय मंत्री शामिल हैं, इस कमेटी में उनके साथ-साथ मेजर जनरल बिशम्बर दयाल वीएसएम सेवानिवृत्त हरियाणा, तारीफ सिंह पूर्व सांसद, मुंशी राम पूर्व सांसद, अशोक यादव पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश, मलूक नागर पूर्व सांसद, राजकुमार सांगवान सांसद बागपत एवं नेता सदन लोकसभा, राजपाल बलियान विधायक एवं नेता सदन उत्तर प्रदेश, अब्दुर सगीर खान पूर्व विधायक राजस्थान, योगेश चौधरी विधान परिषद सदस्य एवं नेता सदन, सुभाष गर्ग विधायक राजस्थान, यशपाल बघेल आगरा, अनिल दुबे लखनऊ, रमा नागर मुजफ्फरनगर व बबीता तोमर चेयरमैन बड़ौत को शामिल किया गया है। वहीं 4 को विशेष आमंत्रित सदस्य की जिम्मेदारी दी गयी है जिसमें युद्धवीर सिंह किसान नेता दिल्ली, विजय पूनिया राजस्थान, सुखबीर गठीना उत्तर प्रदेश व चंद्रबली यादव उत्तर प्रदेश से शुमार हैं।

यहां आपको बता दें कि भारतीय राजनीति में के.सी. त्यागी का एक बेहद सम्मानजनक व अहम स्थान है, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री व किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की राजनीति की पाठशाला से राजनीति के दांव-पेंच सीखें हैं। के.सी. त्यागी को धरातल की राजनीति व संसदीय व्यवस्था का दशकों का लंबा अनुभव है। वह समय-समय पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ देश भर में बहुत सारे राजनेताओं व आम और खास वर्ग के लोगों के संकटमोचक भी रहे हैं, जो स्थिति उनके प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाती है। वहीं के.सी. त्यागी की समाजवादी पुरोधा के रूप में एक विशिष्ट पहचान है। के.सी. त्यागी की आम जनमानस, गरीब, किसान, नौजवान, क्षेत्रीय मुद्दों, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर जबरदस्त पकड़ है। उनकी जैसी दमदार राजनीतिक शैली भारतीय राजनीति के गलियारों में अब तो बामुश्किल ही देखने को मिलती है। वैसे भी के.सी. त्यागी की गिनती देश के राजनीतिक गलियारों में शानदार व्यक्तित्व के धनी, बेहद मिलनसार, विद्वान, विचारधारा को पूरी तरह से समर्पित रहने वाली दमदार शख्सियत के रूप में होती है। के.सी. त्यागी दमदार कार्यशैली, बेबाकी व तथ्यात्मक विचारों के चलते ही मीडिया के साथ-साथ, खास व आम वर्ग के जनमानस के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। वह भारतीय राजनीति में दलगत सीमाओं को तोड़ने वाली शख्सियत हैं। जिसका लाभ के.सी. त्यागी को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर राष्ट्रीय लोकदल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों एनडीए गठबंधन को अवश्य मिलेगा।